एक्सप्लोरर

नए लेबर कोड से क्या बदल जाएगी आपकी सैलरी? PF, ग्रेच्युटी से लेकर सैलरी तक किए गए बदलाव,जानें डिटेल

सरकार की ओर से 4 नए लेबर कोड का असर करोड़ों कामगारों पर पड़ने वाला हैं. उनकी सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोविडेंट फंड, इएसआई बेनिफिट, ग्रेच्युटी आदि संबंधित बहुत सी बातों पर नए लेबर कानून का प्रभाव होगा..

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • चार नए श्रम कोड 40 करोड़ कामगारों की वेतन संरचना बदलेंगे।
  • वेतन परिभाषा बदली, भत्ते 50% से अधिक नहीं होंगे।
  • गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, कंपनियों को अंशदान देना होगा।
  • पीएफ का दायरा बढ़ा, ग्रेच्युटी 1 साल की सेवा पर मिलेगी।

New Labour Code India: केंद्र सरकार की ओर से 4 नए लेबर कोड का असर करोड़ों कामगारों पर पड़ने वाला हैं. उनकी सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोविडेंट फंड कंट्रीब्यूशन, इएसआई बेनिफिट, ग्रेच्युटी इत्यादि संबंधित बहुत सी बातों पर नए लेबर कानून का प्रभाव होगा.

नए लेबर कोड के तहत कुछ खास प्रोविजन का भी प्रावधान किया गया है. जिसमें मिनिमम वेज, एक साल की सर्विस पर फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉई के लिए ग्रेच्युटी , गिग वर्करों के लिए लाभकारी नियम, सैलरी और महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट रूल जैसे कुछ परिभाषाओं को शामिल किया गया हैं. आइए जानते हैं, नए लेबर कोड से क्या-क्या बदलाव होने वाले हैं...

1.  सैलरी की नई परिभाषा

नए लेबर कोड में वेतन की परिभाषा में कर्मचारी को मिलने वाले लगभग सभी सैलरी वाले हिस्से शामिल कर दिए गए हैं. लेकिन कुछ चीजें इसमें शामिल नहीं होती हैं. जैसे हाउस रेंट अलाउंस (HRA), कन्वेयंस अलाउंस, ट्रैवल कंसेशन, किसी कानून के तहत मिलने वाला बोनस, कमीशन और नौकरी से जुड़े खास खर्चों की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि.

नए नियम के मुताबिक, अलाउंस कुल सैलरी से 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. अलाउंस के एक्स्ट्रा हिस्से को वापस से वेज में ट्रांसफर करने का नियम है.  

2. गिग वर्करों के लिए सोशल सिक्योरिटी

नए लेबर कोड के तहत गिग वर्करों के लिए सोशल सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई हैं. कंपनियों को अपने टर्नओवर का 1–2 फीसदी हिस्सा सोशल सिक्योरिटी कॉर्पस में जमा करना होगा. इन पैसों का इस्तेमाल गिग वर्कर्स के लिए जरूरी सुविधाओं का इंतजाम करने में खर्च किया जाएगा.  

3. प्रोविडेंट फंड नियम

नए लेबर कोड के तहत प्रोविडेंट फंड का दायरा बढ़ाया गया है. इसके तहत वे सभी इंडस्ट्री या जगह जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. उन्हें पीएफ की सुविधा देनी होगी. इससे पहले यह नियम सिर्फ नोटिफाइट सेक्टर पर लागू होता था. इस बदलाव से बहुत से कामगारों को फायदा होगा, जिन्हें पीएफ की सुविधा नहीं मिलती थी.

4. ग्रेच्‍युटी  लाभ

नए लेबर कोड के तहत अब कर्मचारियों को ग्रेच्‍युटी का लाभ पाने के लिए 5 साल का इंतजार नहीं करना होगा.  बल्कि उन्हें 1 साल की सर्विस पर ही ग्रेच्‍युटी दिए जाने का प्रावधान है. जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों को होगा. इसके साथ ही उन्हें अन्य लाभ भी मिलेंगे.    

यह भी पढ़ें: नौकरी छोड़ने का है प्लान? 5000 रुपये से शुरू करें ये धांसू बिजनेस, पहले ही दिन से होगी बंपर कमाई

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

निवेशकों के लिए जरूरी खबर, अगले सप्ताह इस दिन नहीं होगा बाजार में कारोबार; जानिए इसकी वजह
निवेशकों के लिए जरूरी खबर, अगले सप्ताह इस दिन नहीं होगा बाजार में कारोबार; जानिए इसकी वजह
TA और बच्चों की पढ़ाई के भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद, 8वां वेतन आयोग ले सकता है बड़ा फैसला; जानिए डिटेल
TA और बच्चों की पढ़ाई के भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद, 8वां वेतन आयोग ले सकता है बड़ा फैसला; जानिए डिटेल
क्रेडिट कार्ड अब आपके मोबाइल में! PNB लाया ग्राहकों के लिए UPI पर उधारी की सुविधा
क्रेडिट कार्ड अब आपके मोबाइल में! PNB लाया ग्राहकों के लिए UPI पर उधारी की सुविधा
8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 4 गुना सैलरी बढ़ाने की मांग, मिलेगी खुशखबरी?
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 4 गुना सैलरी बढ़ाने की मांग, मिलेगी खुशखबरी?

वीडियोज

Sansani: ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? पूरी दुनिया की नजर | Attack On Trump
Viral Video: ओवरटेक की गलती से हुआ जोरदार एक्सीडेंट | Road Accident | ABP News
Janhit: ट्रंप के डिनर में कैसे पहुंचा किलर? | Attack on Trump | Iran on Trump Firing | Iran US War
Attack on Trump: क्या ईरान ने ट्रंप पर हमला कराया? | Donald Trump | JD Vance | US | Gunshot
Sandeep Chaudhary: बंगाल में चुनावी महासंग्राम, जनता किसके साथ? | West Bengal 2026 | PM Modi |Mamata

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: रॉबर्ट चोंग्थु को अल्पसंख्यक कल्याण, गोपाल मीणा बने राज्यपाल सचिव
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: रॉबर्ट चोंग्थु को अल्पसंख्यक कल्याण, गोपाल मीणा बने राज्यपाल सचिव
‘मैं ऐसे इंसान के गुनाहों से अपने हाथ रंगने...’, व्हाइट हाउस गोलीबारी कांड के आरोपी ने बताया क्या था मकसद?
‘मैं ऐसे इंसान के गुनाहों से अपने हाथ रंगने...’, व्हाइट हाउस गोलीबारी कांड के आरोपी ने बताया क्या था मकसद?
मोहसिन खान ने 5 विकेट लेकर रचा इतिहास, KKR के लिए अकेले लड़ते रहे रिंकू सिंह, लखनऊ के सामने 156 का लक्ष्य
मोहसिन खान ने 5 विकेट लेकर रचा इतिहास, KKR के लिए अकेले लड़ते रहे रिंकू सिंह, लखनऊ के सामने 156 का लक्ष्य
सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस, रिया चक्रवर्ती को 6 साल बाद कोर्ट से मिली बड़ी राहत, अनफ्रीज होंगे अकाउंट्स
सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस, रिया चक्रवर्ती को 6 साल बाद कोर्ट से मिली बड़ी राहत, अनफ्रीज होंगे अकाउंट्स
कैरोलिन लेविट को कैसे पता था कि व्हाइट हाउस में चलेंगी गोलियां? हमले के बाद वायरल हुआ वीडियो
कैरोलिन लेविट को कैसे पता था कि व्हाइट हाउस में चलेंगी गोलियां? हमले के बाद वायरल हुआ वीडियो
राघव चड्ढा पर उमर अब्दुल्ला का तंज, कहा- ये अपने दम पर पंचायत चुनाव भी नहीं जीत सकते
राघव चड्ढा पर उमर अब्दुल्ला का तंज, कहा- ये अपने दम पर पंचायत चुनाव भी नहीं जीत सकते
King Cobra: किंग कोबरा को क्यों कहा जाता है 'किंग', चलती फिरती मौत है ये सांप, एक बाइट और फिर ऐसे निकलती है जान
किंग कोबरा को क्यों कहा जाता है 'किंग', चलती फिरती मौत है ये सांप, एक बाइट और फिर ऐसे निकलती है जान
होम लोन टेन्योर चुनते वक्त न करें ये गलती, कुछ सालों का फर्क भी करा सकता है बड़ा नुकसान
होम लोन टेन्योर चुनते वक्त न करें ये गलती, कुछ सालों का फर्क भी करा सकता है बड़ा नुकसान
Embed widget