Child Front Seat Challan: कार में बच्चे को आगे बैठाते हैं, जानें कब कट जाता है चालान?
Child Front Seat Challan: मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 125A के तहत कार में बच्चों के लिए CRS और सेफ्टी हार्नेस अनिवार्य है, एयरबैग के खतरे के चलते छोटे बच्चों को आगे बैठाना चालान की वजह बन सकता है.

Child Front Seat Challan: छोटा बच्चा गोद में लेकर आगे की सीट पर बैठना कई परिवारों के लिए आम आदत रही है, लेकिन यह आदत अब सिर्फ खतरनाक ही नहीं, बल्कि सीधे चालान की वजह भी बन सकती है. मोटर व्हीकल एक्ट में इसे लेकर साफ नियम बना दिया गया है.
आगे की सीट पर बच्चे को बैठाने से रोकने के पीछे सबसे बड़ी वजह है एयरबैग. एयरबैग एक कंट्रोल्ड धमाके के साथ खुलता है और यह प्रेशर इतना तेज होता है कि एक एडल्ट को तो खास नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन छोटे बच्चे की हड्डियां इस झटके से टूट सकती हैं. यही वजह है कि एयरबैग, जो सुरक्षा के लिए बना है, छोटे बच्चों के लिए उल्टा खतरनाक साबित हो सकता है.
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फ्रंट सीट पर बच्चों के लिए ये चीजें जरूरी
मोटर व्हीकल एक्ट 2020 की धारा 125A के तहत कार में सफर के दौरान चाइल्ड रिस्ट्रेन सिस्टम यानी CRS का इस्तेमाल जरुरी कर दिया गया है. नियम के मुताबिक, 4 से 10 साल की उम्र के बच्चे, जिनकी लंबाई 135 सेंटीमीटर से कम है, उनके लिए सेफ्टी हार्नेस का इस्तेमाल भी जरूरी है. यानी सिर्फ आगे बैठाना ही नहीं, बिना सही चाइल्ड सीट या हार्नेस के सफर करना भी नियम का उल्लंघन माना जाता है.
उम्र के हिसाब से अलग है सुरक्षा जरूरत
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक से डेढ़ साल तक के शिशुओं के लिए पीछे की तरफ मुंह करने वाली इन्फैंट सीट सबसे सुरक्षित मानी जाती है. इसके बाद ज्यादातर बच्चों को कम से कम 5 साल की उम्र तक आगे की तरफ मुंह करने वाली चाइल्ड सीट पर ही बिठाना चाहिए. आगे की सीट पर बैठने के लिए आमतौर पर बच्चे की उम्र कम से कम 13 साल होनी जरूरी मानी जाती है, हालांकि अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर दिशा निर्देश थोड़े अलग हो सकते हैं.
कट सकता है चालान
अगर पुलिस चेकिंग के दौरान पाया जाता है कि गाड़ी में तय उम्र के बच्चे बिना सीआरएस या सेफ्टी हार्नेस के सफर कर रहे हैं या फिर छोटे बच्चे को आगे की सीट पर एयरबैग वाली जगह पर बिठाया गया है, तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटा जा सकता है. यह नियम खासतौर पर उन गाड़ियों में सख्ती से लागू होता है, जिनमें फ्रंट पैसेंजर एयरबैग की सुविधा मौजूद है.
यह नियम नजरअंदाज न करें
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार बाजार है, और यहां भी अब कार सेफ्टी को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. इसलिए अगली बार परिवार के साथ सफर पर निकलने से पहले बच्चों की सही सीटिंग अरेंजमेंट और सेफ्टी इक्विपमेंट का ध्यान जरूर रखें, यह न सिर्फ चालान से बचाएगा, बल्कि बच्चे की जान भी सुरक्षित रखेगा.
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