PNB में 2023 से चल रहा था फ्रॉड, 12 करोड़ गायब, बैंक ने सिर्फ 43 लाख लौटाए
पुलिस ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा से 12 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी से ट्रांसफर का सिलसिला 2023 से चलने की जानकारी की.

- पीएनबी ग्रेटर नोएडा शाखा में 35 करोड़ का घोटाला सामने आया.
- खातों से बिना ओटीपी/हस्ताक्षर फिक्स्ड डिपॉजिट, बचत राशि निकाली.
- यह बड़ा घोटाला 2012 से चल रहा था, 5 कर्मचारी निलंबित.
- बैंक ने सभी वैध दावों का शत-प्रतिशत भुगतान का वादा किया.
पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा शाखा में 35 करोड़ रुपये का बड़ा फ्रॉड हुआ है. बिना किसी ओटीपी या डॉक्यूमेंट्स पर साइन किए बगैर ही ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग्स अकाउंट से पैसे धड़ाधड़ उड़ गए. इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है. हालांकि, बैंक ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि सभी वैध दावों का निपटारा किया जाएगा. बैंक ने यह भी जानकारी कि ग्रेटर नोएडा के इसी ब्रांच में कुछ ग्राहकों के फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक (SB) अकाउंट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में 43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा भी कर दिया गया है.
मामले की जांच कर रही पुलिस ने गुरुवार को बताया कि बैंक ब्रांच में हुई यह कोई पहली धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि इसका सिलसिला साल 2012 से चल रहा था. आधिकारिक शिकायत (FIR) के अनुसार, 21 पीड़ितों के खातों से अब तक 11.24 करोड़ से 12 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी होने का चौंकानेवाला खुलासा हुआ है, जबकि स्थानीय ग्राहकों और ग्रामीणों का अनुमान है कि यह आंकड़ा 35 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है. इस गंभीर धोखाधड़ी के बाद बैंक ने अब तक केवल 3 खाताधारकों के दावों का सत्यापन करके उन्हें 43 लाख की राशि लौटाई है.
2023 से चल रहा था फ्रॉड
ऐसा बताया जा रहा है कि बैंक के भीतर कुछ कर्मचारी मिलकर साल 2023 से इस काम को अंजाम देते आ रहे हैं. ये उन खाताधारकों को निशाना बनाते आ रहे थे, जो कम पढ़े-लिखे थे या नियमित रूप से अपना बैलेंस चेक नहीं करते थे. इनमें मुख्य रूप से वे ग्रामीण और किसान शामिल हैं, जिन्हें जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए जमीन का मुआवजा मिला था. कर्मचारियों ने ग्राहकों को उलझाए रखने के लिए जानबूझकर पासबुक में एंट्री करने से मना किया. जब भी कोई ग्राहक आता, तो उसे 'पैन कार्ड खराब है', 'अकाउंट ब्लॉक है' या 'दोबारा केवाईसी कराओ' कहकर टाल दिया जाता था ताकि उनकी धोखाधड़ी पकड़ी न जाए. इस बीच मामले का खुलासा हुआ, तो ग्राहकों ने बताया कि करोड़ों रुपये की हुई धोखाधड़ी के बदले उन्हें रिफंड बहुत कम मिला है.
2023 से चल रहे इस स्कैम में हैकर्स या बैंक के कुछ कर्मचारियों ने सिस्टम लॉग्स और फर्जी साइन के जरिए पैसे ट्रांसफर किए हैं इसलिए बैंक की एंटी-कॉरप्शन टीम और पुलिस हर एक ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच कर रही है. बाकी बचे हुए करोड़ों रुपये के दावों का वेरिफिकेशन जैसे-जैसे पूरा होगा, उनका रिफंड भी जारी किया जाएगा.
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीबीआई (CBI) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भी इसकी जांच कर रही है. इस क्रम में ब्रांच मैनेजर समेत 5 दोषी कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है. बैंक के हेड ऑफिस ने फ्रॉड के जरिए ट्रांसफर किए गए संदिग्ध फंड्स को फिलहाल फ्रीज कर दिया है. बैंक मैनेजमेंट की तरफ से सभी प्रभावित ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होते ही सभी वास्तविक दावों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा.
PNB ने कहा कि वह धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितताओं और कदाचार के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति अपनाता है. बैंक ने कहा कि जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ लागू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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