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Moonlighting Update: सरकार का बड़ा बयान, अपने कंपनी के हितों के खिलाफ जाकर कर्मचारी नहीं कर सकता है कोई काम

Moonlighting In IT Companies: जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के अलावा कोई अन्य संस्थान के लिए काम करता है, तो उसे तकनीकी तौर पर मूनलाइटिंग कहा जाता है

Moonlighting In India: देश के आईटी सेक्टर में मूनलाइटिंग के सामने आ रहे मामले के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि कोई भी कर्मचारी नौकरी करते हुए अपने एम्पलॉयर के हितों के खिलाफ जाकर कहीं और नौकरी नहीं कर सकता है. सरकार ने संसद में कहा है कि कोई भी कर्मचारी जिस भी कंपनी भी नौकरी कर रहा है और उसके साथ कहीं किसी और भी कंपनी के लिए कार्य करता है तो उस कंपनी के हितों के खिलाफ होगा. 


मूनलाइटिंग से जुड़ी छंटनी की जानकारी नहीं!

श्रम राज्यमंत्री ने रामेश्वर तेली ने लोकसभा में लिखित में एक प्रश्न का जवाब देते हुए ये बातें कही है. सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या वो मूनलाइटिंग के चलते किसी कर्मचारी को नौकरी से निकाले जाने की उचित वजह मानती है? श्रम मंत्री ने कहा कि मूनलाइटिंग के चलते की जा रही छंटनी की जानकारी सरकार के पास नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि मूनलाइटिंग को लेकर सरकार ने कोई अध्ययन नहीं किया है.मूनलाइटिंग के चलते किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकालने  सरकार के निर्देश जारी करने के सवाल पर रामेश्वर तेली ने कहा कि इसका अधिकार राज्य सरकार के पास है. 

IT कंपनियों में छंटनी का अधिकार राज्य सरकारों के पास

औद्योगिक क्षेत्र में छंटनी से संबंधित मामले इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 के तहत लागू होते हैं. ईडी अधिनियम के मुताबिक, 100 व्यक्तियों या उससे अधिक लोगों को रोजगार देने वाले प्रतिष्ठान को छंटनी करने या फैक्टरी बंद करने के लिए सरकार से मंजूरी लेनी पड़ती है. इसके अलावा कोई भी छंटनी अवैद्य माना जाता है. आईडी अधिनियम के प्रावधानों के छंटनी किए जाने पर श्रमिकों को मुआवजा देने के साथ फिर से रोजगार प्रदान करने का भी प्रावधान है.  कामगारों के हितों का क्षेत्र अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों में बंटा हुआ है. सोशल मीडिया, मल्टीनेशनल कंपनियां और भारतीय आईटी कंपनियां और एडू टेक फर्म में छंटनी से जुड़े मुद्दा राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है. 


आईटी सेक्टर में मूनलाइटिंग का मामला 

दरअसल हाल के दिनों में आईटी सेक्टर में  मूनलाइटिंग की बात लगातार सामने आ रही है. जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के अलावा कोई अन्य संस्थान के लिए काम करता है, तो उसे तकनीकी तौर पर मूनलाइटिंग कहा जाता है. विप्रो ने मूनलाइटिंग करने के आरोप में 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है. इंफोसिस ने 12 महीने में मूनलाइटिंग करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इंफोसिस (Infosys) ने भी अपने कर्मचारियों को मूनलाइटिंग यानि दो जगहों पर एक साथ नौकरी करने को लेकर चेतावनी दी है. इंफोसिस ने 'No Double Lives' शीर्षक के साथ कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा कि दो जगहों पर एक साथ नौकरी करते हुए पाये जाने पर कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी साथ ही नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है.

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