एक्सप्लोरर

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

नई दिल्लीः टाटा मोटर्स की नई पेशकश ‘हैक्सा’ 18 जनवरी को लॉन्च हो चुकी है. लॉन्च के बाद यह टाटा कारों की रेंज में आरिया एमपीवी की जगह लेगी. आरिया के मुकाबले यह ज्यादा अच्छी दिखती है, इस में ज्यादा फीचर मिलेंगे और इसका फोर-व्हील ड्राइव सिस्टम इसे कैसे भी रास्तों से निकल जाने की काबिलियत देगा.

यहां हम चर्चा करेंगे टाटा हैक्सा से जुड़ी उन पांच बड़ी बातों की जो इसे आरिया से अलग बनाती है, आइए जानते हैं इनके बारे में...

1. डिजायन टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

शुरूआत करते हैं इनके डिजायन से... टाटा आरिया का डिजायन काफी हद तक पारंपरिक एमपीवी जैसा था, जबकि हैक्सा इस मामले में कुछ हटकर है. हैक्सा में इंपेक्ट डिजायन थीम का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी बदौलत यह एक दमदार क्रॉसओवर जैसी लगती है. यह आरिया से ऊंची है, इसमें नई हैक्सागोनल ग्रिल, स्मोक्ड-आउट प्रोजेक्टर हैडलैंप्स, होरिजोंटल एलईडी डे-टाइम रनिंग लैंप्स, मैट-ब्लैक क्लेडिंग और 19 इंच के व्हील दिए गए हैं. पीछे की तरफ ध्यान दें तो यहां हैक्सा में दो भागों में बंटी वर्टिकल डिजायन वाले पतले टेललैंप्स दिए गए हैं.

2. केबिन टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

अब आते हैं केबिन की तरफ... टाटा हैक्सा का केबिन काफी प्रीमियम फील होता है. इसका डैशबोर्ड, हैडलैंप्स स्विच और टि्वन ग्लोवबॉक्स टाटा की आरिया से लिए गए हैं लेकिन इनकी फिनिशिंग और फिटिंग में काफी बदलाव के बाद हैक्सा में इस्तेमाल किया गया है. टाटा हैक्सा का केबिन ऑल-ब्लैक कलर थीम में है. आरिया के मुकाबले सेंटर कंसोल का डिजायन और फ्लो साफ-सुथरा है. सेंटर कंसोल में 5 इंच का टचस्क्रीन कनेक्टनेक्स्ट इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया गया है. इसमें रिवर्स पार्किंग कैमरा डिस्प्ले और नेविगेशन की सुविधा मिलेगी. मनोरंजन के लिए 10 स्पीकर और 320 वॉट वूफर वाला जेबीएल का म्यूजिक सिस्टम भी इस में लगा है. हैक्सा में दिया गया ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी नया है, लेकिन बी और सी पिलर पर टाटा आरिया की तरह ही एसी वेंट दिए गए हैं. टाटा हैक्सा में फ्लोर माउंटेड रियर एयर कंडिशनिंग और दूसरी पंक्ति में क्विक चार्ज फीचर वाला 12 वोल्ट का पावर सॉकेट दिया गया है.

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

केबिन में सबसे बड़ा अंतर सीटों के तौर पर देखने को मिलेगा. टाटा हैक्सा को 6-सीटर ले-आउट दिया गया है,  इसमें प्रीमियम लैदर अपहोल्स्ट्री का इस्तेमाल हुआ है. नए स्टीयरिंग व्हील पर भी लैदर कवर चढ़ाया गया है. इस में नए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ टीएफटी स्क्रीन और एम्बिएंट लाइटिंग जैसे फीचर जोड़े गए हैं.

3. इंजन और गियरबॉक्स

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

हैक्सा के बेस वेरिएंट एक्सई में आरिया वाला ही 2.2 लीटर का डीज़ल इंजन लगा है, इसकी पावर 150 पीएस और टॉर्क 320 एनएम है. हैक्सा के मिड वेरिएंट एक्सएम और एक्सएमए और टॉप वेरिएंट एक्सटी, एक्सटीए और एक्सटी 4x4 में भी यही इंजन थोड़े बदलाव के साथ दिया गया है, इसकी पावर 156 पीएस और टॉर्क 400 एनएम है. यही इंजन टाटा की सफारी स्टॉर्म में भी दिया गया है.

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

टाटा आरिया में यह इंजन 5-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ दिया गया है, जबकि हैक्सा में यह इंजन 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस है. इस में आरिया के मुकाबले ज्यादा टॉर्क मिलेगा. टाटा हैक्सा में 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प भी मिलेगा.

4. सुपर ड्राइव मोड

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

टाटा हैक्सा में चार ड्राइव मोड, ऑटो, कंफर्ट, डायनामिक और रफ-रोड दिए गए हैं, ड्राइवर अपनी जरूरत के हिसाब से किसी भी मोड में कार चला सकता है. ड्राइव मोड स्लेक्ट करने के लिए इसमें रोटरी नोब दी गई है. ऑटो और रफ-मोड में कार ऑल-व्हील यानी सभी पहियों पर पावर सप्लाई करती है, जबकि बाकी दो मोड में केवल पिछले पहियों पर ही पावर सप्लाई होती है. बात करें टाटा आरिया की तो इसमें ‘एडेप्टेरा’ 4x4 सिस्टम दिया गया है, जो केवल ऑटो मोड में काम करता है.

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

5. सेफ्टी

सेफ्टी के मामले में टाटा आरिया अच्छी थी, लेकिन हैक्सा में टाटा एक कदम आगे गई है. सेफ्टी के लिए टाटा हैक्सा में छह एयरबैग, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रेक्शन कंट्रोल जैसे फीचर दिए गए हैं.

टाटा हैक्सा vs टाटा आरिया, जानिये वे 5 बड़ी बातें जो इन्हें बनाती है एक-दूसरे से अलग

इस में हिल असेंट और डिसेंट कंट्रोल टेक्नोलॉज़ी का इस्तेमाल भी किया गया है. कार को स्लिप होने से बचाने और सड़क पर इसका नियंत्रण बनाए रखने के लिए इस में नए इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ईएसपी) का इस्तेमाल किया गया है. इनके अलावा इसमें इंजन ड्रैग टॉर्क कंट्रोल, कॉर्नर स्टेबिलिटी कंट्रोल और हाइड्रॉलिक ब्रेक असिस्ट जैसे फीचर भी दिए गए हैं. ये सारे फीचर हैक्सा को एक दमदार ऑफरोडर बनाते हैं.
सोर्स: कार देखो डॉट कॉम
Source: cardekho.com 
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Petrol-Diesel Rate: आ गया आज का पेट्रोल-डीजल रेट, कहीं 115 तो कहीं 113 रुपये के पार पहुंची कीमत
आ गया आज का पेट्रोल-डीजल रेट, कहीं 115 तो कहीं 113 रुपये के पार पहुंची कीमत
Buy Now-Pay Later का असली सच क्या है, ये स्मार्ट शॉपिंग टूल है या कर्ज का नया जाल? जानिए
Buy Now-Pay Later का असली सच क्या है, ये स्मार्ट शॉपिंग टूल है या कर्ज का नया जाल? जानिए
Kunal Shah Net Worth: कैसे होती है WhatsApp की कमाई? इसके नए हेड कुणाल शाह के पास कितनी है दौलत? जीरो गिनते रह जाएंगे आप
कैसे होती है WhatsApp की कमाई? इसके नए हेड कुणाल शाह के पास कितनी है दौलत? जीरो गिनते रह जाएंगे आप
सिद्धांतों पर आधारित निवेश का नया दौर, जानिए कैसे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं सात्विक, शरिया और ईएसजी इंडेक्स
सिद्धांतों पर आधारित निवेश का नया दौर, जानिए कैसे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं सात्विक, शरिया और ईएसजी इंडेक्स

वीडियोज

Ram Mandir Donation Scam | Investigation | Ayodhya: SIT की Report में क्या है?
Ram Mandir Donation Theft | Janhit: राम मंदिर चंदा 'चंपत' करने वाले चंपत राय हैं?
Bilauti Mahapanchayat | Bharat Tiwari Encounter: एनकाउंटर फर्जी या असली? | Bihar | Samrat Chaudhary
Ram Mandir Donation Theft | Akhilesh Yadav | Sandeep Chaudhary: राम नाम की लूट, किसने दी छूट?
Ram Mandir Donation Scam |Abp Report:1 श्रद्धालु, सिर्फ 15 रुपये दान? गले नहीं उतरी ट्रस्ट की कहानी!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फर्जी एनकाउंटर, महापंचायत और FIR…, भरत तिवारी केस में घिरी सम्राट सरकार, इंसाफ मांग रहा बिहार
फर्जी एनकाउंटर, महापंचायत और FIR…, भरत तिवारी केस में घिरी सम्राट सरकार, इंसाफ मांग रहा बिहार
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
'कहीं किसी को बचाने की कोशिश तो नहीं?' राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों ने क्या कुछ कहा?
होमी अदजानिया की 'कॉकटेल 2' ने बनाया दीवाना? तो ओटीटी पर देख डालें निर्देशक की ये शानदार फिल्में-सीरीज
होमी अदजानिया की 'कॉकटेल 2' ने बनाया दीवाना? तो ओटीटी पर देख डालें निर्देशक की ये शानदार फिल्में-सीरीज
एक देश, 3 टीमें... पूरी तरह से बदल जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट! PCB उठाने जा रहा बड़ा कदम
एक देश, 3 टीमें... पूरी तरह से बदल जाएगा पाकिस्तान क्रिकेट! PCB उठाने जा रहा बड़ा कदम
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
पश्चिम बंगाल में गोदाम ढहने से 4 की मौत, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी; 3 आरोपी अरेस्ट
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार
Explained: फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो से लेकर मेसी और गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स का कैसे चला जादू?
फीफा में दहाड़े 'बूढ़े शेर'! रोनाल्डो, मेसी से गॉर्डन तक, 40 से ज्यादा उम्र के 8 प्लेयर्स चमके!
कैलाश पर्वत पर आखिर क्यों नहीं चढ़ सका कोई इंसान, चीन की सरकार ने क्यों इसे किया है बैन?
कैलाश पर्वत पर आखिर क्यों नहीं चढ़ सका कोई इंसान, चीन की सरकार ने क्यों इसे किया है बैन?
Embed widget