धनतेरस पर डबल मुनाफा, 100000 के निवेश पर मिलेगा 25% ज्यादा सोना
24-कैरेट का सोना जनवरी के अपने हाई लेवल से लगभग 20% नीचे आ गया है, जिससे 1 लाख रुपये में आप जनवरी के मुकाबले लगभग 25% अधिक सोना खरीद सकते हैं.

- विश्लेषकों ने किस्तों में निवेश करने की सलाह दी.
धनतेरस आने वाला है. इस मौके पर सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है. अगर आप भी इस बार धनतेरस वाले दिन सोना खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपको सोने की मौजूदा कीमतें राहत देने वाली हैं. दरअसल, सोना जनवरी 2026 में दर्ज किए गए अपने हाई लेवल से काफी नीचे आ चुका है. ऐसे में आप 100000 रुपये के निवेश पर जनवरी के मुकाबले अभी 25% ज्यादा सोना खरीद सकते हैं.
जनवरी के आखिर में 24 कैरेट सोने पर 1 लाख रुपये खर्च करने पर लगभग 5.7 ग्राम सोना मिलता. आज उसी रकम में लगभग 7.1 ग्राम सोना मिल सकता है. शुक्रवार को 'इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम अभी 1,40,054 रुपये है. वहीं, 29 जनवरी को 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,75,340 रुपये थी. यानी कि सोना अभी जनवरी में अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से 20% नीचे हैं. MCX पर गिरावट और भी ज्यादा है. MCX के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो जनवरी के 1,80,779 रुपये के उच्च स्तर से लगभग 23% कम है.
पिछले साल इससे भी कम थी कीमत
बेशक सोना जनवरी के मुकाबले सस्ता हुआ है और आपका यह सोचना भी सही है कि अभी धनतेरस पर सोना खरीदकर आप मुनाफा कमाएंगे. लेकिन आपके उत्साहित होने से पहले एक और पहलू यह भी बता दें कि पिछले धनतेरस पर त्योहार से ठीक पहले के आखिरी कामकाजी दिन (17 अक्टूबर, 2025) को IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव 1,29,584 रुपये प्रति 10 ग्राम था. उस कीमत पर, 1 लाख रुपये में 7.7 ग्राम सोना मिलता था. आज सोना उसके मुकाबले लगभग 8% महंगा है इसलिए उतने ही पैसों में अब लगभग 7.5% कम सोना मिलेगा.
जिन निवेशकों ने पिछले धनतेरस पर सोना खरीदा था, वे अभी भी कुछ फायदे में हैं. वहीं, जिन्होंने जनवरी में सोने की सबसे ऊंची कीमत (पीक) पर खरीदारी की थी, उन्हें लगभग 20% का नुकसान हो रहा है क्योंकि उस समय निवेश किए गए 1 लाख रुपये की कीमत अब लगभग 79,900 रुपये रह गई है. इन बेंचमार्क दरों में 3% GST और गहने बनाने का खर्च (मेकिंग चार्ज) शामिल नहीं है.
अभी निवेश करें या रूकें?
कई विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में आई यह गिरावट (करेक्शन) लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक मौका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे एक ही बार में सारा पैसा लगा दें.
शुक्रवार को 'द डेली जागरण' में इक्विट्रस्ट सॉल्यूशंस के संस्थापक शिवा ग्रोवर के हवाले से NDTV Profit की रिपोर्ट में कहा गया कि नया निवेश एक बार में करने के बजाय, किश्तों में करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई सालों के नजरिए से निवेश करने वालों के लिए यह गिरावट कुछ अच्छे मौके लेकर आई है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जब तक फेड (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) का रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं.
कुल मिलाकर अभी भले ही सोना जनवरी के 1,75,340 रुपये के मुकाबले 1,40,054 रुपये पर आकर्षक लग रहा हो, लेकिन कोई भी यह सटीक अनुमान नहीं लगा सकता कि बाजार यहां से और नीचे जाएगा या यहीं से वापस ऊपर की ओर भागेगा. अगर आप अपना पूरा 1,00,000 सोने पर लगा देते हैं और कीमतें आगे चलकर 5% और गिर जाती हैं, तो आपको नुकसान होगा. वहीं, अगर आप इस रकम को 4 या 5 महीनों की SIP में बांटते हैं, तो कीमतें गिरने पर आपको अगले महीने उसी पैसे में और अधिक ग्राम सोना मिलेगा. इसे वित्तीय भाषा में 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging) कहते हैं.
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