'आकाश' ने नाकाम किया पाकिस्तान का 'हवाई हमला', स्टॉक मार्केट में लोगों ने लूट लिए शेयर
डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में इस खबर के बाद बूम देखने को मिला. BDL के शेयर लगभग 9.73 फीसदी चढ़कर 1,595 के स्तर तक पहुंच गए. वहीं, BEL के शेयरों में 4.88 फीसदी की तेजी आई.

India-Pakistan War Situation: एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ‘आकाश’ की ताकत एक बार फिर सामने आई है. शुक्रवार को शेयर बाज़ार में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया.
इसकी वजह यह रही कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान द्वारा 15 भारतीय शहरों पर किए गए कथित हमलों को इन्हीं मेड इन इंडिया डिफेंस सिस्टम से नाकाम किया. यह जानकारी सामने आने के बाद इन कंपनियों के शेयर चढ़ गए, जबकि इसी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 850 अंक गिरकर बंद हुआ.
BDL और BEL के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी
डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में इस खबर के बाद बूम देखने को मिला. BDL के शेयर लगभग 9.73 फीसदी चढ़कर 1,595 के स्तर तक पहुंच गए. वहीं, BEL के शेयरों में 4.88 फीसदी की तेजी आई और यह 321.80 तक पहुंच गया. ये आंकड़े इस बात को दिखाते हैं कि निवेशकों को देशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की नीति पर पूरा भरोसा है.
क्या है Akash Air Defence Missile System?
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा विकसित किया गया Akash Air Defence Missile System एक मध्यम दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला प्लेटफॉर्म है. इसकी मारक सीमा 80 से 120 किलोमीटर के बीच होती है. यह सिस्टम एक साथ कई हवाई लक्ष्यों को ट्रैक और एंगेज कर सकती है. इसमें रियल-टाइम मल्टी-सेंसर डेटा प्रोसेसिंग, थ्रेट इवैल्यूएशन और फेज़्ड एरे रडार जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल हैं.
यह सिस्टम पूरी तरह से लचीला और स्केलेबल है, जो स्वतंत्र (Autonomous) और ग्रुप मोड में काम कर सकता है. इसकी क्रॉस-कंट्री मोबिलिटी इसे किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में तैनात करने योग्य बनाती है.
BDL का Akash Weapon System
भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा निर्मित Akash Weapon System (AWS) एक शॉर्ट रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है, जिसकी रेंज 4.5 से 25 किलोमीटर तक है. यह सिस्टम विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों और महत्त्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है.
AWS में इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स (ECCM) जैसे इनबिल्ट फीचर्स हैं, जिससे यह दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक हमलों का भी मुकाबला कर सकता है. यह पूरी तरह से मोबाइल प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है, जिससे इसे युद्ध के मैदान में तेजी से मूव और तैनात किया जा सकता है. इसकी भी खासियत यही है कि यह मल्टी टारगेट एंगेजमेंट कर सकता है.
‘मेड इन इंडिया’ डिफेंस टेक्नोलॉजी पर दुनिया की नजर
‘आकाश’ एयर डिफेंस सिस्टम को भारतीय सेना में 2010 के दशक से तैनात किया गया है, लेकिन हाल ही में हुए हमलों के जवाब में इसकी उपयोगिता और क्षमता फिर से साबित हुई है. यह साफ संदेश है कि भारत अब विदेशी रक्षा तकनीक पर निर्भर नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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