Dashcam लगवाने से क्या मिलेगा कानूनी फायदा? Accident के बाद जानिए कितना काम आती है रिकॉर्डिंग
Dashcam Legal Validity India: कार में डैशकैम लगवाने के क्या हैं कानूनी फायदे? जानिए कैसे एक्सीडेंट के बाद इसकी अनकट वीडियो रिकॉर्डिंग आपको झूठे मामलों और कोर्ट-कचहरी के चक्करों से बचा सकती है.

Dashcam Legal Validity India: पहले भारत में गाड़ी चलाना आसान था क्योंकि सड़कों पर गाड़ियों की बहुत ही कम भीड़ रहती थी. लेकिन आज के जमाने में इस देश में गाड़ी ड्राइव करना किसी एडवेंचर से कम नहीं हैं. भारतीय सड़कों पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है और हादसे के बाद इसपर ज्यादा बहस देखने को मिलती है की गलती किसकी थी. कुछ मौकों पर गलती न होने पर भी आपको दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
इस मामले को बढ़ते देख अब लोग अपनी गाड़ी में डैशकैम लगवा रहे हैं. जिससे यह साफ हो सके की हादसे के समय गलती किसकी थी. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि, क्या डैशकैम की रिकॉर्डिंग कानूनी मान्य है या नहीं. तो चलिए जानतें हैं बेहद ही आसान भाषा में डैशकैम लगवाने के क्या कानूनी फायदे हैं और हादसे के बाद इसकी रिकॉर्डिंग आपके कितने काम आ सकती है.
पक्का सबूत माना जाता है डैशकैम वीडियो
आपको बता दें कि, नए नियमों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग्स को अदालत में कानूनी सबूत के तौर पर स्वीकार किया जाता है. अगर सड़क पर कोई आपके सामने अचानक आ जाता है या गलत साइड से आकर आपकी कार में टक्कर मार देता है.
तो आप बेकसूर होने के बावजूद फंस सकते हैं. ऐसी स्थिति में बिना छेड़छाड़ की गई टाइम-स्टैम्प वाली डैशकैम अनकट वीडियो फुटेज पुलिस जांच और कोर्ट ट्रायल के दौरान आपकी बेगुनाही का सबसे बड़ा और ठोस कानूनी दस्तावेज बन जाती है.
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फर्जी क्लेम से मिलती है बड़ी सुरक्षा
आपको पता ही होगा आजकल सड़कों पर जानबूझकर एक्सीडेंट का नाटक करके पैसे ऐंठने और ब्लैकमेल करने वाले गैंग काफी सक्रिय हैं. ये लोग चलती कार के आगे कूद जाते हैं या अपनी बाइक जबरन आपकी गाड़ी से सटा देते हैं और फिर भीड़ इकट्ठा करके कार वाले को ही दोषी ठहराते हैं.
अगर आपकी कार में डैशकैम लगा है तो आप इस तरह की धोखाधड़ी और सड़क पर होने वाली मारपीट से पूरी तरह बच सकते हैं. जैसे ही आप सामने वाले को कैमरे की तरफ इशारा करके रिकॉर्डिंग होने की बात बताते हैं आधे से ज्यादा फर्जी मामले वहीं रफा-दफा हो जाते हैं.
इंश्योरेंस क्लेम मिलने में भी होती है आसानी
जबकि इसके अलावा डैशकैम का फायदा कार इंश्योरेंस क्लेम में भी मिलता है. एक्सीडेंट के बाद बीमा कंपनियों से इंश्योरेंस क्लेम पास कराना एक लंबा और सिरदर्दी वाला काम होता है. कई मौकों पर बीमा कंपनियां हादसे की सच्चाई का पता लगाने के लिए अपने सर्वेक्षक भेजती हैं और लंबी कागजी कार्रवाई होती है जिससे क्लेम मिलने में हफ्तों लग जाते हैं.
लेकिन अगर आप क्लेम फाइल करते समय एक्सीडेंट की पूरी डैशकैम फुटेज सौंप देते हैं तो कंपनी के पास विवाद की कोई गुंजाइश नहीं बचती. वीडियो देखकर नुकसान की गंभीरता और गलती का तुरंत आकलन हो जाता है जिससे आपका क्लेम बिना किसी रुकावट के बहुत तेजी से सेटल हो जाता है.
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