Tata Cars Hacking: Tata की कारों में हैकिंग का खतरा, CERT-In ने जारी किया अलर्ट
Tata Cars Hacking: टाटा कारों की कनेक्टेड ऐप्स में हैकिंग का बड़ा खतरा सामने आया है. साइबर एजेंसी CERT-In ने हाई-सेवियरिटी अलर्ट जारी किया है. जानिए क्या है पूरा मामला.

Tata Cars Hacking: इंडिया में पहले मारुती सुजुकी और महिंदा की गाड़ियों का ही जलवा रहता था. लेकिन अब टाटा मोटर्स की भी गाड़ियां मार्केट में धूम मचा रही हैं. क्योंकि अब सड़कों पर टाटा कंपनी की कई कारें हमें देखने को मिलती है. अगर आप भी टाटा की गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है.
क्योंकि देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने टाटा कारों की कनेक्टेड ऐप्स को लेकर एक हाई-सेवियरिटी अलर्ट जारी किया है. बता दें कि CERT-In के मुताबिक टाटा गाड़ियों के मालिक जिन मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं उनमें कुछ गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई हैं. चलिए जानते हैं कि इस पूरे मामले में कौन सी ऐप्स प्रभावित हैं और इससे बचाव के लिए क्या करना होगा.
कौन सी ऐप्स और वर्जन हैं खतरे में?
आपको जानकारी दें दे कि सुरक्षा खामी टाटा मोटर्स की मोबाइल एप्लीकेशन के पुराने वर्जनों में है. जिन ऐप्स पर यह खतरा मंडरा रहा है उनमें पेट्रोल-डीजल कारों के लिए आने वाली टाटा मोटर्स iRA 2.0 ऐप और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आने वाली टाटा मोटर्स iRA.ev ऐप शामिल है.
क्योंकि इन दोनों ही ऐप्स के पुराने वर्जनों में सुरक्षा से जुड़ी कुछ बड़ी कमियां मिली हैं. अगर आपके फोन में भी ये ऐप्स लंबे समय से अपडेट नहीं हुई हैं. तो आपके लिए यह चिंता का विषय बन सकता है.
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क्या है ऐप्स में दिक्कत?
बता दें कि साइबर एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन ऐप्स की कोडिंग और डिजाइन में कुछ ऐसी कमजोरियां थीं जिनका गलत फायदा उठाया जा सकता है. ऐप के अंदर कुछ संवेदनशील एपीआई की और ऑथराइजेशन टोकन छिपे होने के कारण अटैकर बैकएंड सर्वर तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं.
जबकि ऐप के वेबव्यू कंपोनेंट और डिबगिंग लॉग्स में भी कमियां पाई गई हैं. जिनकी वजह से यूजर का पर्सनल डेटा का खतरा बढ़ जाता है. गलत तरीके से लागू किए गए सुरक्षा नियमों के कारण डेटा ट्रांसमिशन के दौरान भी जोखिम रहता है.
क्या असर पड़ सकता है?
यह इस लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि भी शातिर हैकर यूजर के पर्सनल डेटा, गाड़ी के लाइव स्टेटस और रिमोट कमांड फीचर्स तक के सभी डेटा चुरा सकता है. हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि चलती हुई गाड़ी को रास्ते में कोई अचानक से हैक कर लेगा. यह खतरा मुख्य रूप से आपकी डिजिटल प्राइवेसी और मोबाइल ऐप की सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ है. फिर भी वाहन मालिकों की सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है.
क्या कदम उठाने चाहिए?
अगर आप भी टाटा की कनेक्टेड कार का इस्तेमाल करते हैं और आपके फोन में iRA ऐप इंस्टॉल है तो आपको तुरंत सतर्क होने की जरूरत है. क्योंकि इस खतरे से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप तुरंत अपने फोन से टाटा मोटर्स की iRA 2.0 और iRA.ev ऐप को अपडेट कर लें. टाटा मोटर्स ने इन सभी कमियों को दूर करने के लिए सुरक्षित अपडेट जारी कर दिए हैं. जिन्हें इंस्टॉल करते ही आपकी ऐप पूरी तरह से सेफ हो जाएगी.
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