FD में 1.5% ज्यादा ब्याज से कमाएं 1.5 लाख रुपए, जानें सही कैल्कुलेशन
Fixed Deposit: बैंक की एफडी ब्याज दर में सिर्फ 1.5% का अंतर भी चक्रवृद्धि ब्याज के कारण लाखों रुपये का अतिरिक्त रिटर्न दिला सकता है. जानें सही एफडी अवधि चुनने और बेहतर निवेश के आसान टिप्स.

Fixed Deposit Interest Rate: बैंक की ब्याज दर में थोड़ा-सा फर्क शुरुआत में भले ही छोटा लगे, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से समय के साथ यही छोटा अंतर आपके निवेश पर मिलने वाले रिटर्न में बड़ा बदलाव ला सकता है.
फिक्स्ड डिपॉजिट भारत में आज भी निवेश का ओक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है. बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक अपने स्थित बनीए रखने के लिए एफडी जैसे निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं.
फिक्स्ड डिपॉजिट हैं सुरक्षित निवेश
फिक्स्ड डिपॉजिट एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, जिसमें बैंक तय ब्याज के साथ निश्चित रिटर्न देते हैं. एफडी की ब्याज दर बैंक और निवेश की अवधि के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, जबकि लंबी अवधि की एफडी पर आमतौर पर अधिक ब्याज मिलता है.
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कई लोगों को लगता है कि बैंकों की एफडी ब्याज दरों में थोड़ा-सा अंतर कोई मायने नहीं रखता. लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से यही छोटा अंतर समय के साथ बड़ी कमाई में बदल सकता है. अगर दो बैंकों की एफडी ब्याज दरों में सिर्फ 1.5% का अतंर हो, तो खासकर बड़ी रकम निवेश करने वालों को मैच्योरिजी पर काफी ज्यादा रिटर्न मिल सकता है.
ब्याज दर में अतंर कैसे आता है?
मान लीजिए किसी ने 1 करोड़ रुपये की एफडी कराई. अब उलके पास दो विकल्प हैं- बैंक A 6% सालाना ब्याज दे रहा हैं, जबकि बैंक B 7.5% सालाना ब्याज दे रहा है. दोनों एफडी की अवधि 3 साल है.
बैंक A (6% सालाना ब्याज)
- निवेश राशि: 1 करोड़
- ब्याज दर: 6% प्रति वर्ष
- अवधि: 3 साल
- अनुमानित ब्याज: 20 लाख
- मैच्योरिटी पर कुल राशि: ₹1.20 करोड़
बैंक B (7.5% सालाना ब्याज)
- निवेश राशि: 1 करोड़
- ब्याज दर: 7.5% प्रति वर्ष
- अवधि: 3 साल
- अनुमानित ब्याज: 25 लाख
- मैच्योरिटी पर कुल राशि: 1.25 करोड़
सिर्फ 1.5% अधिक ब्याज दर मिलने पर 3 साल में निवेशक को लगभग 5 लाख का अतिरिक्त फायदा हो सकता है. यही वजह है कि एफडी कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना फायदेमंद रहता है.
अगर आप लंबे समय के लिए एफडी करना चाहते हैं, तो पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. आमतौर पर 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर करीब 3 साल की अवधि के लिए सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है. इसलिए अपनी जरूरत के अनुलार एफडी की अवधि चुनना बेहद जरुरी है.
निवेश से पहले क्या ध्यान देना चाहिए?
ज्यादा एफडी ब्याज दर बेहतर रिटर्न दे सकती है, लेकिन निवेश से पहले सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, ब्लकि बैंक की विश्वसनीयता, महंगाई (इन्फ्लेशन) और टैक्स जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित होता है कि निवेश से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न आपकी उम्मीदों के अनुरूप हो.
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