3000 करोड़ के प्लास्टिक नोट छापेगा RBI, 10 और 20 रुपए के 100 करोड़ नोट होंगे जारी
Plastic Currency Update: भारतीय रिजर्व बैंक प्लास्टिक नोटों के ट्रायल पर बड़ी तैयारी कर रहा है. इसके तहत, 3000 करोड़ के प्लास्टिक नोटों का एक फील्ड ट्रायल शुरू करने का प्लान है.

Plastic Notes Trial: देश के प्लास्टिक नोट के चलन को लेकर RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) की तैयारी बड़ी है. सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट जारी किए जाएंगे, जिनकी कुल कीमत 3,000 करोड़ रुपये होगी.
उन्होंने संसद में जानकारी दी कि RBI ने अपने सेंट्रल बोर्ड की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार को नोटों के फील्ड ट्रायल के लिए और इसके सफल होने के बाद इन दो मूल्यवर्गों में पॉलीमर बैंकनोट्स को नियमित रूप से जारी करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार की तरफ से मंजूरी दे दी गई है.
किन 5 शहरों में होगा पहला ट्रायल?
रिजर्व बैंक देश के अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों और भौगोलिक परिस्थितियों में इन नोटों की मजबूती को परखने के लिए 5 चुनिंदा शहरों में पहले इसे जारी करेगा. इनमें कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर शामिल हैं. इनमें कहीं अधिक गर्मी और कहीं अधिक नमी वाला मौसम है. कहीं शुष्क रेगिस्तान है, तो कहीं पहाड़ी इलाके हैं. इन नोटों का ट्रायल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले पॉलीमर के बने नोट पानी से पसीने से खराब नहीं होते और न ही आसानी से फटते हैं. इन पर गंदगी भी आसानी से नहीं जमती है इसकी इनकी उम्र भी लंबी होती है.
क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
सरकार ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि उनकी योजना देश में पहले से चल ररहे कागजी नोटों को प्लास्टिक के नोटों से बदलने का कतई नही है और न ही कोई ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन है. 3000 करोड़ का यह एक पायलट प्रोजेक्ट है. इसकी सफलता और इस पर आम जनता के फीडबैक के ही बाद ही लॉन्ग टर्म में इसे चलाए जाने पर विचार किया जाएगा.
बता दें कि नोटों के इन दो मूल्यवर्गों (डिनोमिनेशन) का जिक्र पहली आधिकारिक पुष्टि है कि RBI के फील्ड ट्रायल में किन नोटों को शामिल किया जाएगा. 17 जुलाई को RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने दो मूल्यवर्गों के बैंकनोट छापने के लिए 3.4 करोड़ पॉलीमर शीट के लिए एक ग्लोबल टेंडर जारी किया था. टेंडर में कहा गया था कि यह मात्रा एक तत्काल आवश्यकता है और एक बार फील्ड ट्रायल सफल हो जाने पर अलग-अलग मूल्यवर्गों के लिए बड़ी मात्रा में सब्सट्रेट की खरीद की जाएगी.
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