सोना या चांदी, अगले 5 साल में किससे मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
अगले पांच साल में सोना या चांदी, किसमें निवेश करने से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है? यहां से जानिए एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं और निवेश करने पर क्या रिस्क हो सकता है.

अगर आप आने वाले कुछ सालों के लिए निवेश करने की सोच रहे हैं तो सोना और चांदी दोनों अच्छे ऑप्शन हो सकते हैं. लेकिन सवाल ये है कि अगले 5 साल में किसकी कीमत ज्यादा बढ़ सकती है? क्या सोने में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद रहेगा या चांदी निवेशकों को ज्यादा कमाई का मौका दे सकती है?
पिछले कुछ समय में दोनों की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. ऐसे में निवेशकों के लिए ये समझना जरूरी है कि आने वाले समय में इन दोनों की मांग घटेगी या बढ़ेगी और किसमें रिटर्न ज्यादा है. आइये जानते हैं.
5 साल में कितना महंगा होगा सोना- चांदी?
5 नवंबर 2026 को MCX पर दिसंबर में सोने का भाव करीब 1,44,865 रुपए प्रति 10 ग्राम था. वहीं चांदी का भाव करीब 1,88,720 रुपए प्रति किलो चल रहा था. अब सवाल है कि नवंबर 2031 तक इनकी कीमत कहां पहुंच सकती है? एक मीडिया रिपोर्ट में आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर के अनुमान के मुताबिक, अगले पांच साल में सोने की कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है. वहीं चांदी का भाव 3.50 लाख रुपए प्रति किलो तक जाने का अनुमान है.
इस अनुमान के हिसाब से अगले पांच साल में सोने से करीब 79.5 फीसदी और चांदी से करीब 85.5 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है. यानी इस अनुमान में चांदी सोने से आगे दिखाई दे रही है. वैसे ये सिर्फ अनुमान है, इसकी गारंटी नहीं है.
दूसरे एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
इस मामले में वेंचुरा के हेड ऑफ कमोडिटीज एंड सीआरएम एनएस रामास्वामी का अनुमान थोड़ा अलग है. उनके मुताबिक, नवंबर 2031 तक सोने की कीमत करीब 2 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो सकती है. वहीं चांदी का भाव 4 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकता है. इस अनुमान से तो चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देती नजर आती है.
चांदी की कीमत बढ़ने की क्या है वजह?
चांदी सिर्फ गहने बनाने या निवेश के काम नहीं आती, बल्कि कई इंडस्ट्री में भी इसका इस्तेमाल होता है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में चांदी की जरूरत पड़ती है. आने वाले समय में इन सेक्टरों का विस्तार चांदी की मांग को बढ़ा सकता है.
चांदी में क्या है जोखिम?
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. इसकी वजह है कि चांदी की कीमत निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग पर भी निर्भर करती है.
कोटक नियो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 के शिखर से सोने की कीमत करीब 21 फीसदी गिरी थी, जबकि चांदी में लगभग 46 फीसदी की गिरावट आई थी. यानी बाजार में तेजी आने पर चांदी ज्यादा तेजी से ऊपर जा सकती है, लेकिन गिरावट के समय निवेशकों को ज्यादा नुकसान भी हो सकता है.
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