भर-भर के चीन भेज रहा अपना सामान, टैरिफ से बचने के लिए अमेरिका को ऐसा बना रहा बेवकूफ
पिछले साल दक्षिण कोरिया ने 34.8 बिलियन एक्सपोर्ट किया था. ऐसे में 2024 में जितना एक्सपोर्ट किया गया था, उसका करीब 85 प्रतिशत दक्षिण कोरिया का लेबल लगाकर मार्च तक भेजा जा चुका है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से जब 2 अप्रैल को दुनियाभर के दशों के ऊपर टैरिफ लगाने का एलान किया गया उसके बाद विश्व की दो आर्थिक महाशक्ति आमने-सामने आ गई. इस टैरिफ वॉर ने पूरी वैश्विक इकॉनोमी के सामने एक अनिश्चितता वाली स्थिति खड़ी कर दी. एक तरफ जहां चीन, ट्रंप की तरफ से लगाए हाई टैरिफ के जवाब में पलटवार करते हुए टैरिफ की दरें बढ़ा दी तो वहीं दूसरी तरफ वे वाशिंगटन को बेवकूफ भी खूब बन रहा है और दूसरी तरकीब से भर-भरकर अपना सामान भेज रहा है.
जी हां, जापानी मीडिया निक्केई एशिया न्यूज़ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की कंपनियां अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए दक्षिण कोरिया का लेबल इस्तेमाल कर रही है. कोरिया के कस्टम सर्विस के मुताबिक, जनवरी से लेकर मार्च तक दक्षिण कोरिया से करीब 29.5 बिलियन का सामान एक्सपोर्ट किया गया है, जिसमें से करीब 97 फीसदी फर्जी लेबल पर चीन का सामान एक्सपोर्ट किया गया है.
साउथ कोरिया का लेबल लगाकर भेज रहा सामान
पिछले साल दक्षिण कोरिया ने 34.8 बिलियन एक्सपोर्ट किया था. ऐसे में 2024 में जितना एक्सपोर्ट किया गया था, उसका करीब 85 प्रतिशत दक्षिण कोरिया का लेबल लगाकर मार्च तक भेजा जा चुका है.
दक्षिण कोरिया के आबकारी विभाग कई ऐसे उदाहरण दिए है, जैसे- चीन के गद्दे. जिनके ऊपर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई जा रही थी. अब इससे बचने के लिए चीनी गद्दे को पहले दक्षिण कोरिया के चीन के नागरिक के नाम पर बने गोदाम में जमा किया जा रहा है और उसके बाद दक्षिण कोरिया के प्रोडक्ट का फर्जी लेबल लगाकर उसे अमेरिका भेजा जा रहा है.
एक दूसरा उदाहरण का रिचार्जेबल बैट्री का. इसे चीन से पहले दक्षिण कोरिया भेजी जा रही है. वहां पर इसकी रिपैकेजिंग और फर्जी लेबल लगाने के बाद अमेरिका में एक्सपोर्ट किया जा रहा है. इसी तरह से सर्विलांस कैमरे के पार्ट्स को दक्षिण कोरिया में पहले भेजा किया जा रहा है. फिर उसको वहां पर असैंबल करने के बाद दक्षिण कोरिया का लेबल लगाकर फिर उसे अमेरिका में निर्यात किया जा रहा है.
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