टेस्ट ड्राइव पर जाने से पहले जान लें ये जरूरी बात, वरना होगा नुकसान
नई कार खरीदने जा रहे हैं? शोरूम में टेस्ट ड्राइव पर जाने से पहले इन जरूरी बातों को जान लें वरना बाद में आपको पछताना पड़ सकता है.

हमारे देश में गाड़ियों की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है. क्योंकि पहले के समय शहर हो या गांव बहुत कम ही गाड़ियां देखने को मिलती थी. लेकिन अब तेजी से कारें बिक रही हैं. आज के समय में जब भी कोई गाड़ी खरीदने का मन बनाता है तो सबसे पहले शोरूम जाकर टेस्ट ड्राइव करने का मन बनाता है. क्योंकि आजकल सभी कंपनियां गाड़ी बुक कराने से पहले टेस्ट ड्राइव का मौका देती हैं.
लेकिन आज हम आपको इस खबर में बताएंगे कि अगर आप गाड़ी खरीदने से पहले अगर टेस्ट ड्राइव लेते हैं और कुछ चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं तो आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं कि टेस्ट ड्राइव पर जाने से पहले और उसके दौरान आपको किन जरूरी बातों का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए.
सीटिंग पोजीशन का रखें ध्यान
आपको बता दें कि जब भी किसी कंपनी में कार टेस्ट ड्राइव करने जाये तो सबसे पहले अपनी ड्राइविंग सीट की पोजीशन को अपने हिसाब से एडजस्ट करें. यह चेक करें कि स्टीयरिंग व्हील, पैडल और गियर लीवर तक आपकी पहुंच कितनी सही बन रही है. इसके साथ ही गाड़ी के अंदर से बाहर का व्यू यानी विजिबिलिटी कैसी है यह देखना बहुत जरूरी है.
वहीं आगे का बोनट साफ दिखाई दे रहा है या नहीं और ओआरवीएम यानी साइड मिरर और रियरव्यू मिरर से पीछे का ट्रैफिक ठीक से दिख रहा है या नहीं इसकी जरूर जांच करें. अगर लंबे सफर के दौरान ड्राइवर की पीठ या गर्दन में खिंचाव महसूस होता है तो ऐसी कार आपके लिए सही नहीं है. इसलिए सीट की कुशनिंग और एडजस्टेबिलिटी को अच्छी तरह चेक कर लें.

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गाड़ी के सस्पेंशन को ठीक से चेक करें
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि शोरूम वाले आपको बहुत ही चिकनी और साफ-सुथरी सड़कों पर टेस्ट ड्राइव करवाते हैं. लेकिन आपको खुद थोड़ी कोशिश करके गाड़ी को किसी खराब रास्ते, गड्ढों या स्पीड ब्रेकर से गुजारना चाहिए. इससे आपको गाड़ी के सस्पेंशन की असली क्वालिटी का पता चलता है.
अगर गाड़ी खराब रास्तों पर बहुत ज्यादा झटके देती है या केबिन के अंदर अजीब सी आवाजें आती हैं. तो उसका सस्पेंशन कमजोर हो सकता है. इसके अलावा रफ रास्तों पर यह भी चेक करें कि गाड़ी का ग्राउंड क्लीयरेंस कितना असरदार है और क्या वह बड़े स्पीड ब्रेकर पर नीचे से टकराती है या नहीं.

स्टीयरिंग भी चेक करें
वहीं सफर के दौरान सेफ्टी सबसे पहली प्राथमिकता होती है इसलिए गाड़ी के ब्रेक्स को अलग-अलग स्पीड पर परखना बहुत जरूरी है. किसी खाली और सुरक्षित सड़क पर थोड़ी स्पीड बढ़ाकर अचानक ब्रेक लगाएं और देखें कि गाड़ी कितनी जल्दी और कितनी संतुलित तरीके से रुकती है. इसके साथ ही स्टीयरिंग के रिस्पॉन्स पर भी पूरा ध्यान दें.
जबकि शहर की छोटी गलियों में स्टीयरिंग हल्का महसूस होना चाहिए ताकि यू-टर्न लेना आसान हो और हाईवे पर तेज रफ्तार में यह थोड़ा भारी और स्थिर होना चाहिए ताकि गाड़ी पर पूरा कंट्रोल बना रहे.
फीचर्स और कम्फर्ट भी करें चेक
जानकारी दें दे कि गाड़ी चलाते समय इंजन की आवाज केबिन के अंदर कितनी आ रही है इस पर गौर करें. एक अच्छी रिफाइंड कार में केबिन के अंदर बाहर का शोर या इंजन की घरघराहट कम से कम आनी चाहिए. यदि आप परिवार के साथ कार खरीदने जा रहे हैं तो उन्हें भी पीछे की सीट पर बैठाकर टेस्ट ड्राइव लें.
पीछे का लेगरूम, हेडरूम, सीट का एंगल और एसी के वेंट्स की ठंडक कैसी है यह परिवार के सदस्यों से जरूर पूछें. वहीं इसके अलावा टचस्क्रीन का रिस्पॉन्स, स्पीकर की क्वालिटी और सभी बटन ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं यह सब चेक करने के बाद ही अपना फाइनल डिसीजन लें.
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