एक्सप्लोरर

Tesla ने बदला Full Self-Driving का नाम, यूरोप में क्यों लिया फैसला?

Tesla ने यूरोप में Full Self-Driving का नाम बदलकर Tesla Assisted Driving कर दिया है. जानें नियामकों की चिंता और इस तकनीक की असली क्षमता.

इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी Tesla ने यूरोप में अपने चर्चित Full Self-Driving (FSD) फीचर का नाम बदलकर Tesla Assisted Driving कर दिया है. कंपनी के इस फैसले के पीछे यूरोपीय नियामकों की चिंताएं हैं, जिन्होंने पुराने नाम को भ्रामक बताया था. दरअसल, Full Self-Driving नाम से ग्राहकों को लग सकता है कि कार बिना ड्राइवर की मदद के खुद चल सकती है, जबकि इस सिस्टम का इस्तेमाल करते समय भी ड्राइवर को सड़क पर लगातार ध्यान देना पड़ता है. 

Tesla का यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब कंपनी यूरोप के ज्यादा देशों में अपने ड्राइविंग असिस्टेंस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने की मंजूरी पाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, सिर्फ नाम बदलने से कार पूरी तरह ऑटोनॉमस नहीं हो जाती.

यह भी पढ़ें: BMW से Ducati तक, भारत की 5 Premium Bikes पर डालें नजर

क्यों बदला गया Full Self-Driving का नाम?

Tesla के पुराने फीचर नाम पर जर्मनी समेत यूरोप के कई देशों में सवाल उठे थे. नियामकों को चिंता थी कि Full Self-Driving नाम से ग्राहक यह समझ सकते हैं कि कार बिना किसी मानवीय निगरानी के चल सकती है. जर्मनी के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, Tesla ने बातचीत के दौरान नाम बदलने का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद कंपनी ने अपनी कई यूरोपीय वेबसाइटों पर नया नाम इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड और स्लोवाकिया की वेबसाइटों पर यह बदलाव देखा गया है. इसका मतलब यह नहीं है कि तकनीक अचानक बदल गई है, बल्कि फिलहाल मुख्य बदलाव फीचर के नाम और उसकी मार्केटिंग में हुआ है.

क्या Tesla की कार अब खुद चलेगी?

नहीं, नाम बदलने का मतलब यह नहीं है कि Tesla की कार पूरी तरह ड्राइवरलेस हो गई है. यह एक एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम है, जो स्टीयरिंग, गति नियंत्रित करने, लेन बदलने और रास्ते पर आगे बढ़ने जैसे कामों में मदद कर सकता है. उपलब्ध फीचर्स कार, सॉफ्टवेयर वर्जन और बाजार के हिसाब से अलग हो सकते हैं. सिस्टम इस्तेमाल करते समय ड्राइवर को सड़क पर ध्यान देना और जरूरत पड़ने पर तुरंत कंट्रोल संभालने के लिए तैयार रहना जरूरी है. Tesla की अपनी वेबसाइट भी स्पष्ट करती है कि Full Self-Driving (Supervised) कार को पूरी तरह ऑटोनॉमस नहीं बनाता. इसलिए इसे बिना निगरानी के ड्राइविंग की सुविधा समझना सही नहीं होगा.

यूरोप में मंजूरी पाने की कोशिश

Tesla इस तकनीक को यूरोप के ज्यादा देशों में उपलब्ध कराना चाहती है. रिपोर्ट के मुताबिक, आठ यूरोपीय संघ देशों में इस सिस्टम को मंजूरी मिल चुकी थी, जबकि स्लोवाकिया में मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई गई थी. पूरे यूरोपीय संघ में इसे मंजूरी देने से जुड़ी वोटिंग अक्टूबर से टलकर कम से कम दिसंबर 2026 तक पहुंच गई है. फ्रांस समेत कुछ देशों में अतिरिक्त जांच जारी है. नया नाम नियामकों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश का हिस्सा है, लेकिन इससे पूरे यूरोप में इस्तेमाल की मंजूरी अपने आप नहीं मिल जाती. आगे का फैसला संबंधित नियामकीय प्रक्रिया और तकनीकी जांच पर निर्भर करेगा.

यह भी पढ़ें: Audi Q3 की लॉन्चिंग 16 अक्टूबर को, 204 PS की Power वाली SUV तैयार

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अब 10 लाख से सस्ती कारें नहीं खरीद रहे लोग, चौंका देगा 6 साल का आंकड़ा
अब 10 लाख से सस्ती कारें नहीं खरीद रहे लोग, चौंका देगा 6 साल का आंकड़ा
Yamaha का दिवाली गिफ्ट, मात्र 2,499 रुपये में घर लाएं स्कूटर
Yamaha का दिवाली गिफ्ट, मात्र 2,499 रुपये में घर लाएं स्कूटर
Audi Q3 की लॉन्चिंग 16 अक्टूबर को, 204 PS की Power वाली SUV तैयार
Audi Q3 की लॉन्चिंग 16 अक्टूबर को, 204 PS की Power वाली SUV तैयार
नोएडा में Tesla का नया ठिकाना, जानें क्या मिलेगी सुविधा?
नोएडा में Tesla का नया ठिकाना, जानें क्या मिलेगी सुविधा?
Advertisement

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी: SIR में कटे 85854 वोटरों के नाम? आयोग ने इस मामले पर दी सफाई
यूपी: SIR में कटे 85854 वोटरों के नाम? आयोग ने इस मामले पर दी सफाई
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget