EPCH के एक्सपो से जोधपुर हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय को मिला बूस्ट, घरेलू बाजार हुआ गुलजार
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद EPCH एक्सपो में देश भर के कई मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं. उन्हका यह मानना है कि विदेशी बाजार की तुलना में देश का बाजार भी मजबूत है.

देश का दूसरा बड़ा हैंडीक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर हब जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय मंदी से उभारने के लिए EPCH के द्वारा घरेलू बाजार में हैंडीक्राफ्ट आइटम की सेल बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के द्वारा लोकल फ़ॉर वोकल के तहत काम किया जा रहा है. जोधपुर में बनने वाला हैंडीक्राफ्ट आइटम देश के बाजार में अब
रफ्तार पकड़ने लगा है.
4 दिनों का हैंडीक्राफ्ट एक्सपो
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद EPCH की ओर से जोधपुर बोरानाडा इंडस्ट्रीज एरिया में स्थित के ट्रेड फैसिलिटी सेंटर में चार दिवसीय हैंडीक्राफ्ट एक्सपो चलाया जा रहा है. इस एक्सपो में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए एक्सपोर्टर ने अपने प्रोडक्ट की स्टॉल सजाई है.
जिसमें 80 से ज्यादा स्टॉल लगाई गई है. इस एक्सपो की खास बात यह है कि 14 साल बाद इसका आयोजन किया जा रहा है. इस एक्सपो में देश के अलग-अलग राज्यों से एक्सपोर्टर मैन्युफैक्चरर और हैंडीक्राफ्ट होम डेकोर और हैंडमेड आइटम्स फर्नीचर पेंटिंग सहित कई अलग-अलग प्रोडक्ट का डिस्प्ले किया गया है.
लोकल फॉर वोकल काम कर रहे हैं
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद EPCH के डायरेक्टर हंसराज बाहेती ने बताया कि पहले हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय हैंडीक्राफ्ट के प्रोडक्ट को विदेशों में भेजा करते थे. लेकिन पिछले तीन-चार सालों से विदेशी बाजार में मंदी का दौर चल रहा है. हैंडीक्राफ्ट व्यवसायों की हालत खराब है. कई हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय बैंक के डिफाल्टर हो रहे थे. कई लोगों ने अपनी फैक्ट्रियां तक बंद कर दी थी. लेकिन अब हम सरकार के लोकल फ़ॉर वोकल काम कर रहे हैं. इसके जरिए हमारे देश में बनने वाला हैंडीक्राफ्ट आइटम देश के लोग भी उपयोग कर रहे हैं. हैंडीक्राफ्ट को लेकर देश का बाजार भी बड़ा मजबूती के साथ खड़ा है. जिसके चलते हम लोगों की परेशानी कम होती नजर आ रही है.

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद EPCH एक्सपो में देश भर के कई मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं. उन्हका यह मानना है कि विदेशी बाजार की तुलना में देश का बाजार भी मजबूत है. हमारे द्वारा बनाए गए एक्सपोर्ट के प्रोडक्ट की डिमांड अब देश में ही होने लगी है. सरकार की ओर से इस तरह के एक्सपो को लगाए जाने को हैंडीक्राफ्ट व्यवसाय के लिए बूस्टर की तरह माना जा रहा है.
घरेलू बाजार गुलजार हो रहा है
महक हैंडीक्राफ्ट के मालिक नवाब खान ने बताया कि हम लोग एंटीक आइटम में काम करते हैं. पुरानी चीजों को मजबूत और नया बनाकर विदेशी बाजार में भेजा करते थे. अब इन्हीं आइटम्स की डिमांड देश में ही होने लगी है. कीमत की बात करें तो एक्सपोर्ट की कीमत करीब 10 लख रुपए है. तो वही प्रोडक्ट घरेलू बाजार में करीब 600000 रुपये का होता है. करीब 40 फीसदी तक कम कीमत में हमारा घरेलू बाजार गुलजार हो रहा है.
पेपर प्ले के द्वारा इस एक्सपो में स्टोर लगाई गई है यह स्टोर खास है क्योंकि यहां पर मौजूद डायरी को देखकर आपको लगेगा कि यह कही बरसों पुरानी है. लेकिन यह इस तरह की एंटीक डायरी जो होममेड पेपर से तैयार की जाती है. इसको काफी लोग पसंद कर रहे हैं. इसकी डिमांड भी देखी जा रही है. युवाओं में इसका भारी क्रेज है.
ये भी पढ़ें: तो इस राज्य के लोग हफ्ते में 70 घंटे से अधिक करते हैं काम... पीएम मोदी के इस अधिकारी ने किया बड़ा खुलासा
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























