Scrap Policy: सिर्फ इतने साल ही चला सकते हैं आप गाड़ी, स्क्रैप में जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम
Scrap Policy: दुनिया के दूसरे देशों में भी इसी तरह के नियम लागू हैं. जैसे अमेरिका, यूरोप, जापान और चीन में पुरानी गाड़ियों को हटाने या रीसाइकल करने के लिए अलग-अलग पॉलिसी और इंसेंटिंव दिए जाते हैं.

अगर आप पुरानी या विंटेज कारों के शौकीन हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है. दरअसल, केंद्र सरकार ने व्हीकल पॉलिसी के तहत अनफिट गाड़ियों को स्क्रैप करना अनिवार्य कर दिया है. स्क्रैप पॉलिसी के मुताबिक, 15 और 20 साल की उम्र हासिल कर चुके सभी तरह के पुराने कमर्शियल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट में फेल होने के बाद स्क्रैप कर दिया जाएगा.
सरकार का मकसद पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाकर सड़कों को सुरक्षित और साफ बनाना है, लेकिन इसके साथ एक चिंता भी उठ रही है कि कहीं इससे भारत के क्लासिक कार कल्चर पर असर तो नहीं पड़ेगा? नई नीति के मुताबिक, कंपनियों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ेगा क्योंकि उन्हें भविष्य में स्क्रैप होने वाली गाड़ियों के लिए पहले से अलग पैसा रखना होगा. इससे ऑटो सेक्टर पर हजारों करोड़ का ज्यादा बोझ पड़ सकता है वहीं आम लोगों और कार प्रेमियों के बीच यह डर है कि उनकी पुरानी गाड़ियां कहीं जबरदस्ती खत्म न कर दी जाएं.
50 साल से पुरानी गाड़ी विंटेज कैटेगरी में
एक चीज ध्यान देने वाली यह है कि 50 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को विंटेज कैटेगरी में रखकर कुछ राहत दी गई है. अगर ऐसी गाड़ियां अच्छी हालत में हैं तो उन्हें स्क्रैप नहीं करना पड़ेगा. लेकिन इन्हें रोजाना इस्तेमाल करने की बजाय सिर्फ शो, रैली या खास मौकों पर चलाने की इजाजत हो सकती है. सबसे ज्यादा चिंता 20 से 45 साल पुरानी गाड़ियों को लेकर है. ये न तो नई हैं और न ही विंटेज श्रेणी में आती हैं, इसलिए इन पर नियमों का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है. ऐसी गाड़ियों के मालिकों को आगे चलकर ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
गाड़ी का फिटनेस टेस्ट होना जरूरी
एक बड़ी गलतफहमी यह भी है कि 15 साल पुरानी गाड़ी को सीधे स्क्रैप कर दिया जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है. असल में 15 साल के बाद गाड़ी का फिटनेस टेस्ट होता है. अगर गाड़ी उस टेस्ट में पास हो जाती है तो उसका रजिस्ट्रेशन दोबारा कराया जा सकता है और वह सड़क पर चल सकती है. इसके अलावा लोगों के पास कुछ ऑप्शन भी हैं, जैसे पुरानी गाड़ी को इलेक्ट्रिक में बदलना या उसे सिर्फ प्रदर्शन के लिए सुरक्षित रखना है. इससे कार मालिक अपनी क्लासिक गाड़ियों को बचा सकते हैं.
दुनिया के दूसरे देशों में भी इसी तरह के नियम लागू हैं. जैसे अमेरिका, यूरोप, जापान और चीन में पुरानी गाड़ियों को हटाने या रीसाइकल करने के लिए अलग-अलग पॉलिसी और इंसेंटिव दिए जाते हैं, ताकि प्रदूषण कम हो और पर्यावरण सुरक्षित रहे.
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