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कितनी सेफ हैं ड्राइवरलेस कारें? स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Self-Driving Cars: लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि क्या बिना ड्राइवर चलने वाली कारें इंसानों से ज्यादा सेफ हैं? IIHS की नई स्टडी में इस सवाल का जवाब मिल सकता है.

दुनियाभर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और अब ऐसी कारें भी सड़कों पर उतर चुकी हैं जिन्हें चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती. इन्हें ड्राइवरलेस या ऑटोनॉमस कार कहा जाता है.

गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet की Waymo जैसी कई कंपनियां पहले से ही ऐसी कारों का इस्तेमाल टैक्सी सर्विस में कर रही हैं. हालांकि, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि क्या बिना ड्राइवर चलने वाली ये कारें इंसानों से ज्यादा सेफ हैं? इन्श्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाईवे सेफ्टी (IIHS) की एक नई स्टडी में आपको इस सवाल का जवाब मिल सकता है.  

स्टडी में ये चीजें आईं सामने 

  • स्टडी के मुताबिक, Waymo की ड्राइवरलेस कारें इंसानी ड्राइवर के मुकाबले करीब 68 फीसदी एक्सीडेंट का शिकार होती हैं. रिसर्चर्स ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को, फीनिक्स, लॉस एंजिल्स और ऑस्टिन जैसे शहरों में इन कारों की परफॉर्मेंस का विश्लेषण किया. 
  • रिपोर्ट में पाया गया कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से Waymo की कारों में एक्सीडेंट की संख्या सामान्य कारों की तुलना में काफी कम रही. इसके अलावा, गंभीर चोट वाले हादसों में भी बड़ी कमी देखने को मिली.
    कितनी सेफ हैं ड्राइवरलेस कारें? स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
  • सिंगल व्हीकल हादसों के मामलों में लगभग 85 फीसदी की कमी, जबकि यात्रियों और पैदल चलने वालों के घायल होने वाले हादसों में 81 फीसदी तक कमी दर्ज की गई.
  • इस रिपोर्ट में लेवल-4 ड्राइवरलेस तकनीक का भी जिक्र किया गया है. आसान भाषा में समझें तो इस तकनीक वाली कारें अलग-अलग कंडीशन में बिना किसी ड्राइवर के खुद चल सकती हैं. इनमें स्टीयरिंग संभालने या रास्ते का फैसला लेने के लिए इंसान की जरूरत नहीं पड़ती.
  • लेवल-5 तकनीक इससे भी आगे की है, जिसमें कार हर तरह की सड़क और मौसम में पूरी तरह अपने आप चल सकेगी. फिलहाल दुनिया में ऐसी लेवल-5 कारें मौजूद नहीं है.

कैसी है इन गाड़ियों की सेफ्टी?

  • स्टडी में ड्राइवरलेस कारों की सेफ्टी को लेकर भी पॉजिटिव रिजल्ट मिले हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ने कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया है. Insurance Institute for Highway Safety (IIHS) के अध्यक्ष डेविड हार्की का कहना है कि अभी ड्राइवरलेस कारों की निगरानी और एक्सीडेंट का रिकॉर्ड रखने वाला सरकारी सिस्टम पूरी तरह मजबूत नहीं है.
  • कई कंपनियां यह जानकारी साझा नहीं करतीं कि उनकी कारों ने कुल कितनी दूरी तय की है. ऐसे में अलग-अलग कंपनियों की सही तुलना करना मुश्किल हो जाता है.
  • रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने Waymo, Cruise और Zoox जैसी कंपनियों की 736 एक्सीडेंट रिपोर्ट का रिसर्च किया. सबसे पहले उन मामलों को हटाया गया जिनमें ऑटोमेशन चालू नहीं था या गाड़ी सड़क पर नहीं चल रही थी. इसके बाद केवल गंभीर हादसों को शामिल किया गया, जैसे एयरबैग खुलना या किसी शख्स को अस्पताल पहुंचाना. 
  • कितनी सेफ हैं ड्राइवरलेस कारें? स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

सेफ्टी के मामले में कर रहीं बेहतर परफॉर्मेंस 

  • जांच के बाद Waymo से जुड़े 89 गंभीर हादसे सामने आए, जिनमें 64 मामलों में कार पूरी तरह ड्राइवरलेस मोड में चल रही थी. कुल मिलाकर, नई स्टडी बताती है कि मौजूदा समय में सीमित स्तर पर इस्तेमाल की जा रही Waymo की ड्राइवरलेस कारें सेफ्टी के मामले में इंसानी ड्राइवरों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं.
  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने से पहले एक्सीडेंट का रिकॉर्ड रखने और निगरानी करने वाली व्यवस्था को और मजबूत बनाना जरूरी है. इससे भविष्य में ड्राइवरलेस कारों की सेफ्टी का सही आकलन किया जा सकेगा और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.
  • फिलहाल, Waymo जैसी कंपनियों की ड्राइवरलेस कारें सेफ्टी के मामले में अच्छे संकेत दे रही हैं. फिर भी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तकनीक को पूरी तरह भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार निगरानी, ज्यादा रिसर्च और पारदर्शी डेटा साझा करना बेहद जरूरी होगा.
  • ऐसे में आने वाले समय में में बिना ड्राइवर चलने वाली कारों को आम लोगों के लिए पूरी तरह सेफ और विश्वसनीय माना जा सकेगा. 

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About the author क़मरजहां

क़मरजहां एबीपी न्यूज़ में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रही हैं और वर्तमान में ऑटोमोबाइल सेक्शन में कार्यरत हैं. इन्हें पत्रकारिता जगत में 5 साल का अनुभव है और पिछले 4 सालों से ABP Live.com का हिस्सा हैं. क़मरजहां नेशनल, टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, राजनीति, चुनाव और अलग-अलग राज्यों से जुड़े सेक्शन में काम कर चुकी हैं. कौन-सी स्टोरीज ऑडियंस को अच्छे से कनेक्ट कर पाएंगी, इस हुनर से बखूबी वाकिफ हैं. ट्रेंड्स के साथ ही इन्हें SEO की जानकारी भी है. क़मरजहां ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई Jamia Millia Islamia से पूरी की है. 

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