Pressure Washer से Car धोते हैं, इन जगहों पर भूलकर भी न मारें पानी
प्रेशर वाशर से कार धोते समय इन 4 संवेदनशील जगहों पर भूलकर भी तेज पानी की धार न मारें. हो सकता है हजारों का नुकसान, जानें सही नियम.

आजकल हमारे पास गाड़ी होने की दुकानें बहुत ही तेजी से खुल रही हैं. क्योंकि, अब लोगों को हाई प्रेशर वाशर से कारें धुलवाने में ज्यादा मजा आता है. जबकि अब कुछ लोग अपने घर पर ही पोर्टेबल प्रेशर वाशर खरीद रहें हैं और घर पर हाई प्रेशर से कार धुलते हैं. आपको बता दें कि, हाई-प्रेशर वाटर गन से गाड़ी पर जमा जिद्दी कीचड़ और धूल-मिट्टी सेकेंडों में साफ हो जाती है लेकिन इसके इस्तेमाल में जरा सी असावधानी आपकी कार को भारी नुकसान भी पहुंचा सकती है.
क्योंकि, प्रेशर वाशर से निकलने वाले पानी का प्रेशर अक्सर 100 से 150 बार तक होता है जो किसी तेज धार वाली छुरी की तरह काम करता है. इसलिए अगर आप भी अपनी कार को हाई-प्रेशर वाशर से साफ करते हैं तो कार के कुछ नाजुक हिस्सों और सावधानियों के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है. जिसके चलते इस खबर में आज हम इसी बात पर चर्चा करेंगे.
इन पार्ट्स पर न मारें पानी
आपको बता दें कि, कार का इंजन बे गाड़ी का सबसे नाजुक हिस्सा होता है. क्योंकि, आधुनिक गाड़ियों के इंजन बे में कई तरह के सेंसर, फ्यूज बॉक्स, अल्टरनेटर, ईसीयू और तारों के कनेक्शन खुले होते हैं. जब आप प्रेशर वाशर की सीधी और तेज धार इंजन के ऊपर मारते हैं तो पानी सील को तोड़कर इलेक्ट्रिकल सॉकेट्स और सेंसर्स के अंदर घुस जाता है.
जिससे गाड़ी में शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है और साथ इंजन का ईसीयू भी खराब हो सकता है और आपकी कार रास्ते में बंद पड़ सकती है. इंजन को साफ करने के लिए हमेशा हल्के गीले कपड़े और स्पेशल इंजन क्लीनिंग स्प्रे का ही इस्तेमाल करें.

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रेडिएटर ग्रिल और एसी कंडेनसर को भी बचाएं
वहीं, आपकी कार के बंपर के ठीक पीछे रेडिएटर और एसी कंडेनसर लगा होता है. इनमें बहुत पतली-पतली एल्युमिनियम की पत्तियां होती हैं. जो इंजन और एसी गैसेस को ठंडा रखने का काम करती हैं. जब आप ग्रिल के रास्ते सीधे रेडिएटर पर हाई-प्रेशर वाटर मारते हैं.
तो पानी के प्रचंड दबाव से ये पतली एल्युमिनियम फिन मुड़ जाती हैं या पूरी तरह टूट जाती हैं. रेडिएटर फिन्स मुड़ने से हवा का बहाव रुक जाता है जिससे कार का इंजन ओवरहीट होने लगता है और एसी की कूलिंग भी कम हो जाती है. इसलिए रेडिएटर वाले हिस्से पर पानी का प्रेशर हमेशा बहुत धीमा रखें और ध्यान से धुलें.

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रबर सील और विंडस्क्रीन बीडिंग का रखें ध्यान
बता दें कि, कार के दरवाजों, खिड़कियों और सनरूफ के किनारों पर रबर की सील और बीडिंग लगी होती है. जो बारिश के पानी और बाहर के शोर को केबिन में आने से रोकती है. प्रेशर वाशर का पानी अगर बहुत करीब से इन रबर गस्केट्स पर मारा जाए तो पानी के दबाव से रबर कट सकती है या अपनी जगह से उखड़ सकती है.
अगर एक बार रबर सील ढीली हो जाए तो बारिश के दौरान केबिन और डिग्गी के अंदर पानी का रिसाव होने लगता है. जबकि इसके अलावा डोर कब्जों पर लगा ग्रीस भी तेज पानी से धुल जाता है जिससे दरवाजों से आवाज आने लगती है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
जबकि अगर आपकी कार के पेंट पर पहले से कोई छोटा-सा कट, डेंट या खरोंच मौजूद है तो उस जगह पर कभी भी प्रेशर वाशर की नोक पास लाकर पानी न मारें. पानी का तेज प्रेशर उखड़े हुए पेंट की परत के नीचे घुसकर पूरे पेंट को पपड़ी बनाकर उड़ा सकता है.
वहीं, इसके अलावा टायरों की साइडवॉल और एयर वॉल्व स्टेम पर बहुत पास से पानी मारने से रबर कमजोर हो जाती है. जिससे हाई-स्पीड में टायर फटने का रिस्क बढ़ जाता है. कार की बॉडी धोते समय वाशर की नोजल को हमेशा कार से कम से कम 1.5 से 2 फीट की दूरी पर रखें.
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