EV की बैटरी जल्दी होगी कमजोर, कहीं आप तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां
ईवी की बैटरी जल्दी कमजोर क्यों हो रही है. जानिए 5 ऐसी गलतियां जो चार्जिंग के दौरान लोग अक्सर करते हैं और बैटरी लाइफ बचाएं.

भारत में इस समय इलेक्ट्रिक गाड़ियों का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में हमें सड़क पर सबसे ज्यादा EV गाड़ियां ही देखने को मिल सकती हैं. इस समय पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लोग ईवी कार और स्कूटर्स अपना रहे हैं. लेकिन इसके बाद भी अभी इलेक्ट्रिक गाड़ियां काफी महंगी है और इसका कारण है महंगी बैटरी.
अभी भी जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक गाड़ी है उनको भी इन गाड़ियों के बारें में पूरी जानकारी नहीं है. जिससे बैटरी की हेल्थ और रेंज समय से पहले ही काफी कम होने लगती है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी ईवी की बैटरी सालो-साल बिना किसी परेशानी के बेहतरीन परफॉर्मेंस देती रहे तो चार्जिंग के दौरान की जाने वाली इन 5 बड़ी गलतियों का ध्यान रखें. तो चलिए जानते हैं कि वे कौन सी गलतियां हैं जो आपकी गाड़ी की बैटरी को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर रही हैं.
बैटरी को फुल चार्ज करना
आपको बता दें कि स्मार्टफोन की तरह ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी के लिए भी हर दिन इसे 100% तक फुल चार्ज करना खतरनाक साबित होता है. बैटरी को लगातार फूल चार्ज करने से उसके अंदरूनी सेल्स पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है.
जिसके चलते हमेशा बैटरी को लगभग 80% से 85% तक ही चार्ज रखना सबसे अच्छा माना जाता है. यदि आपको किसी लंबी यात्रा पर निकलना हो तभी गाड़ी को पूरी तरह से 100% चार्ज करें. इस छोटी सी आदत को बदलकर आप बैटरी के लाइफ को काफी हद तक लंबा खींच सकते हैं.

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बैटरी पूरी तरह न करें डाउन
जानकारी दें दे कि जिस तरह 100% चार्ज करना गलत है उसी तरह बैटरी को बार-बार 0% तक डिस्चार्ज कर देना भी बहुत खराब आदत है. क्योंकि जब बैटरी का लेवल बहुत ज्यादा नीचे चला जाता है तो इसके केमिकल सेल्स अपनी क्षमता तेजी से खोने लगते हैं.
कार या स्कूटर की बैटरी को कभी भी 15 से 20 प्रतिशत से नीचे न जाने दें. बैटरी का स्तर 20% के आसपास पहुंचते ही उसे तुरंत चार्जिंग पर लगा देना चाहिए. ऐसा करने से बैटरी का इंटरनल स्ट्रक्चर सेफ रहता है और उसकी पावर डिलीवरी हमेशा एक जैसी बनी रहती है.
फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल करना
वहीं ऐसा देखा जाता है कि लोग सफर के दौरान समय बचाने के लिए डीसी फास्ट चार्जर का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं. तो बता दें कि इसका बहुत ज्यादा और लगातार उपयोग बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है. फास्ट चार्जर से बैटरी में अचानक से बहुत अधिक हाई-वोल्टेज करंट और गर्मी प्रवेश करती है.
जो बैटरी सेल्स को तेजी से डैमेज करती है. रोजाना की चार्जिंग के लिए हमेशा घर पर मिलने वाले स्लो एसी चार्जर को ही प्राथमिकता दें. फास्ट चार्जिंग का इस्तेमाल केवल तभी करें जब आप किसी लंबे सफर पर हों और आपको तुरंत चार्जिंग की जरूरत पड़े.

गर्म बैटरी को चार्जिंग पर लगाना
बता दें कि लंबी ड्राइव के बाद बैटरी का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है. सफर खत्म होते ही तुरंत गाड़ी को चार्जिंग पॉइंट से कनेक्ट कर देने से बैटरी पर अधिक थर्मल लोड पड़ता है. इसलिए हमेशा गाड़ी को पार्क करने के बाद 15 से 20 मिनट का समय दें ताकि बैटरी का तापमान सामान्य और ठंडा हो सके. उसके बाद ही चार्जर को प्लग इन करें.
धूप में गाड़ी चार्ज करना
वहीं मौसम का मिजाज और तापमान भी ईवी बैटरी की परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालते हैं. यदि आप अपनी गाड़ी को सीधे तेज धूप में, खुले आसमान के नीचे या बहुत ज्यादा गर्मी वाली जगह पर चार्ज करते हैं तो बैटरी का तापमान जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है.
चार्जिंग के दौरान वैसे ही बैटरी गर्म होती है और ऊपर से बाहरी धूप इसे और नुकसान पहुंचाती है. हमेशा अपनी इलेक्ट्रिक कार या टू-व्हीलर को किसी छायादार जगह चार्ज करने की आदत डालें ताकि बैटरी ओवरहीटिंग की समस्या से बची रहे.
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