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भारी दबाव के बावजूद भारतीय रुपये ने दिखाया दम, 'धोबी पछाड़' दांव से तोड़ा अमेरिकी डॉलर का घमंड

Indian Currency: सोमवार को रुपया आठ पैसे टूटकर 90.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. हालांकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी पूंजी की निकासी ने रुपये की तेजी को सीमित रखा.

Dollar vs Rupee: भारतीय रुपये पर दबाव के बीच मंगलवार को मामूली राहत देखने को मिली. भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के अंतिम चरण और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच रुपया एक पैसे की बढ़त के साथ 90.73 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू मुद्रा को कुछ सहारा मिला.

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Inter Bank Forex Market) में रुपया 90.72 पर खुला और बाद में 90.73 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से एक पैसे की बढ़त दर्शाता है. सोमवार को रुपया आठ पैसे टूटकर 90.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. हालांकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी पूंजी की निकासी ने रुपये की तेजी को सीमित रखा.

भारतीय रुपये में तेजी

छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.23% बढ़कर 97.14 पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.47% गिरकर 68.33 डॉलर प्रति बैरल रही, जिससे रुपये को समर्थन मिला. वहीं घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी देखी गई. सेंसेक्स 245 अंक से अधिक गिरकर 83,031 पर और निफ्टी 106 अंक फिसलकर 25,576 पर पहुंच गया.

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 972.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार भावनाओं पर दबाव बना रहा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

LKP Securities के उपाध्यक्ष (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बाजार प्रतिभागी सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे रुपया सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है. शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद बाद में आई हल्की रिकवरी ने रुपये को स्थिर रखने में मदद की. Mirae Asset Sharekhan के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी का कहना है कि निवेशकों की नजर इस सप्ताह अमेरिका से आने वाले आवास बाजार और जीडीपी आंकड़ों पर रहेगी.

उनका अनुमान है कि डॉलर-रुपया स्पॉट रेट 90.30 से 90.90 के दायरे में कारोबार कर सकता है. कुल मिलाकर, कच्चे तेल की नरमी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मजबूत डॉलर और एफआईआई की बिकवाली रुपये की चाल को फिलहाल सीमित रख सकती है.

ये भी पढ़ें: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

राजेश कुमार पत्रकारिता जगत में पिछले करीब 14 सालों से ज्यादा वक्त से अपना योगदान दे रहे हैं. राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों से लेकर अपराध जगत तक, हर मुद्दे पर वह स्टोरी लिखते आए हैं. इसके साथ ही, किसी खबरों पर किस तरह अलग-अलग आइडियाज के साथ स्टोरी की जाए, इसके लिए वह अपने सहयोगियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं. इनकी अंतर्राष्ट्रीय जगत की खबरों पर खास नज़र रहती है, जबकि भारत की राजनीति में ये गहरी रुचि रखते हैं. इन्हें क्रिकेट खेलना काफी पसंद और खाली वक्त में पसंद की फिल्में भी खूब देखते हैं. पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर ऑफ ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म किया है. राजनीति, चुनाव, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर राजेश कुमार लगातार लिखते आ रहे हैं.
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