अगर दिल्ली-NCR में आपके पास नहीं है ये कागज तो भूल जाइए पेट्रोल-डीजल, जानिए नए नियम
No Fuel Without PUC: बाहर के राज्यों से आने वाली पुरानी गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री पर निगरानी रखी जा रही है. कई जगहों पर कैमरों और ANPR सिस्टम की मदद से गाड़ियों की जांच की जा रही है.

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते पॉल्यूशन को देखते हुए अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. खराब हवा के चलते सरकार और CAQM (Commission for Air Quality Management) ने ऐसे नियम लागू किए हैं जिनका सीधा असर गाड़ी चलाने वालों पर पड़ेगा.
नियमों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से जिन गाड़ियों के पास वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा, यानी अगर आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या आपने बनवाया ही नहीं है, तो आप पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं भरवा पाएंगे.
BS-6 मानकों से नीचे वाली गाड़ियों पर सख्ती
सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में ऐसे गाड़ियां सड़कों पर चल रही हैं जो तय प्रदूषण मानकों का पालन नहीं कर रहे और इससे दिल्ली की हवा और जहरीली हो रही है. इसके साथ ही प्रशासन ने BS-6 मानकों से नीचे वाली कई गाड़ियों पर भी सख्ती बढ़ाई है.
खासकर बाहर के राज्यों से आने वाली पुरानी गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री पर निगरानी रखी जा रही है. कई जगहों पर कैमरों और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम की मदद से गाड़ियों की जांच की जा रही है. अगर गाड़ी प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करते पाए गए, तो उन पर 10 हजार तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
समय-समय पर गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट बनवाएं
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह कदम सिर्फ चालान काटने के लिए नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करने और प्रदूषण कम करने के लिए उठाया गया है. दिल्ली में सर्दियों के दौरान AQI बेहद खराब लेवल पर पहुंच जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और फेफड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं. इसलिए प्रशासन चाहता है कि सभी गाड़ी मालिक समय-समय पर अपनी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट बनवाएं और वाहन की सर्विसिंग कराते रहें.
कितना जुर्माना देना होगा?
जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों के पास PUC नहीं होगा उन्हें 10,000 तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. कई जगह ट्रैफिक पुलिस और पेट्रोल पंप कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहनों को फ्यूल न दिया जाए. सरकार ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में इस नियम को और सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम हो सके.
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Source: IOCL























