एक्सप्लोरर

Russia vs Ukraine: यूक्रेन पर हमले से क्या पैदा होगा वैश्विक वित्तीय संकट? लगाए गए हैं कई आर्थिक प्रतिबंध

Russia Ukraine War: यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर रूसी हमले ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चतता को बढ़ा दिया है.

Russia Ukraine News: यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर रूसी हमले ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चतता को बढ़ा दिया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस युद्ध की निंदा करते हुए पश्चिमी देशों ने रूस के वित्तीय संस्थानों और व्यक्तियों को लक्षित करते हुए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है.

रूसी बैंकों को ‘स्विफ्ट’ सिस्टम से हटाया
इन प्रतिबंधों में कुछ रूसी बैकों को इंटरनेशनल पेमेंट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ‘स्विफ्ट’ संदेश प्रणाली से हटाना, रूसी कंपनियों और उद्योगियों की पश्चिमी देशों में मौजूद संपत्ति को फ्रीज करना और रूस के केंद्रीय बैंक को 630 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करने से रोकना शामिल है.

रेटिंग एजेंसी ने कम की रूस की रेटिंग
इन कदमों के बाद कई रेटिंग एजेंसियों ने रूस की क्रेडिट रेटिंग को कम करके ‘जंक स्टेटस’ कर दिया है या संकेत दिया है कि जल्द वे ऐसा करेंगी. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो वे मानती हैं कि रूस द्वारा कर्जे का भुगतान करने में चूकने की आशंका पहले से ज्यादा है. वैश्विक बैंकों के समूह के मुताबिक, भुगतान करने में चूकने ‘‘की आशंका बहुत अधिक है.’’

बैंकों को खतरा
विदेशी बैंकों में करीब 100 अरब डॉलर का रूसी कर्ज है. इससे रूस के बाहर बैंकों के लिए खतरे को लेकर सवाल पैदा हो गया है और भुगतान में चूक की संभावना के कारण 2008 की तरह नकदी संकट उत्पन्न होने की आशंका है. ऐसी स्थिति में बैंक अन्य बैंक की कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर घबरा जाते हैं और एक दूसरे को कर्ज देना बंद कर देते हैं.

यूरोपीय बैंकों पर सबसे ज्यादा खतरा
रूस पर लगे प्रतिबंध का असर सबसे अधिक यूरोपीय बैंकों, खासतौर पर ऑस्ट्रिया, फ्रांस और इटली के बैंकों पर पड़ेगा. बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट (BIS) के आंकड़ों के मुताबिक, फ्रांस और इटली के बैंकों का करीब 25-25 अरब डॉलर कर्ज रूस पर है जबकि ऑस्ट्रियन बैंकों का 17.5 अरब डॉलर कर्ज रूस पर है.

अर्थव्यवस्था से घटा रहे संबध
इनकी तुलना में अमेरिकी बैंक 2014 में क्रीमिया के कब्जे के बाद से ही रूस की अर्थव्यवस्था से अपना संबंध घटा रहे हैं. हालांकि, इसके बावजूद सिटीग्रुप का करीब 10 अरब डॉलर रूस में लगा है, लेकिन बैंक की कुल परिसंपत्ति के मुकाबले यह बहुत छोटी राशि है. यूक्रेन के भी कर्ज का भुगतान करने में चूकने की आशंका है. यूक्रेन के 60 अरब के बॉन्ड कर्ज की रेटिंग भी गिराकर ‘जंक’ कर दी गई है.

बैंक होंगे प्रभावित
कर्ज के अलावा अन्य कारणों से भी कई बैंक प्रभावित होंगे, क्योंकि वे या तो यूक्रेन में या रूस में बैंकिंग सेवा देते हैं. रेटिंग एजेंसी फिच के मुताबिक, फ्रांसीसी बैंक बीएनपी परीबास और क्रेडिट एग्रीकोल का संपर्क यूक्रेन से सबसे अधिक है, क्योंकि उनकी स्थानीय अनुषंगी शाखाएं उस देश में काम कर रही हैं. सोसाइटी जनरल और यूनीक्रेडिट उन बैंकों में शामिल हैं, जिनका वृहद परिचालन रूस में है और उनका रूस पर सबसे अधिक कर्ज है.

आने वाले खर्च में होगा इजाफा
इसके अलावा यूरोपीय बैंकों के लिए एक और खराब खबर यूरो को डॉलर में बदलने पर आने वाले खर्च में वृद्धि है. बैंक इस बाजार का इस्तेमाल अधिकतर अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए डॉलर जुटाने में करते हैं, ऐसे में उच्च दर होने से उनके मुनाफे पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा.

भुगतदान में चूक से बैंकों पर कुल मिलाकर खतरा कितना गंभीर है?
अमेरिकी निवेश कंपनी ‘मॉर्निंग स्टार’ का मानना है कि यूरोपीय बैंकों का और अकेले अमेरिकी बैंक का रूस से संपर्क उनके विलायकता के संबंध में ‘‘महत्वहीन’’ है फिर भी खबर है कि यूरोपीय, अमेरिकी और जापानी बैंकों को गंभीर नुकसान हो सकता है और यह संभवत: 150 अरब डॉलर तक हो सकता है.

कई तरीकों से बैंक हो सकते हैं प्रभावित
बैंक अन्य तरीके से भी प्रभावित हो सकते हैं. उदाहरण के लिए स्विट्जरलैंड, साइप्रस और अमेरिका रूसी उन उद्योगपतियों के बड़े ठिकाने हैं जो अपनी नकदी विदेश में जमा करना चाहते हैं. साइप्रस रूसी अमीरों को गोल्डन पासपोर्ट से आकर्षित करता है. इन देशों के संस्थानों पर इन प्रतिबंधों से कारोबार खोने का खतरा है. उदाहरण के लिए ‘ब्रिटिश बैंक लॉयड्स’ और ‘नैटवेस्ट’ के शेयरों में यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के बाद से 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है.

बैंकों से परे
बैंकों के अलावा युद्ध से उन कारोबारों को भी उल्लेखनीय नुकसान हो रहा है, जिनके रूस में हित हैं जिस कंपनी का धन रूसी कारोबारी के पास है, उसे वापस पाने में संघर्ष करना पड़ेगा क्योंकि रूबल के दाम में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है और स्विफ्ट पाबंदी से भुगतान में परेशानी आएगी. 

संक्षेप में कहें तो इस युद्ध का वृहद प्रभाव हो सकता है और यह आने वाले दिनों और हफ्तों में और स्पष्ट दिखाई देगा. वैश्विक अर्थव्यस्था महामारी से अब भी उबर रही है और उल्लेखनीय मुद्रास्फीति का सामना कर रही है. बाजार संवेदनशील स्थिति में हैं। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले ने इस प्रतिकूल स्थिति का और विस्तार किया है .

यह भी पढ़ें:
PM Kisan Scheme: होली के बाद करोड़ों किसानों को मिलेगी खुशखबरी! जानिए किस तारीख को खाते में आएंगे 2000 रुपये?

Jandhan Account: जनधन खाताधारकों को मिलेगा पूरे 1.3 लाख का फायदा, फटाफट आज ही खुलवा लें खाता

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Mutual Fund: 25 लाख को कैसे बनाएं 2 करोड़, इसमें कितने साल लगेंगे? समझ लें जरूरी कैलकुलेशन
Mutual Fund: 25 लाख को कैसे बनाएं 2 करोड़, इसमें कितने साल लगेंगे? समझ लें जरूरी कैलकुलेशन
इस महिला ने लिया 1 लाख का लोन, अब हर साल कमा रही 8 लाख, गांव की औरत कैसे बनीं बिजनेस वुमन?
इस महिला ने लिया 1 लाख का लोन, अब हर साल कमा रही 8 लाख, गांव की औरत कैसे बनीं बिजनेस वुमन?
Bank Holiday Calender: 20 से 26 जुलाई के बीच कब- कब बंद रहेंगे बैंक? जानें क्या आपके शहर में भी है सरकारी छुट्टी
Bank Holiday Calender: 20 से 26 जुलाई के बीच कब- कब बंद रहेंगे बैंक? जानें क्या आपके शहर में भी है सरकारी छुट्टी
Gold- Silver Price Today: आज रविवार को महंगा हुआ सोना, जानें चांदी के क्या हैं हालात, यहां है शहरवार रेट लिस्ट
Gold- Silver Price Today: आज रविवार को महंगा हुआ सोना, जानें चांदी के क्या हैं हालात, यहां है शहरवार रेट लिस्ट

वीडियोज

Bollywood News: शानदार VFX और रावण बने यश के लुक के खुलासे से 'रामायण' के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर मचाई 'तबाही'। (19.07.26)
BMW R1300 GSA: One of the Best Adventure bike of BMW! #bmw #bmwr1300gsa #bmwbike #autolive
Jacqueline Fernandez के 'Jugni' Song पर मचा बवाल, Viral Clip के बाद Makers पर उठे सवाल
Lock Upp 2: Apoorva Mukhija की Wild Card Entry की चर्चा तेज, Shilpa Shinde Controversy के बीच बढ़ेगा ड्रामा?
India's Got Latent 2: Contestant Sakshi Jha के बयानों से मचा बवाल, Samay Raina भी रह गए हैरान

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
All-Party Meeting: सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
'प्रिय छात्रों और अभिभावकगण', जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ अखिलेश यादव ने भरी हुंकार
'प्रिय छात्रों और अभिभावकगण', जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ अखिलेश यादव ने भरी हुंकार
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये मांग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी-खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
Normal Fever vs Dengue: हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
Embed widget