Worlds Most Expensive Number Plate: किसने खरीदी थी दुनिया की सबसे महंगी नंबर प्लेट, जानें कितने में हुई थी नीलाम?
दुबई में आयोजित मोस्ट नोबेल नंबर्स चैरिटी ऑक्शन के दौरान P 7 नंबर प्लेट को नीलामी के लिए रखा गया था. पहली नजर में यह प्लेट केवल 7 नंबर जैसी दिखाई देती है, जबकि उसके साथ छोटा सा P लिखा होता है.

Worlds Most Expensive Number Plate: दुनिया भर में लग्जरी कारों का शौक रखने वालों की कमी नहीं है. लोग अपनी शौक को पूरा करने के लिए कई महंगी से महंगी गाड़ियों पर पैसा खर्च करते हैं. वहीं आजकल महंगी गाड़ियां खरीदने से ज्यादा शौक लोग अपनी गाड़ी की पहचान और रुतबा दिखाने के लिए भी पैसा खर्च करते हैं. कई लोग अपनी पहचान और रुतबा दिखाने के लिए सिर्फ महंगी कार ही नहीं बल्कि उसके नंबर प्लेट खरीदने में भी करोड़ों रुपये खर्च करते हैं. ऐसी ही एक नंबर प्लेट ने पूरी दुनिया का ध्यान भी अपनी और खींचा है. दुबई में आयोजित एक चैरिटी नीलामी में एक कार की नंबर प्लेट करोड़ों रुपये में बिकी. बताया जाता है कि यह अब तक की दुनिया की सबसे महंगी कार नंबर प्लेट मानी जाती है और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है. ऐसे में अब चलिए आपको बताते हैं कि किसने खरीदी थी, दुनिया की सबसे महंगी नंबर प्लेट और इसकी नीलामी कितने में हुई थी.
P 7 नंबर प्लेट के लिए लगी थी रिकॉर्ड बोली
दुबई में आयोजित मोस्ट नोबेल नंबर्स चैरिटी ऑक्शन के दौरान P 7 नंबर प्लेट को नीलामी के लिए रखा गया था. पहली नजर में यह प्लेट केवल 7 नंबर जैसी दिखाई देती है, जबकि उसके साथ छोटा सा P लिखा होता है इसी खास डिजाइन और सिंगल डिजिट नंबर की वजह से यह बहुत खास मानी जाती है. इस नंबर प्लेट की शुरुआती बोली 15 मिलियन दिरहम से शुरू हुई थी. कुछ मिनट में ही बोली कई गुना बढ़ गई और आखिरकार 55 मिलियन दिरहम पर जाकर रुकी. भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 123 करोड़ के रुपये के बराबर है और यह दुनिया की सबसे महंगी नंबर प्लेट है.
खरीददार ने नहीं बताई अपनी पहचान
कई रिपोर्ट के अनुसार इतनी बड़ी रकम खर्च करने वाले व्यक्ति की पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है. नीलामी जीतने वाले खरीददार ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त रखी थी. इसी वजह से आज भी यह यह साफ नहीं है कि दुनिया की सबसे महंगी नंबर प्लेट आखिरकार किसने खरीदी थी. इससे पहले दुनिया की सबसे महंगी नंबर प्लेट का रिकॉर्ड 2008 में बना था, उस समय अबू धाबी में नंबर 1 वाली नंबर प्लेट स्थानीय कारोबारी शईद अब्दुल गफ्फार खोरी ने 52.2 मिलियन दिरहम में खरीदी थी. वहीं P 7 नंबर प्लेट की बिक्री के साथ या रिकॉर्ड भी टूट गया और दुनिया की सबसे महंगे नंबर प्लेट का नया रिकॉर्ड बन गया.
दुबई में है वीआईपी नंबर प्लेट का क्रेज
संयुक्त अरब अमीरात खासकर दुबई में वीआईपी और फैंसी नंबर प्लेट स्टेटस सिंबल मानी जाती है. यहां अमीर लोग यूनिक और कम अंकों वाली नंबर प्लेट खरीदकर अपनी पहचान और हैसियत दिखाना पसंद करते हैं. दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे अमीर लोगों की पसंदीदा जगह में शामिल रहा है. वहीं टैक्स फ्री लाइफस्टाइल, लग्जरी सुविधाएं और हाई एंड कार कल्चर की वजह से यहां ऐसी नंबर प्लेटों के डिमांड हमेशा रहती है.
पहले भी करोड़ों में बिक चुकी है नंबर प्लेट
दुबई में यह पहली बार नहीं था जब किसी नंबर प्लेट के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हो. 2016 में भारतीय मूल के कारोबारी बलविंदर सिंह साहनी, जिन्हें अबू सबाह के नाम से भी जाना जाता है ने D 5 नंबर प्लेट करीब 33 मिलियन दरहम में खरीदी थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका सपना हमेशा सिंगल डिजिट नंबर प्लेट खरीदना था. जब उन्हें पता चला कि निलामी से मिलने वाली पूरी रकम चैरिटी में जाएगी, तो उन्होंने बिना ज्यादा सोच बोली लगा दी. आपको बता दें की वीआईपी नंबर प्लेट खरीदने के पीछे सिर्फ शौक नहीं, बल्कि सोशल स्टेटस भी एक बड़ी वजह मानी जाती है. दुबई में कम अंकों वाली नंबर प्लेट बहुत कम होती है और इन्हें लग्जरी पहचान का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि कई कारोबारी और अरबपति ऐसे नंबर प्लेटों पर करोड़ों रुपये खर्च करने से भी पीछे नहीं हटते हैं.
महंगी नंबर प्लेट की नीलामी की रकम कहां हुई खर्च
P 7 नंबर प्लेट की नीलामी से मिली पूरी राशि दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन रशीद अल मकतूम की एक बिलियन मील्स एंडोमेंट चैरिटी को दी गई. इस अभियान का उद्देश्य दुनिया के जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाना और वैश्विक स्तर पर भूख से लड़ने के प्रयासों को मजबूत करना है. इस वजह से दुबई में हर साल मोस्ट नोबल नंबर्स चैरिटी नीलामी आयोजित की जाती है, जिसमें वीआईपी नंबर प्लेट और खास मोबाइल नंबरों की बोली लगाई जाती है.
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