LPG/PNG connection Surrender: क्या PNG वाले कर चुके हैं LPG कनेक्शन सरेंडर? सरकार की है आप पर नजर
LPG/PNG connection Surrender: 14 मार्च, 2026 को जारी आदेश का मकसद सोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना और पात्र उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित करना है.

Dual LPG, PNG connections: पेट्रोलियम मंत्रालय ने 14 मार्च, 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत उन परिवारों के लिए LPG कनेक्शन रखना बंद कर दिया, जिनके पास पहले से PNG का कनेक्शन है. यानी कि जिन घरों में पहले से PNG की सुविधा है, वे अब सब्सिडी वाले LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे और न ही रीफिलिंग करा सकेंगे.
ऐसा करने के पीछे मकसद पश्चिम एशिया में संकट के दौरान LPG की सप्लाई पर बढ़ते दबाव के बीच रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना और पात्र उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित करना है. इस क्रम में सरकार ने तेल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी यह स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि पीएनजी कनेक्शन वाले कस्टमर्स नए सिलेंडर जारी न किए जाए.
आप पर सरकार की नजर
अब सरकार उन घरों की पहचान कर रही है जिनके पास लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) दोनों के कनेक्शन हैं. सरकार ने यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों के बीच कुकिंग गैस की सप्लाई पर दबाव कम करने और PNG को ज्यादा से ज्यादा अपनाए जाने के मकसद से उठाया था.
सरकार चाहती है कि पाइप गैस वाले लोग LPG कनेक्शन छोड़े ताकि सिलेंडर की पहुंच उन ग्रामीण इलाकों में बढ़ाई जा सके, जहां खाने पकाने के लिए LPG कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
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अब तक कितने लोग कर चुके LPG कनेक्शन सरेंडर?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस बीच पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर हुई एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "इस बात का आकलन किया जा रहा है कि कितने लोगों के पास दोहरे कनेक्शन हैं."
उन्होंने बताया, ''अब तक 43,000 से ज्यादा ऐसे LPG यूजर्स, जिनके पास PNG कनेक्शन भी हैं, अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं. यह संख्या कम है. हमें उम्मीद है कि यह संख्या और ज्यादा होगी."
आप चाहें तो myPNGD.in पोर्टल के जरिए घर बैठे ऑनलाइन अपना कनेक्शन सरेंडर करा सकते हैं. ऑफलाइन सरेंडर कराने के लिए आपको अपने गैस एजेंसी के दफ्तर जाना होगा.
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