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बाइक पर बोरी-बैग बांधकर चलते हैं? पहले जान लें नियम

क्या आप भी बाइक पर बोरी, बड़े बैग या भारी सामान बांधकर चलते हैं? जानिए मोटर वाहन अधिनियम के तहत लगेज के सही नियम और चालान की राशि.

हम अपने आस-पास या खुद कभी-कभी अपनी बाइक पर बड़े-बड़े बैग और बोरियां बांध लेते हैं. जबकि अब शहर के अंदर लोकल डिलीवरी करने वाले हों या गांव-देहात से बाजार सामान ले जाने वाले लोग दोपहिया वाहन को सामान ढोने की गाड़ी बना देना बहुत आम बात हो चुकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाइक पर जरूरत से ज्यादा बड़ा या भारी सामान लादना ट्रैफिक नियमों का सीधा उल्लंघन है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस आपका भारी चालान काट सकती है?

ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि, मोटर वाहन अधिनियम के कड़े नियमों के मुताबिक दोपहिया वाहन मुख्य रूप से सवारी के चलने के लिए बनाए गए हैं न कि भारी माल ढोने के लिए. इसलिए चलिए जानते हैं कि बाइक पर सामान ले जाने को लेकर क्या नियम है और कितने तक का चालान कट सकता है.

क्या कहते हैं नियम?

बता दें कि, सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के अनुसार बाइक पर रखे जाने वाले सामान का साइज और आयाम तय सीमा के अंदर होना चाहिए. बाइक की पिछली सीट पर बंधा सामान या साइड में लगे बॉक्स/बैग कभी भी बाइक के हैंडल की कुल चौड़ाई से बाहर नहीं निकलने चाहिए.

जबकि इसके अलावा पीछे बंधा हुआ बैग या बोरी कार या बाइक की कुल लंबाई से बहुत ज्यादा बाहर नहीं लटकनी चाहिए. अगर सामान की वजह से बाइक का इंडिकेटर, ब्रेक लाइट या नंबर प्लेट छुप जाती है तो इसे गंभीर ट्रैफिक नियम उल्लंघन माना जाता है और पुलिस मौके पर ही गाड़ी रोक सकती है और आपका चालान कर सकती है.


बाइक पर बोरी-बैग बांधकर चलते हैं? पहले जान लें नियम

Image Credit- AI Generated

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कितना कट सकता है चालान?

जानकारी दें दे कि, अगर आपकी बाइक पर बंधा हुआ बैग या बोरी सीमा से अधिक बाहर निकला हुआ है या उसकी वजह से राइडर का बैलेंस बिगड़ रहा है तो ट्रैफिक पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 और धारा 190 के तहत आपके ऊपर कार्रवाई कर सकती है.

वहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार में 500 से 1,500 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है. जबकि अगर बोरी या सामान बहुत ज्यादा ओवरलोडेड है जिससे सड़क पर दुर्घटना की संभावना बन रही है, तो चालान की राशि 2,000 से 5,000 रुपये तक बढ़ सकती है और पुलिस सामान उतरवा भी सकती है.


बाइक पर बोरी-बैग बांधकर चलते हैं? पहले जान लें नियम

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कमर्शियल डिलीवरी वालों के लिए नियम

वहीं, जो लोग स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट जैसी डिलीवरी सर्विसेज से जुड़े हैं या फिर लॉन्ग राइड पर जाने वाले बाइकर्स हैं उनके लिए भी नियम बेहद साफ हैं. कंपनियां जो डिलीवरी बैग्स देती हैं या बाइकर्स जो सैडल बैग्स इस्तेमाल करते हैं उनका साइज इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वो बाइक की चौड़ाई के दायरे में रहें.

अगर आपने कोई अनधिकृत लोहे का बड़ा फ्रेम या करियर बाइक पर लगवा लिया है जो बॉडी से काफी बाहर निकलता है तो RTO इसे अवैध बाइक मॉडिफिकेशन मानता है और इस पर अलग से जुर्माना लग सकता है.

हमेशा इन बातों का रखें ध्यान

हमेशा आप बाइक पर सामान ले जाते समय हमेशा सुनिश्चित करें कि सामान की वजह से आपका राइडिंग पोस्चर खराब न हो और रियर-व्यू मिरर में पीछे का ट्रैफिक साफ दिखाई दे रहा हो.

वहीं, सामान को हमेशा अच्छी क्वालिटी की इलास्टिक बंजी स्ट्रैप्स या मजबूत रस्सियों से कसकर बांधें, ताकि गड्ढों या झटकों में बोरी खिसककर पहिए में न फंसे. अगर सामान बहुत भारी या बड़ा है तो टू-व्हीलर पर जोखिम उठाने के बजाय ऑटो, पिकअप या किसी तीन-पहिया मालवाहक वाहन का इस्तेमाल करना ही समझदारी है.

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हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

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