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डेबिट-क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होने पर नहीं डूबेगा आपका पैसा, जानिए कैसे

ऑनलाइन फ्रॉड की खबरें अकसर देखने और सुनने को मिलती रहती हैं. डिटिजल लेनदेन की वजह से लोग कैश रखना पसंद कम करने लगे हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में फ्रॉड होने पर भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. लेकिन हम आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं जिससे डेबिट-क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी होने पर आपका पैसा नहीं डूबेगा.

नई दिल्लीः आजकल लोग पैसों का लेनदेन डेबिट-क्रेडिट कार्ड के माध्यम से करना ज्यादा पसंद करते हैं. ऐसे में देश भर में बढ़ते डिजिटल ट्रांजेक्शन के चलते फ्रॉड होने के कई मामले सामने आते रहते हैं जिनकी भरपाई करना काफी मुश्किल होता है. ऐसा होने पर कार्ड प्रोटेक्शन प्लान (सीपीपी) आपके लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जिसके माध्यम से आप इनसे बच सकते हैं.

जानें कैसे बचाती है आपको सीपीपी आपने हेल्थ बीमा, एजुकेशन बीमा और लाइफ इंश्योरेंस के बारे में सुना होगा. यह भी कई प्रकार के होते हैं और इसका नाम है सीपीपी. सीपीपी कार्ड का बीमा होता है. यह एसबीआई से लेकर कई बैंक अपने कार्ड के साथ प्रदान करते हैं. इसके लिए आपको 900 से 2100 रुपये तक हर वर्ष चुकाने पड़ते हैं. यह आपको धोखाधड़ी वाली स्थिति होने पर बचाता है. इसमें डेबिट क्रेडिट या डेबिट कार्ड को लेकर ऑनलाइन फ्रॉड, कार्ड गुमने या कार्ड चोरी होने पर हुआ फ्रॉड, धोखाधड़ी, एटीएम पिन के जरिए हुई धोखाधड़ी की स्थिति में उसकी भरपाई का कवर शामिल है.

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एक कॉल कर देगा आपके सभी कार्ड ब्लॉक पर्स खोने पर आपात स्थिति पैदा हो जाती है. कई कार्ड की वजह से हम सभी की डिटेल्स याद नहीं रख पाते, ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ता है. सीपीपी ग्राहकों को कार्ड खोने पर प्रत्येक बैंक से अलग-अलग संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होती. आप केवल सीपीपी कस्टमर केयर पर एक कॉल करके अपने सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड को तुरंत ब्लॉक करवा सकते हैं.

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यात्रा का बिल चुकाती है कंपनी सीपीपी होने पर अगर आपका कार्ड खो जाता है तो आपको कैश देने की जरूरत नहीं है. सीपीपी कैश उपलब्ध कराने के साथ-साथ होटल बिल और टिकट का खर्च भी बीमा कंपनी उठाती है.

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