एक्सप्लोरर

ई-स्कूटर vs पेट्रोल स्कूटर, 365 दिन का खर्च जानकर चौंक जाएंगे

ई-स्कूटर और पेट्रोल स्कूटर के 365 दिन के खर्च में जमीन-आसमान का फर्क है. जानिए सालभर में ईंधन, मेंटेनेंस और कुल खर्च पर कितने पैसे बचेंगे.

आज के टाइम में अब जब भी कोई मार्केट जाकर नया स्कूटर खरीदता है तो उसके दिमाग में सबसे पहले यही आता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदें या पेट्रोल स्कूटर. क्योंकि आजकल मार्केट में अब कई ऐसे स्कूटर आ गए हैं जो की बेहद ही शानदार एवरेज देते हैं. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर भी अब रेंज के मामले में किसी से कम नहीं हैं. जिसके चलते आज हम इस खबर में बात करेंगे कि पेट्रोल स्कूटर खरीदना बेहतर है या फिर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर घर लाया जाए.

जब आप उसके 365 दिन के खर्च का हिसाब लगाते हैं तो मामला बेहद ही अलग हो जाता है. चलिए जानते हैं कि एक साल में फ्यूल, रख-रखाव और अन्य खर्चों के मामले में कौन सा स्कूटर आपकी जेब पर भारी पड़ता है और कौन सा आपका पैसा बचाता है.

फ्यूल का का हिसाब-किताब

आपको बता दें कि फ्यूल के खर्चे के आगे इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर को बहुत पीछे छोड़ देता है. अगर आपके पास पेट्रोल स्कूटर है और वह 45 से 50 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता है. तो हर किलोमीटर का खर्च लगभग 2 से 2.50 रुपये बैठता है. यदि आप रोज 30 किलोमीटर चलते हैं तो महीने में करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करते हैं.

जिसके चलते इस हिसाब से पेट्रोल पर आपका खर्च हर महीने 2,000 से 2,500 रुपये के आसपास पहुंच जाता है. जबकि दूसरी तरफ अगर आपके पास एक अच्छा ई-स्कूटर है और आप उसे घर की नॉर्मल बिजली से चार्ज करते हैं तो उसका खर्च 20 से 30 पैसे प्रति किलोमीटर ही आता है. यानी महीने भर की बिजली की खपत का बिल सिर्फ 200 से 300 रुपये के बीच बनता है. जिसका मतलब है कि आम आदमी सालभर में 20,000 से 25,000 रुपये तक की भारी बचत आसानी से कर लेता है.

ई-स्कूटर vs पेट्रोल स्कूटर, 365 दिन का खर्च जानकर चौंक जाएंगे

यह भी पढ़ें: दुनिया की पहली AI क्रूजर बाइक, चलते-चलते चार्ज होगी बैटरी

मेंटेनेंस और सर्विसिंग का खर्च

वहीं गाड़ी की असली लागत सिर्फ पेट्रोल या बिजली तक सीमित नहीं होती बल्कि उसके मेंटेनेंस पर भी मोटा पैसा खर्च होता है. क्योंकि पेट्रोल स्कूटर के इंजन में कई मूविंग पार्ट्स होते हैं जिन्हें देखभाल की जरूरत पड़ती है. हर 3,000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल बदलना, एयर फिल्टर साफ करना, स्पार्क प्लग और क्लच बेल्ट बदलना आम बात है. सालभर में पेट्रोल स्कूटर की सर्विसिंग और छोटे-मोटे पार्ट्स बदलवाने में 4,000 से 8,000 रुपये तक आराम से खर्च हो जाते हैं.

जबकि बात करें अगर इलेक्ट्रिक स्कूटर की तो इसका सिस्टम बेहद सीधा और सिंपल होता है. क्योंकि इसमें न तो इंजन होता है और न ही इंजन ऑयल. ई-स्कूटर में ब्रेक्स, टायर्स और सॉफ्टवेयर अपडेट का ही ध्यान रखना पड़ता है. जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर का सालाना मेंटेनेंस खर्च पेट्रोल के मुकाबले आधा या तिहाई ही रह जाता है. जिससे सालभर में हजारों रुपये की अतिरिक्त बचत होती है.

ई-स्कूटर vs पेट्रोल स्कूटर, 365 दिन का खर्च जानकर चौंक जाएंगे

कितनी होती है कीमत?

जानकारी दें दे कि इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत सामान्य पेट्रोल स्कूटर के मुकाबले थोड़ी ज्यादा होती है. कई लोग इसी अंतर को देखकर पीछे हट जाते हैं. लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि यह एक्स्ट्रा पैसा बहुत जल्दी वसूल हो जाता है. जब आप हर महीने पेट्रोल और सर्विसिंग के रूप में हजारों रुपये बचाते हैं. तो वह शुरुआती अंतर मात्र 12 से 18 महीनों के भीतर पूरी तरह कवर हो जाता है.

जबकि इसके बाद ई-स्कूटर से होने वाली हर एक बचत सीधे तौर पर आपके मुनाफे में बदल जाती है. अगर आपकी गाड़ी का रोजाना का सफर अच्छा खासा है तो यह इन्वेस्ट लॉन्ग टर्म में बेहद समझदारी भरा साबित होता है. हालांकि यदि गाड़ी महीने में बहुत कम चलती है और ज्यादातर घर के बाहर ही खड़ी रहती है. तब पेट्रोल विकल्प ज्यादा सही होता है.

कौन पड़ता है ज्यादा महंगा?

आपको बता दें कि जब आप पूरे 365 दिन खर्चों को जोड़कर देखेंगे तो तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाएगी. पेट्रोल स्कूटर में हर महीने महंगा पेट्रोल और बार-बार की सर्विसिंग आपकी जेब पर भारी पड़ती है. जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर आपको हर दिन सस्ते सफर का अहसास कराता है. अगर आपके घर या दफ्तर के पास चार्जिंग की अच्छी सुविधा है और आपका रोजाना का दायरा शहर के भीतर का है तो ई-स्कूटर आपके लिए वित्तीय रूप से सबसे बेहतरीन ऑप्शन है.

यह भी पढ़ें: बड़ी SUV पर लाखों खर्च क्यों? छोटे परिवार के लिए ये कारें बेस्ट

हिमांशु सिंह एबीपी लाइव में ऑटो सेक्शन में कार्यरत हैं. जहां वह ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों, नए मॉडल्स, कार-बाइक लॉन्च, ऑफर्स और ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न विषयों पर खबरें लिखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका सफर वर्ष 2022 में डीएनपी इंडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने राजनीति, खेल और शिक्षा से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके साथ ही उन्होंने स्पोर्ट्स से संबंधित वीडियो भी तैयार किए.

इसके बाद उन्होंने Sportzwiki के साथ काम किया जहां उन्होंने मुख्य रूप से खेल जगत की खबरें लिखीं और सोशल मीडिया के लिए स्पोर्ट्स वीडियो बनाये. इसके बाद उन्होंने Hawk Martech में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वह एबीपी लाइव के साथ जुड़े हुए हैं और ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट, स्पोर्ट्स कवरेज, वीडियो कंटेंट और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने का अनुभव हासिल किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

धांसू फीचर्स के साथ लॉन्च हुई नई Pulsar NS200, जानें कीमत
धांसू फीचर्स के साथ लॉन्च हुई नई Pulsar NS200, जानें कीमत
अपने आप बैलेंस होगा ये स्कूटर, पैर टिकाने की जरूरत ही नहीं
अपने आप बैलेंस होगा ये स्कूटर, पैर टिकाने की जरूरत ही नहीं
इन स्कूटर्स में सबसे ज्यादा मिलता है बूट स्पेस, कीमत बेहद कम
इन स्कूटर्स में सबसे ज्यादा मिलता है बूट स्पेस, कीमत बेहद कम
₹4.26 लाख में आई Royal Enfield Classic 650 Hypershift, क्या है खास?
₹4.26 लाख में आई Royal Enfield Classic 650 Hypershift, क्या है खास?
Advertisement

वीडियोज

Delhi News: स्कूल में मौत की पहेली ! | Sansani | ABP News
JDU Action on Anant Singh: बगावत की सजा...अनंत सिंह JDU से विदा! | MLC Election Bihar
Janhit With Chitra Tripathi: कारोबारियों की दीवाली..काली करके मानेंगे राहुल? | Delhi | Gyanesh Kumar
Congress Ramlila Maidan Rally: Rahul Gandhi और INDIA गठबंधन की महारैली! | Delhi | Ramlila Ground
SIR Controversy: SIR गड़बड़झाले का मास्टरमाइंड कौन? पत्रकारों का सटीक विश्लेषण! | Rahul Gandhi
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
विपक्ष के नैरेटिव को तोड़ने BJP की कुछ देर में बड़ी बैठक, अमित शाह होंगे शामिल
विपक्ष के नैरेटिव को तोड़ने BJP की कुछ देर में बड़ी बैठक, अमित शाह होंगे शामिल
फाजिल्का: कांग्रेस के पूर्व MLA ने थामा अकाली दल का हाथ, सुखबीर बादल ने कराया ज्वाइन
फाजिल्का: कांग्रेस के पूर्व MLA ने थामा अकाली दल का हाथ, सुखबीर बादल ने कराया ज्वाइन
शाहीन अफरीदी ने गेंद से मचाया कहर, जो रुट-बैंटन बुरी तरह फ्लॉप; इंग्लैंड का टॉप आर्डर ध्वस्त
शाहीन अफरीदी ने गेंद से मचाया कहर, जो रुट-बैंटन बुरी तरह फ्लॉप; इंग्लैंड का टॉप आर्डर ध्वस्त
विजय सेतुपति की 'बत्था' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब और कहां देख सकते हैं फिल्म
विजय सेतुपति की 'बत्था' की ओटीटी रिलीज कंफर्म, जानें कब और कहां देख सकते हैं फिल्म
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का बड़ा बयान बोले- 'अगर देश को विकसित करना है तो...'
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का बड़ा बयान बोले- 'अगर देश को विकसित करना है तो...'
'हमने पहले कभी ऐसा राष्ट्रपति नहीं देखा...', डोनाल्ड ट्रंप पर क्यों भड़के ओबामा
'हमने पहले कभी ऐसा राष्ट्रपति नहीं देखा...', डोनाल्ड ट्रंप पर क्यों भड़के ओबामा
दुनिया की पहली AI क्रूजर बाइक, चलते-चलते चार्ज होगी बैटरी
दुनिया की पहली AI क्रूजर बाइक, चलते-चलते चार्ज होगी बैटरी
पशुपालन में 70 फीसदी खर्च चारे-दाने पर? इन 5 तरीकों से बचाएं पैसे
पशुपालन में 70 फीसदी खर्च चारे-दाने पर? इन 5 तरीकों से बचाएं पैसे
Embed widget