गर्मी के चक्कर में बुरा फंस रहे कार चालक! सड़क पर उतारकर काटे जा रहे चालान, जानें क्यों?
साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह साफ कर दिया था कि किसी भी तरह की काली फिल्म या टिंटेड शीट्स कार की विंडोज और विंडशील्ड पर नहीं लगाई जा सकती.

जैसे ही मई का महीना शुरू हुआ था, वैसे ही गर्मी ने भी दस्तक दे दी थी. देश के कई हिस्सों में गर्मी का आलम ऐसा है कि कार चलाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. ऐसे में लोग तेज धूप और चुभती गर्मी से राहत पाने के लिए सनफिल्म का सहारा ले रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कर्नाटक समेत कई राज्य ऐसे हैं जहां की पुलिस ने सनफिल्म हटाओ अभियान शुरू कर दिया है और इसके तहत न सिर्फ चालान कट रहा है बल्कि कारों से ऑन-द-स्पॉट फिल्म भी उतारी जा रही है.
क्या होती है सनफिल्म?
सनफिल्म कार की खिड़कियों और शीशों पर चिपकाई जाती है, ताकि धूप से राहत मिल सके. लेकिन साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह साफ कर दिया था कि किसी भी तरह की काली फिल्म या टिंटेड शीट्स कार की विंडोज और विंडशील्ड पर नहीं लगाई जा सकती. इसके पीछे की असल वजह यह है कि गाड़ी के अंदर होने वाली आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी न हो.
150 से ज्यादा कारें पकड़ी गईं
मैसूर ट्रैफिक पुलिस ने 14 मई 2025 को चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 150 से ज्यादा कारें पकड़ी गईं. कार से सनफिल्म को वहीं उतार दिया गया और 500 का चालान भी काटा गया. इससे पहले मैंगलोर में ऐसे ही ड्राइव में 500 से ज्यादा गाड़ियों पर कार्रवाई की गई और 2.5 लाख से ज्यादा जुर्माना वसूला गया.
कुछ कार कंपनियां ऐसी हैं जो पहले ही यूवी कट ग्लासेस देती हैं. इन कंपनियों में मारुति सुजुकी, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज बेंज का नाम शामिल है. महंगे लेकिन कानूनी सनफिल्म्स मार्केट में मौजूद है, जोकि बहुत डार्क नहीं होती है और कुछ राज्यों में इन्हें सीमित रूप से अनुमति भी दी जा रही है.
अगर आप चाहते हैं कि आपकी कार ठंडी रहे और आपको कोई कानूनी झंझट न हो तो फैक्ट्री फिटेड यूवी ग्लास वाली गाड़ी लें. ऐसे में आप लीगल सनफिल्म ही चुनें.
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