Wholesale Inflation Rate: रिटेल के बाद अब थोक महंगाई दर में भी गिरावट, जनवरी में घटकर 2.31 परसेंट
Wholesale Inflation Rate: रिटेल महंगाई दर के जनवरी में 5 महीने के निचले स्तर पर फिसलने के बाद अब थोक महंगाई दर में भी गिरावट आई है. यह दिसंबर में 2.37 के मुकाबले जनवरी में 2.31 परसेंट हो गई है.

Wholesale Inflation Eases: रिटेल महंगाई (Retail Inflation Rate) के कम होने के बाद अब महंगाई के मोर्चे पर एक और राहत देने वाली खबर सामने आई है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की थोक खाद्य महंगाई दर सालाना आधार पर घटकर 2.31 परसेंट हो गई है, जबकि दिसंबर में यह 2.37 परसेंट थी.
जनवरी में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दिसंबर में 6.02 परसेंट से घटकर जनवरी में 4.69 परसेंट तक पहुंच गई है. इसी तरह से ईंधन और बिजली की थोक कीमतों में भी गिरावट आई है, जो दिसंबर में 3.79 परसेंट के मुकाबले जनवरी में 2.78 परसेंट हो गई है. इस बीच, मैन्युफैक्चरड वस्तुओं की कीमतों में दिसंबर में 2.14 परसेंट के मुकाबले पिछले महीने 2.51 परसेंट तक की वृद्धि हुई. जबकि थोक खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर दिसंबर में 8.89 परसेंट से घटकर पिछले महीने 7.47 परसेंट हो गई.
ये चीजें हुईं सस्ती
- रोजाना जरूरत में आने वाले सामानों की महंगाई 6.02 परसेंट से घटकर 4.69 परसेंट हो गई.
- खाने-पीने की चीजों की महंगाई 8.89परसेंट से घटकर 7.47 परसेंट हो गई.
- सब्जियों की महंगाई 28.65 परसेंट से घटकर 8.35 परसेंट हो गई है.
- ईंधन और इलेक्ट्रिसिटी की थोक महंगाई दर -3.79 परसेंट से बढ़कर -2.78 परसेंट रही
- मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 2.14 परसेंट से बढ़कर 2.51 परसेंट रही.
ये चीजें हुईं महंगी
- अनाज की थोक महंगाई 6.82 परसेंट से बढ़कर 7.33 परसेंट हो गई है.
- दालों की थोक महंगाई 5.02 परसेंट से बढ़कर 5.08 परसेंट हो गई है.
- दूध की थोक महंगाई 2.26 परसेंट से बढ़कर 2.69 परसेंट हो गई है.
बता दें कि होलसेल महंगाई को तीन भागों में बांटा गया है, जिसमें प्राइमरी आर्टिकल का वेटेज 22.62 परसेंट है. दूसरा भाग फ्यूल एंड पावर है, जिसका वेटेज 13.15 परसेंट है. वहीं तीसरा भाग मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स है, जिसका हिस्सा 64.23 परसेंट का है. इनमें से भी प्राइमरी आर्टिकल के चार हिस्से होते हैं, जिनमें गेहूं, धान, अनाज, दालें व सब्जियों जैसे फूड आर्टिकल, ऑयल सीड, क्रूड पेट्रोलियम व मिनरल्स जैसे नॉन फूड आर्टिकल शामिल हैं.
थोक महंगाई दर का आम आदमी पर असर
थोक महंगाई दर के बढ़ने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता क्योंकि अगर थोक वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे, तो आम आदमी को इसकी भरपाई रिटेल में वस्तुओं की अधिक कीमत चुकाकर करनी होगी. वहीं अगर थोक महंगाई घटती है, तो बाजार में भी चीजों के दाम कम हो जाते हैं.
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Source: IOCL





















