Online Delivery: 10 मिनट डिलीवरी का दूसरा चेहरा, शिकायतों का लगा अंबार
Online Delivery: ऑनलाइन डिलीवरी एप्स इन दिनों काफी चर्चा में आ गई हैं. जब से ब्लिंकइट और जेप्टो के स्टोर्स से सच्चाई सामने आई है, उसी के बाद से शिकायतों का अंबार भी लग गया है.

10 Minutes Delivery: दस मिनट में दूध, आधे घंटे में मोबाइल, अगले दिन कपड़े. ऑनलाइन शॉपिंग ने खरीदारी को जितना आसान बनाया है उतना ही इसका एक दूसरा चेहरा भी सामने आया है. पैकेट खोला तो सामान टूटा हुआ निकला. बिल में तीन चीजें थीं, थैले में दो मिलीं. शैंपू मंगाया था लेकिन बोतल असली जैसी लगी ही नहीं और पैसा वापस मांगा तो कस्टमर केयर से बस एक जवाब आया- हम देख रहे हैं.
अगर आपको लगता है कि ऐसा सिर्फ आपके साथ हो रहा है तो ऐसा नहीं है. सरकार के खुद संसद में दिये आंकड़े बताते हैं कि 2025 में ऐसी ही परेशानियों को लेकर 5 लाख 11 हजार 198 लोगों ने सरकारी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई. यह सिर्फ वे लोग हैं जो शिकायत करने तक पहुंचे. दो सौ रुपये के लिए कौन झगड़ा करे यह सोचकर चुप बैठ जाने वालों की गिनती कहीं दर्ज नहीं है.
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सबसे ज्यादा शिकायत - सामान पहुंचा ही नहीं
2025 के आंकड़े देखिए तो सबसे ज्यादा 79,818 लोगों ने कहा कि उनका ऑर्डर पहुंचा ही नहीं.
गलत सामान भेज दिया गया- 75,426 शिकायतें.
कंपनी ने अपनी ही पॉलिसी के बावजूद रिफंड या सामान बदलने से मना कर दिया-61,056 शिकायतें.
सामान टूटा या खराब निकला-60,969 शिकायतें.
पैसा कट गया, लेकिन वापस नहीं आया-53,364 शिकायतें.
सामान पहुंचने में देरी-43,446 शिकायतें.
पैकेट में से कोई चीज गायब मिली-19,815 शिकायतें.
और बिना पूछे अकाउंट से पैसा कट जाने की 12,614 शिकायतें.
नकली सामान की शिकायतें चार साल में चार गुना
2021 में नकली या डुप्लीकेट सामान बेचे जाने की 4,238 शिकायतें आई थीं. 2023 में यह संख्या 9,538 हुई और 2025 में सीधे 15,762 पहुंच गई यानी अब हर दिन औसतन 43 लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें ऑनलाइन नकली सामान दिया गया.
पांच साल में शिकायतें दोगुने से ज्यादा
2021 में ई-कॉमर्स की कुल 2 लाख 24 हजार 592 शिकायतें थीं.
2022 में 3 लाख 65 हजार 370
2023 में 4 लाख 46 हजार 133
2024 में 4 लाख 40 हजार 187
2025 में 5 लाख 11 हजार 198
सरकार का कहना है कि इन सभी शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है.
अब दस मिनट वाली कंपनियां भी शिकायतों की टॉप लिस्ट में
2024 तक सबसे ज्यादा शिकायत वाली दस कंपनियों में दस मिनट में ग्रॉसरी पहुंचाने वाली कंपनियों का नाम नहीं था. 2025 में तस्वीर बदल गई. जेप्टो छठे नंबर पर आ गई, 5,774 शिकायतों के साथ. ब्लिंकिट सातवें नंबर पर, 5,102 शिकायतों के साथ. पहले नंबर पर flipkart है, 1 लाख 33 हजार 566 शिकायतें. दूसरे पर amazon, 91,248. तीसरे पर meesho, 29,284. चौथे पर Myntra, 25,384. पांचवें पर नेटमेड्स, 19,895. आठवें से दसवें नंबर पर नापतोल, वीएलई बाजार और नायका हैं.
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सामान दस मिनट में, शिकायत का हल एक महीने में
असली बात यही है. जिस बिजनेस का पूरा वादा दस मिनट में सामान पहुंचाने का है उसी को शिकायत का हल करने के लिए कानून पूरा एक महीना देता है. कंज्यूमर प्रोटेक्शन ई-कॉमर्स रूल्स 2020 के मुताबिक कंपनी को 48 घंटे में शिकायत स्वीकार करनी है और एक महीने के भीतर उसका हल करना है. ये नियम जुलाई 2020 में बने थे, जब देश में क्विक कॉमर्स आज जितने बड़े स्तर पर नहीं था. नियम आज भी वही हैं.
लाखों शिकायतें लेकिन जुर्माना सवा करोड़
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने अब तक 47 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है यानी औसतन एक प्लेटफॉर्म पर करीब ढाई लाख रुपये - जबकि शिकायतें लाखों में हैं. राहत की बात यह है कि हेल्पलाइन ने 25 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच 1 लाख 47 हजार से ज्यादा मामलों में लोगों को 91 करोड़ रुपये से ज्यादा वापस दिलाए. इसमें 63 करोड़ से ज्यादा सिर्फ ऑनलाइन खरीदारी के मामलों के हैं यानी शिकायत करने पर पैसा वापस मिलता है.
जिन कंपनियों ने खुद कहा नियम मान रहे हैं वही शिकायत की लिस्ट में ऊपर
जून 2025 में सरकार ने प्लेटफॉर्म्स से कहा था कि वे खुद जांच करें कि उनके ऐप पर ग्राहक को फंसाने वाले तरीके तो नहीं हैं. इसके बाद 31 कंपनियों ने लिखकर दिया कि वे नियमों का पालन कर रही हैं. इस लिस्ट में सबसे ऊपर, नंबर एक पर जेप्टो का नाम है. ब्लिंकिट, स्विगी, बिग बास्केट, फ्लिपकार्ट, अमेजन, मीशो और मिंत्रा भी इसी लिस्ट में हैं. अब दोनों लिस्ट साथ रखकर देखिए. 2025 में सबसे ज्यादा शिकायत वाली दस कंपनियों में से सात वही हैं, जिन्होंने खुद कहा था कि वे नियम मान रही हैं.
फंस जाएं तो क्या करें
पहले ऐप पर ही शिकायत करें और स्क्रीनशॉट संभालकर रखें. हर कंपनी को कानूनन शिकायत अधिकारी रखना और उसका नाम-नंबर ऐप पर दिखाना जरूरी है. अगर 48 घंटे में जवाब न मिले या महीने भर में मामला हल न हो, तो सरकारी हेल्पलाइन का रुख करें. नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन का टोल फ्री नंबर 1915 है. व्हाट्सऐप और एसएमएस के लिए 8800001915. ईमेल nch-ca@gov.in
इसके अलावा NCH ऐप, उमंग ऐप और वेबसाइट consumerhelpline.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. यह सुविधा हिंदी, अंग्रेजी समेत 17 भाषाओं में उपलब्ध है.


















