चलती Car में TV-Video देखा तो कट सकता है Challan, जानें नियम
चलती कार में टीवी या वीडियो देखना पड़ सकता है भारी. जानिए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मोबाइल इस्तेमाल के नियमों और भारी जुर्माने की पूरी जानकारी.

पहले के जमाने में गाड़ियों में बड़ी टचस्क्रीन नहीं मिलते थे. लेकिन आजकल की गाड़ियों में बड़ी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, डैशबोर्ड डिस्प्ले और रियर-सीट एंटरटेनमेंट सिस्टम आने लगे हैं. जिसके चलते अब लोगों का ध्यान ड्राइविंग से बटने लगा है. क्योंकि, अक्सर लोग लंबी ड्राइविंग के दौरान बोरियत दूर करने के लिए या जल्दबाजी में चलती गाड़ी के फ्रंट डिस्प्ले पर ही फिल्में, वेब सीरीज या वीडियो क्लिप देखना शुरू कर देते हैं.
लेकिन ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के लिहाज से गाड़ी चलाते समय स्क्रीन पर वीडियो देखना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. भारत में लागू मोटर व्हीकल एक्ट और सड़क परिवहन नियमों के तहत इसे डिस्ट्रेक्टेड ड्राइविंग माना जाता है और इस पर भारी-भरकम चालान कटने का प्रावधान है. चलिए विस्तार से जानतें हैं इसके बारे में.
रहता है एक्सीडेंट का खतरा
आपको बता दें कि, वाहन चलाते समय ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क और ट्रैफिक पर होना चाहिए. जब कोई चालक गाड़ी चलाते समय डैशबोर्ड या मोबाइल स्क्रीन पर वीडियो देखता है तो उसका विजुअल और कॉग्निटिव ध्यान पूरी तरह से सड़क से हट जाता है.
क्योंकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक गाड़ी चलाते समय एक सेकंड के लिए भी नजर हटने से भीषण सड़क दुर्घटना हो सकती है. यही वजह है कि दुनिया भर के साथ-साथ भारतीय ट्रैफिक अधिकारियों और आधुनिक एआई कैमरों की नजर अब ऐसी हरकतों पर पैनी हो चुकी है.

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लग सकता है भारी जुर्माना
वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 या कम्यूनिकेशन डिवाइस के गलत इस्तेमाल से जुड़े नियमों के तहत यदि कोई ड्राइवर वाहन चलाते समय हाथ में फोन रखता है या स्क्रीन पर वीडियो/सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर 5,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
जबकि बार-बार ऐसा करने पर लाइसेंस सस्पेंड होने या कानूनी कार्रवाई का भी नियम है. आधुनिक एआई-सपोर्टेड ट्रैफिक कैमरे और सीसीटीवी अब इतनी हाई-टेक तकनीक से लैस हैं कि वे चलती कार के अंदर ड्राइवर की गतिविधियों को आसानी से कैप्चर कर सकते हैं.

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कंपनी के फीचर्स और सुरक्षा लॉक
बता दें कि, कई कार निर्माता कंपनियां इस खतरे को भांपते हुए अपनी गाड़ियों के फ्रंट इंफोटेनमेंट सिस्टम में मोशन लॉक या सेफ्टी फीचर्स देती हैं. इसके तहत जब कार ड्राइव मोड में होती है या चल रही होती है तो फ्रंट स्क्रीन पर वीडियो प्ले होना बंद हो जाता है या ब्लॉक रहता है. हालांकि, कुछ लोग इसे बायपास करके या अलग से मोडिफाई कराकर वीडियो चालू रखते हैं जो कि गैरकानूनी और खतरनाक दोनों है. इस लिए कंपनी द्वारा दिए गए सेफ्टी का हमेशा ध्यान दें.
बरते यह जरूरी सावधानियां
यदि आप अपनी और दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखना चाहते हैं तो सफर के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- पहला गाड़ी चलाते समय कभी भी फ्रंट स्क्रीन पर मूवी, वीडियो या सोशल मीडिया रील्स न चलाएं.
- दूसरा नेविगेशन या म्यूजिक कंट्रोल के लिए केवल वॉइस कमांड या हैंड्स-फ्री तरीकों का इस्तेमाल करें.
- तीसरा यदि वीडियो देखना बहुत जरूरी है तो कार को किसी सुरक्षित स्थान या पार्किंग में पूरी तरह रोककर ही उसका आनंद लें.
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