इक्विटी म्यूचुअल फंडों ने बरसाया पैसा, लॉकडाउन में भी 25 फीसदी का रिटर्न
सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को 20 लाख करोड़ के पैकेज और आरबीआई के लिक्विडटी उपायों से बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.

लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था में चौतरफा मंदी के बावजूद म्यूचुअल फंड्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. खास कर इक्विटी म्यूचुअल फंड इक्विटी (शेयर) आधारित म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने लॉकडाउन के दौरान भी 25 फीसदी का रिटर्न दिया है.
म्यूचुअल फंड विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दिए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज और आरबीआई की ओर से लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों की वजह से बाजार में विश्वास दिखा है. इससे म्यूचुअल फंड के निवेशकों का उत्साह बढ़ा है. यही वजह है कि म्यूचुअल फंड ज्यादा रिटर्न दे सके.
मॉर्निंगस्टार इंडिया की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, सभी इक्विटी स्कीम कैटेगरी, इक्विटी से जुड़ी बचत योजना (ELSS), मिड-कैप, लार्ज और मिडकैप, लार्ज-कैप, स्मॉल-कैप, मिड-कैप और मल्टी-कैप ने 25 मार्च से 3 जून के दौरान 23 से 25 फीसदी का रिटर्न दिया है.
सबसे ज्यादा रिटर्न लार्ज कैप फंड्स ने दिया
सबसे ज्यादा रिटर्न लार्ज कैप फंड्स ने दिए. इन फंड्स ने 25.1 फीसदी तक का रिटर्न दिया है. मल्टी-कैप ने 25 फीसदी, ईएलएसएस और लार्ज कैप फंड्स ने 24.9-24.9 फीसदी, स्मॉल-कैप ने 24 फीसदी और मिड-कैप ने 23.2 फीसदी का रिटर्न दिया. इस दौरान बाजार में 25 से 30 फीसदी तक सुधार हुआ है.
म्यूचुअल फंड्स के जानकारों का कहना है कि इसमें निवश के जरिये पैसा बनाने का सबसे आसान तरीका सिप है. सिप यानी सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान के जरिये इसमें थोड़ा-थोड़ा निवेश कर एक बड़ा फंड बनाया जा सकता है. जानकारों का मानना है कि बाजार अगर नीचे जा रहा है तो भी सिप से निकलने में हड़बड़ी नहीं करना चाहिए क्योंकि निवेशकों को बढ़ते बाजार में सस्ती हुई यूनिटों का लाभ मिलता है.
जहां तक इक्विटी म्यूचुअल फंडों का सवाल है तो ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक इसमें ज्यादा निवेश कर सकते हैं. वैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लॉर्ज कैप फंड हमेशा निवेशकों के पसंदीदा रहे हैं. ये उनके विश्वास पर ज्यादातर बार खरे उतरे हैं.
Source: IOCL























