स्टॉक मार्केट में आज रेलवे स्टॉक्स का धमाल, निवेशकों को कर रहा मालामाल, जानें आगे क्या रहेगा हाल
IRFC पर निवेशकों का भरोसा बढ़ने के पीछे ब्याज दरों में स्थिरता और उधारी लागत के नियंत्रण में रहने की उम्मीदें भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं. इससे मार्जिन और लंबे समय में मुनाफे को लेकर पहले बनी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं.

IRFC Stock Jumps: केंद्रीय बजट पेश होने में अब करीब एक महीने का समय बचा है और बजट से पहले ही इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) और रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के शेयरों को लेकर निवेशकों में सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में IRFC का शेयर जहां बीएसई पर करीब 7 प्रतिशत की तेजी के साथ 130.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया तो वहीं रेलवे विकास निगम लिमिटेड का शेयर सुबह साढ़े दस बजे 11.01 प्रतिशत ऊपर चढ़कर बीएसई पर 383.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. सत्र के दौरान पीएसयू का ये सबसे दमदार प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बन गया है. इस उछाल के साथ यह रेलवे पीएसयू सेक्टर का सबसे ज्यादा लाभ देने वाला शेयर बनकर उभरा.
सरकार की ओर से रेलवे क्षेत्र में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को लगातार प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीदों ने IRFC और RVNL को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. रेलवे से जुड़ी दीर्घकालिक योजनाओं और मजबूत नीति समर्थन के कारण इस स्टॉक के निवेश पक्ष को एक बार फिर मजबूती मिलती नजर आ रही है.
रेलवे शेयरों में आई इस तेजी के पीछे बजट को लेकर बना आशावादी माहौल एक बड़ी वजह माना जा रहा है. लंबे समय तक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद IRFC का शेयर अब संभावित कैपेक्स बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते ऊपर चढ़ रहा है.
क्यों उछल रहा रेलवे स्टॉक्स
इतिहास भी गवाह रहा है कि केंद्रीय बजट से पहले रेलवे से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिलती है, जिसकी मुख्य वजह सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने की उम्मीद होती है. चूंकि IRFC ही रेलवे के खर्च, नेटवर्क विस्तार, रोलिंग स्टॉक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने की जिम्मेदारी निभाती है, इसलिए बजट में रेलवे आवंटन बढ़ने का सीधा फायदा इस कंपनी को मिलने की संभावना रहती है.
IRFC को लेकर बाजार की धारणा में सुधार की एक अहम वजह इसकी फंडिंग प्रोफाइल को लेकर बढ़ती स्पष्टता भी है. अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के मुकाबले, जहां परियोजनाओं में देरी का जोखिम अधिक रहता है, IRFC का बिजनेस मॉडल अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. इसकी आय भारतीय रेलवे के साथ किए गए दीर्घकालिक समझौतों पर आधारित है, जिससे कंपनी के नकदी प्रवाह में स्थिरता बनी रहती है. यही कारण है कि अनिश्चित बाजार माहौल में भी निवेशक इसे एक रक्षात्मक और भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रहे हैं.
क्यों बढ़ रहा आईएसएफसी पर विश्वास
IRFC पर निवेशकों का भरोसा बढ़ने के पीछे ब्याज दरों में स्थिरता और उधारी लागत के नियंत्रण में रहने की उम्मीदें भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं. इससे मार्जिन और लंबे समय तक मुनाफे को लेकर पहले बनी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं. साल 2025 में IRFC के शेयरों का प्रदर्शन व्यापक बाजार की तुलना में कमजोर रहा था और पहले की तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते यह दबाव में आ गया था, लेकिन इसी वजह से अब इसका वैल्यूएशन निवेशकों को आकर्षक स्तर पर नजर आ रहा है.
ऐसे निवेशक जो स्थिर रिटर्न, नियमित डिविडेंड और मजबूत सरकारी समर्थन वाले पीएसयू शेयरों की तलाश में हैं, उनके लिए IRFC एक उपयुक्त विकल्प बनकर उभर रहा है. हालिया तेजी यह संकेत देती है कि इसमें अल्पकालिक सट्टेबाजी के बजाय दीर्घकालिक निवेश के नजरिये से दोबारा हिस्सेदारी बढ़ाई जा रही है.
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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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