हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत, तेल के दाम घटने से उड़ानों की कटौती खत्म, फिर शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
International Flights: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गई थीं, तब भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की थी.

- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं.
- इसके चलते भारतीय एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर बढ़ाएंगी.
- जून में घटाई गई उड़ानों को जुलाई-अगस्त में बढ़ाया जाएगा.
- एयर इंडिया, स्पाइसजेट अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तेजी से बढ़ाएंगी.
Indian Airlines Big Decision: अमेरिका-ईरान के बीच दोहा में शांति वार्ता को लेकर बात आगे बढ़ने की खबरों से आज कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है और अब यह 72.40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है. वहीं, WTI क्रूड 0.83% सस्ता होकर अब 70.16 डॉलर प्रति बैरल तक है.
तेल की कीमतों में आई इस कमी के चलते अब भारतीय एयरलाइन कंपनियां जून में लिया अपना एक फैसला बदलने जा रही हैं. दरअसल, मिडिल ईस्ट में तनाव को देखते हुए जून में एयर इंडिया (Air India), इंडिगो (Indigo) जैसी भारतीय विमानन कंपनियों ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की थी, लेकिन अब इस फैसले में बदलाव किया जा रहा है.
इंटरनेशनल फ्लाइट्स की संख्या में इजाफा
एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस कंपनियां अब जून में घटाई गई उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ाने जा रही हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई में भारत से प्रति हफ्ता 15,633 इंटरनेशनल फ्लाइट्स ऑपरेट होंगी, जिनकी संख्या जून में 14,473 थी. अगस्त में इंटरनेशनल फ्लाइट्स और बढ़ाकर प्रति हफ्ते के हिसाब से 17,048 कर दिए जाने की भी बात कही जा रही है. फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने के मामले में एयर इंडिया को सबसे आगे रखा जा रहा है. एयरलाइन के इंटरनेशनल फ्लाइट्स की संख्या पिछले महीने के मुकाबले जुलाई में 34.5% और अगस्त में 16.5% तक बढ़ सकती हैं.
कंपनी के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की वजह से अगर उनके एयरस्पेस पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया जाए और विमान ईंधन (ATF) के दाम में भी कमी आए, तो हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में की गई 27% की कटौती और घरेलू उड़ानों में की गई 22% कटौती को वापस लिया जा सकता है.
इंटरनेशनल नेटवर्क में तेजी का प्लान
इस क्रम में स्पाइसजेट का भी प्लान अपने इंटरनेशनल नेटवर्क को तेजी से आगे बढ़ाने का है. अनुमान है कि जुलाई में इसकी उड़ानों की संख्या 48.1% और अगस्त में 63.7% तक बढ़ सकती हैं. हालांकि, इस क्रम में देश की दो सबसे बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइंस- इंडिगो और एयर इंडिया ज्यादा संभलकर कदम आगे बढ़ाते हुए हर महीने इंटरनेशनल फ्लाइट्स की संख्या में लगभग 1% से 2% का ही इजाफा कर सकती है.
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