REBR Report: भारत में नौकरी के लिए Google पहली पसंद, Tata और Amazon किस नंबर पर?
Google India: भारत में सबसे ज्यादा नौकरी देने के मामले में Google आगे निकल चुका है. हाल ही में सामने आई लिस्ट में इसने टाटा और अमेजन जैसी कंपनियों को भी पछाड़ दिया है.

Google India Employer: भारत में नौकरी के मामले में युवा कुछ ही कंपनियों पर भरोसा करते हैं. ये कंपनियां हैं टाटा ग्रुप, अमेजन, गूगल इंडिया, फ्लिपकार्ट आदि. लेकिन इन सभी कंपनियों में से सबसे ज्यादा भरोसा लोगों ने गूगल इंडिया पर जताया है. ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है.
Google इंडिया है सबसे पसंदीदा
दरअसल हाल ही में रैंडस्टैंड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (REBR) 2026 की एक रिपोर्ट सामने आई है, इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में नौकरी करने वालों के बीच गूगल सबसे ज्यादा पसंदीदा कंपनी बनकर उभरी है. इसके बाद टाटा ग्रुप का नाम आता है और इसके बाद अमेजन का नाम शामिल है. इस सर्वे में दुनिया के 34 बाजारों के 1.75 लाख से ज्यादा लोगों की राय ली गई. भारत में करीब 3,500 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया. तो आइये दिखाते हैं इस लिस्ट और किस किस कंपनी का नाम है.
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भारत की टॉप 10 पसंदीदा कंपनियां
REBR की सामने आई इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सबसे आकर्षक एम्प्लॉयर ब्रांड्स की लिस्ट इस प्रकार है:
- गूगल (Google)
- टाटा ग्रुप (Tata Group)
- अमेजॉन (Amazon)
- सैमसंग इंडिया (Samsung India)
- इंफोसिस (Infosys)
- रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries)
- आईटीसी ग्रुप (ITC Group)
- हिंदुस्तान यूनिलिवर (Hindustan Unilever)
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra)
- डेल टेक्नोलॉजीज (Dell Technologies)
नौकरी बदलने को उतारू कर्मचारी
इस रिपोर्ट में एक और खुलासा हुआ है कि, 46 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने की प्लानिंग कर रहे हैं. वहीं, पिछले छह महीनों में 32 प्रतिशत लोगों ने अपनी नौकरी या कंपनी बदली है. इससे पता चलता है कि कर्मचारियों के लिए अब केवल सैलरी ही जरूरी नहीं है बल्कि बल्कि नौकरी में कई दूसरी चीजें भी चाहते हैं जिन्हें प्रायॉरिटी दी जा रही है.
किन चीजों को प्रायॉरिटी दे रहे हैं कर्मचारी?
इस सर्वे के अनुसार भारतीय कर्मचारियों के लिए नौकरी चुनते समय कई सारी बातें मायने रखती हैं. सबसे पहली प्रयॉरिटी ये है कि अक्सर कर्मचारी वर्क लाइफ और पर्सनल लाइप के बीच पिसते रहते हैं, ऐसे में सबसे जरूरी वर्क लाइफ बैलेंस को ही माना जा रहा है. इसके अलावा कर्मचारियों को एक समान मौके चाहिए होते हैं, करियर में आगे बढ़ने का मका चाहिए होता है. अच्छी सैलरी और सुविधाओ के साथ ही ऐसी कंपनी ढूंढी जाती है जो काफी रिस्पेक्टेड भी हो.
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इस बारे में बात करते हुए रास्टैंड इंडिया के एमडी नारायण अइय्यर ने बताया कि, 'करीब आधे कर्मचारी नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं. ऐसे में कंपनियों के लिए सिर्फ सैलरी और दूसरी सुविधाएं देना काफी नहीं होगा. कर्मचारियों की उम्मीदें तेजी से बदल रही हैं. कंपनियों को अपने कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए करियर ग्रोथ, बेहतर माहौल, समान अवसर, लचीलापन और अच्छे वेतन पर ध्यान देना होगा'.
उन्होंने ये भी कहा कि जैसे-जैसे भारत में विदेशी निवेश बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वैसे वैसे कर्मचारियों को आकर्षित करने और उन्हें कंपनी में बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ेगी.
बैलेंस्ड एम्प्लॉयर का जमाना
इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत में अब 'बैलेंस्ड एम्पलॉयर' का दौर शुरू हो रहा है. इसका मतलब है कि कर्मचारी ऐसी कंपनियां चाहते हैं जो एक साथ कई जरूरतों को पूरा करें. इनमें अच्छा और मीनिंगफुल काम, करियर में तरक्की, समानता, बेहतर स्वास्थ्य और वेलबीइंग, काम में फ्लेक्सिबिलिटी और अच्छी सैलरी शामिल हैं. इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए ये भी जरूरी है कि उनके अच्छे काम की पहचान हो और उन्हें नौकरी में आगे बढ़ने का भरोसा मिले.























