एक्सप्लोरर

Mars Transit 2026: महंगाई, बाजार या सीमा… 9 अक्टूबर के बाद भारत में क्या बदलने वाला है?

Mangal Gochar 2026: भारत की कुंडली के पांच ग्रहों के ऊपर से मंगल ग्रह गुजरेगा. RBI की बैठक से लेकर सरकार के बड़े फैसलों तक, अक्टूबर-नवंबर की पांच तारीखें असामान्य रूप से संवेदनशील दिखाई दे रही हैं.

Mangal Gochar 2026: आपकी EMI बढ़ेगी या बाजार राहत देगा? सीमा पर शांति बनी रहेगी या फिर तनाव बढ़ेगा? अक्टूबर में सरकार कोई ऐसा फैसला ले सकती है, जिसका असर आम लोगों की जेब से लेकर देश की सुरक्षा तक दिखाई दे. ये सवाल केवल मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक हालात से नहीं उठ रहे, भारत की कुंडली में बन रहा एक दुर्लभ ग्रह क्रम (Sequence) भी इसी ओर इशारा कर रहा है.

18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश कर चुका है. यही वह राशि है, जहां भारत की जन्मकुंडली में चंद्रमा, बुध, शनि, शुक्र और सूर्य अलग-अलग अंशों पर बैठे हैं. अब मंगल अगले करीब डेढ़ महीने में इन पांचों ग्रहों के पास से एक-एक करके गुजरेगा. इसका असर किसी एक दिन या एक क्षेत्र में नहीं दिखेगा, पहले जनता और जनभावना, फिर बैंकिंग और बाजार, उसके बाद उद्योग, परिवहन, अर्थव्यवस्था और फिर आखिर में सरकार तथा शीर्ष प्रशासन तक इसकी हलचल पहुंच सकती है.

इस पूरे घटनाक्रम में 9 अक्टूबर सबसे महत्वपूर्ण तारीख बन रही है. इससे ठीक पहले 5 से 7 अक्टूबर तक RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होगी और 9 अक्टूबर से भारत की वर्षकुंडली में गुरु की मुद्दा दशा शुरू हो जाएगी. इसी समय मंगल जन्मकुंडली के बुध के करीब पहुंच रहा होगा, जिसे व्यापार, बैंकिंग, सरकारी आंकड़ों और संचार का कारक माना जाता है.

संयोग इसलिए भी ध्यान खींचता है क्योंकि देश पहले ही महंगे कच्चे तेल, 4.82 प्रतिशत तक पहुंची खुदरा महंगाई, कमजोर रुपये और ब्याज दर बढ़ने की आशंका से जूझ रहा है. उधर चीन से बातचीत के बावजूद सीमा और व्यापार से जुड़े सवाल पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं. ऐसे में भारत की कुंडली क्या केवल दबाव दिखा रही है या इसी दबाव के बीच सरकार कोई रणनीतिक लाभ भी हासिल कर सकती है?

इसका उत्तर किसी एक योग में नहीं, बल्कि 24 सितंबर से 9 नवंबर के बीच बनने वाले पांच अलग ग्रह संपर्कों में छिपा है.

भारत की कुंडली में ऐसा क्या है, जो अक्टूबर को अलग बनाता है?

15 अगस्त 1947, रात 12 बजे, नई दिल्ली के समय पर बनाई जाने वाली भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है. राशि-कुंडली में कर्क तीसरे भाव में आता है. मेदिनी ज्योतिष में इस भाव से पड़ोसी देश, संचार, मीडिया, सड़क, रेल, सैन्य संदेश और सरकार की तात्कालिक प्रतिक्रिया देखी जाती है.

लेकिन भाव-चलित कुंडली में तस्वीर थोड़ी बदल जाती है. कर्क के शुरुआती अंश तीसरे भाव में हैं, जबकि बाकी हिस्सा चौथे भाव में चला जाता है. इस गणना से चंद्रमा तीसरे भाव में, लेकिन बुध, शनि, शुक्र और सूर्य चौथे भाव में प्रभावी होते हैं.

इसलिए इस गोचर को केवल सीमा या पड़ोसी देशों से जोड़ना सही नहीं होगा. जैसे-जैसे मंगल आगे बढ़ेगा, उसके प्रभाव में भूमि, कृषि, मौसम, आंतरिक सुरक्षा, सरकारी संपत्ति, ऊर्जा, विपक्ष और आम लोगों की घरेलू चिंताएं भी आएंगी.

वृषभ लग्न में मंगल सप्तम और द्वादश भाव का स्वामी है. सप्तम भाव से विदेश नीति, समझौते और खुला विरोध देखा जाता है. द्वादश भाव विदेशी खर्च, नुकसान, अस्पताल और पर्दे के पीछे चलने वाली गतिविधियों से जुड़ा है. ऐसे मंगल का भारत के तीसरे और चौथे भाव को सक्रिय करना विदेश नीति और देश के अंदरूनी हालात के बीच संबंध बनाता है.

कर्क में मंगल कमजोर है तो फिर चिंता क्यों?

कर्क मंगल की नीच राशि है, लेकिन नीच होने का मतलब निष्क्रिय होना नहीं है. ऐसा मंगल कई बार फैसला लेने में जल्दबाजी, भावनात्मक प्रतिक्रिया और बाद में सुधार की जरूरत पैदा करता है.

भारत की जन्मकुंडली में मंगल का षड्बल 7.20 रूप है, जबकि उसके लिए न्यूनतम आवश्यक बल 5 रूप माना गया है. इससे इतना साफ है कि भारत की कुंडली में मंगल परिणाम देने की क्षमता रखता है. हालांकि इसे वर्तमान गोचर के मंगल का बल नहीं समझना चाहिए.

कर्क में उच्च का गुरु भी मौजूद है. सितंबर के अंतिम दिनों में मंगल और गुरु एक ही राशि में जरूर होंगे, लेकिन दोनों के अंशों में दूरी रहेगी. इसलिए केवल राशि के आधार पर बहुत शक्तिशाली गुरु-मंगल युति या पूर्ण नीचभंग राजयोग घोषित करना जल्दबाजी होगी.

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दोनों ग्रहों की दूरी घटेगी. इसके बाद 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेगा. यह समय किसी घटना का आकार बढ़ाने के साथ तनाव के बीच समझौते या समाधान का रास्ता भी खोल सकता है.

2026 की वर्षकुंडली दबाव दिखाती है या सफलता?

15 अगस्त 2026 की भारत की वर्षकुंडली सिंह लग्न की है. इसमें राहु सप्तम और शनि अष्टम भाव में स्थित हैं. मुन्था पंचम भाव में है, जबकि उसका स्वामी गुरु उच्च का होकर द्वादश भाव में बैठा है.

पंचम भाव की मुन्था रणनीति, तकनीक, शिक्षा, युवाओं और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के लिए अच्छी मानी जाती है. लेकिन मुन्थेश का द्वादश भाव में होना बताता है कि किसी सफलता के साथ बड़ा खर्च, विदेशी दबाव या पर्दे के पीछे हुआ समझौता भी जुड़ सकता है.

वर्षकुंडली का मंगल मिथुन राशि के एकादश भाव में है. सिंह लग्न के लिए मंगल योगकारक है. एकादश भाव में उसकी स्थिति रक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे या विदेशी साझेदारी से लाभ मिलने की संभावना बनाती है.

इसलिए वर्षकुंडली किसी बड़ी विफलता की ओर इशारा नहीं करती. संकेत यह है कि देश पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन सरकार के पास उसका जवाब देने और परिस्थिति से कुछ रणनीतिक लाभ निकालने की क्षमता भी रहेगी.

24 से 26 सितंबर: किसी खबर पर भड़क सकती है जनभावना

भारत की जन्मकुंडली का चंद्रमा कर्क राशि में 3 अंश 59 मिनट पर है. मंगल 24 से 25 सितंबर के आसपास इस अंश के सबसे करीब पहुंचेगा.

मेदिनी ज्योतिष में चंद्रमा जनता, पानी, खाद्य पदार्थ, मौसम और रोजमर्रा की जरूरतों का कारक है. इसलिए यह समय किसी बड़े सरकारी फैसले से ज्यादा देश का माहौल बदलने वाला हो सकता है.

सीमा, महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमत, बारिश, महिला, पानी या परिवहन से जुड़ी किसी खबर पर जनता की प्रतिक्रिया तेज हो सकती है. मीडिया और सोशल मीडिया पर भावनात्मक बहस वास्तविक घटना से अधिक बड़ी दिखाई दे सकती है.

यह गोचर का पहला संकेत होगा, लेकिन असली दबाव अक्टूबर में सामने आता है.

9 से 13 अक्टूबर: RBI के फैसले के बाद बाजार की परीक्षा

भारत की कुंडली का बुध कर्क में 13 अंश 41 मिनट पर है. मंगल 11 अक्टूबर के आसपास इसके सबसे करीब पहुंचेगा.

इससे ठीक पहले 5 से 7 अक्टूबर तक RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक तय है. अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. महंगा कच्चा तेल और रुपये पर बना दबाव ब्याज दर बढ़ाए जाने की आशंका को मजबूत कर रहा है.

RBI के फैसले का असर केवल बैंकों तक सीमित नहीं रहेगा. रेपो रेट में बदलाव हुआ तो होम लोन, वाहन ऋण, EMI और शेयर बाजार तक उसका प्रभाव पहुंचेगा. दरों में बदलाव न होने पर भी महंगाई और रुपये को लेकर RBI का आकलन बाजार की दिशा तय कर सकता है.

इसी बीच 9 अक्टूबर से भारत की वर्षकुंडली में गुरु की मुद्दा दशा शुरू होगी. बुध व्यापार, बैंकिंग, सरकारी आंकड़ों, मीडिया और संचार का कारक है. मंगल-बुध का संपर्क किसी घोषणा पर बाजार की तीखी प्रतिक्रिया, आंकड़ों को लेकर विवाद या सरकारी फैसले की अलग-अलग व्याख्या सामने ला सकता है.

डिजिटल भुगतान, टेलीकॉम, साइबर सुरक्षा, रेलवे या परिवहन से जुड़ी कोई बड़ी खबर भी इसी अवधि में आ सकती है. इसका अर्थ केवल बाजार में गिरावट नहीं है. अचानक बड़ी तेजी और उसके बाद तेज उतार-चढ़ाव भी मंगल-बुध की प्रकृति में आता है.

22 से 25 अक्टूबर: उद्योग, रेल और बड़ी परियोजनाओं पर नजर

भारत की जन्मकुंडली में शनि कर्क राशि के 20 अंश 26 मिनट पर है. मंगल 24 अक्टूबर के आसपास इसके पास पहुंचेगा.

शनि दलित, अदिवासी, कमजोर वर्ग, श्रमिकों, उद्योग, खदान, भारी मशीन, रेल और बड़े निर्माण का कारक है. मंगल काम को जल्दी पूरा करना चाहता है, जबकि शनि नियम, देरी और व्यवस्था की कमजोरी सामने लाता है. दोनों का संपर्क वहां परेशानी बढ़ा सकता है, जहां किसी परियोजना को उसकी क्षमता से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा हो.

रेल, सड़क, पुल, बिजली, पेट्रोलियम, खदान, रक्षा उत्पादन या किसी बड़ी निर्माण परियोजना से जुड़ी समस्या सामने आ सकती है. श्रमिक विवाद, पुरानी मशीनरी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी चर्चा में आ सकती है.

इसे बड़ी दुर्घटना की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता, लेकिन यह समय साफ तौर पर बता रहा है कि लापरवाही की कीमत सामान्य से ज्यादा हो सकती है.

26 से 29 अक्टूबर: दबाव के बीच बड़ा सौदा संभव

भारत की कुंडली में शुक्र कर्क राशि के 22 अंश 34 मिनट पर है. मंगल 27 से 28 अक्टूबर के आसपास शुक्र के सबसे करीब पहुंचेगा.

शुक्र भारत के वृषभ लग्न का स्वामी है. इसलिए यह संपर्क बाकी ग्रहों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है. शुक्र अर्थव्यवस्था, मुद्रा, बाजार, वाहन, विमानन, महिलाओं, मनोरंजन और कूटनीतिक व्यवहार का प्रतिनिधित्व करता है.

इसी समय मंगल और गुरु के बीच की दूरी भी घट रही होगी. इसलिए अक्टूबर का अंतिम सप्ताह केवल आर्थिक दबाव नहीं, किसी बड़े निवेश, रक्षा साझेदारी, कारोबारी सौदे या कूटनीतिक समझौते की संभावना भी रखता है.

अगस्त में भारत का वस्तु व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रहा और सेवाओं सहित कुल निर्यात मजबूत दिखाई दिया. दूसरी ओर महंगे कच्चे तेल ने आयात बिल और रुपये की चुनौती बढ़ा दी है. यही दोहरी तस्वीर कुंडली में भी दिखाई देती है. आंकड़ों में सुधार, लेकिन उस सुधार की बढ़ती कीमत.

वाहन, विमानन, बैंकिंग, सोना, फिल्म उद्योग अथवा किसी बड़े कारोबारी समूह से जुड़ा फैसला इस समय चर्चा में आ सकता है. किसी प्रमुख महिला व्यक्तित्व से जुड़ी खबर भी सामने आ सकती है, लेकिन व्यक्ति-विशेष के बारे में निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा.

क्या सीमा पर तनाव फिर बढ़ सकता है?

हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बातचीत में सीमा पर शांति को दोनों देशों के संबंधों के लिए जरूरी बताया गया. इसके बावजूद सीमा प्रबंधन, व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन और बाजार तक पहुंच से जुड़े सवाल पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं.

चीन-पाकिस्तान सीमा आयोग पर भारत की आपत्ति भी बताती है कि बातचीत के बावजूद रणनीतिक मतभेद बने हुए हैं.

भारत की कुंडली सीधे युद्ध का संकेत नहीं देती. अधिक व्यावहारिक संभावना यह है कि सीमा पर सैन्य गतिविधि या तीखे बयान बढ़ें, लेकिन बातचीत भी जारी रहे. भारत किसी समझौते के साथ अपनी रक्षा और निगरानी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे सकता है.

सितंबर में रक्षा खरीद प्रस्तावों को प्रारंभिक मंजूरी मिलना बताता है कि सैन्य और तकनीकी तैयारी पहले ही तेज हो चुकी है. मंगल का गोचर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है.

सीमा से बड़ी हलचल देश के भीतर हो सकती है

इस गोचर का सबसे कम चर्चा वाला हिस्सा भारत का चौथा भाव है. भाव-चलित कुंडली में कर्क के अधिकांश ग्रह इसी भाव में आते हैं. इससे भूमि, कृषि, जल, प्राकृतिक संसाधन, राज्य सरकारों, विपक्ष, सार्वजनिक संपत्ति और कानून-व्यवस्था के मुद्दे भी सक्रिय होते हैं.

अक्टूबर के दूसरे हिस्से में फसल, खाद्य कीमत, भूमि अधिग्रहण, बिजली, बांध, ऊर्जा परियोजना या औद्योगिक सुरक्षा का मामला उठ सकता है. केंद्र और किसी राज्य सरकार के बीच तनाव, विरोध-प्रदर्शन या किसी बड़ी सार्वजनिक परियोजना पर विवाद भी इसी दायरे में आएगा.

6 से 9 नवंबर: सरकार के लिए कठोर फैसले का समय

भारत की जन्मकुंडली का सूर्य कर्क में 27 अंश 59 मिनट पर है. मंगल लगभग 7 से 8 नवंबर के बीच इसके सबसे करीब पहुंचेगा.

मेदिनी ज्योतिष में सूर्य सरकार, प्रधानमंत्री, शीर्ष प्रशासन और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का कारक है. मंगल और सूर्य का संपर्क सत्ता के स्तर पर कठोरता बढ़ा सकता है.

इस दौरान कोई बड़ा सरकारी निर्णय, सुरक्षा नीति पर तीखा बयान, केंद्रीय प्रशासन में बदलाव या राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है. अदालत और सरकार से संबंधित महत्वपूर्ण मामला अथवा किसी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी पर दबाव भी चर्चा में आ सकता है.

आखिर भारत को लाभ होगा या नुकसान?

इस पूरे गोचर को केवल शुभ या अशुभ कहना सही नहीं होगा. भारत की कुंडली दबाव तो दिखाती है, लेकिन देश को पूरी तरह रक्षात्मक स्थिति में नहीं रखती.

सीमा पर बातचीत और तैयारी साथ चल सकती है. बाजार को महंगाई, कच्चे तेल, रुपये और ब्याज दर की चुनौती से जूझना पड़ेगा. उद्योग तथा बुनियादी ढांचे में तेजी आएगी, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी नुकसान करा सकती है. सरकार पर दबाव बढ़ेगा, फिर भी रक्षा, तकनीक या विदेशी साझेदारी में कोई महत्वपूर्ण लाभ मिल सकता है.

अक्टूबर की कहानी किसी एक रहस्यमय बड़ी घटना की नहीं दिखाई देती. पहले जनभावना बदलेगी, फिर बाजार और नीति पर दबाव आएगा. इसके बाद उद्योग तथा परिवहन की परीक्षा होगी और अंत में सरकार के स्तर पर कठोर निर्णय की स्थिति बनेगी.

भारत की कुंडली का सबसे साफ संकेत यही है, देश की रफ्तार नहीं रुकेगी, लेकिन आगे बढ़ने की कीमत सामान्य से अधिक हो सकती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University, Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है. इसके साथ ही उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush’ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, जिसमें Keyword Research, Topic Clusters, E-E-A-T आधारित कंटेंट और AI Search Optimization शामिल हैं. वे Astrosage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

वर्तमान में Youth Protest, CJP आंदोलन और एक्टर शाहरुख खान को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

October Money Horoscope 2026: अक्टूबर में इन 4 राशियों के हाथ में टिकेगा पैसा, सिंह-कुंभ समेत इनका बढ़ सकता है खर्च
October Money Horoscope 2026: अक्टूबर में किन राशियों के हाथ में टिकेगा पैसा, किसका बढ़ सकता है खर्च?
Shukra Vakri 2026: शुक्र पितृ पक्ष में होंगे वक्री, दिवाली तक इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
शुक्र पितृ पक्ष में होंगे वक्री, दिवाली तक इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
शुक्र अस्त और वक्री का डबल असर, अक्टूबर में इन 4 राशियों की करियर में बढ़ेगी मुश्किलें
शुक्र अस्त और वक्री का डबल असर, अक्टूबर में इन 4 राशियों की करियर में बढ़ेगी मुश्किलें
Shukra Asta 2026: आज शुक्र होंगे अस्त, इन 4 राशियों के अगले 37 दिन गोल्डन पीरियड, धन-करियर में लाभ
आज शुक्र होंगे अस्त, इन 4 राशियों के अगले 37 दिन गोल्डन पीरियड, धन-करियर में लाभ
Advertisement

वीडियोज

पति के टुकड़े-टुकड़े...अब रोएगी मुस्कान!
चाकूबाजी या हाइजैक, फ्लाइट में क्या हुआ?
Diwali 2026 से पहले महंगाई का झटका! AC-TV से लेकर खाने-पीने की चीजें होंगी महंगी?
बढ़ रहा सियासी क्लेश..ज्ञानेश देंगे इस्तीफा? विश्लेषका का विश्लेषण
Jammu Kashmir में सुरक्षाबलों ने लश्कर आतंकी Hashim Musa को मार गिराया
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'चाहे कोई देश हो या आतंकी संगठन...', प्लेन हाइजैक के दुस्साहस पर भड़का इजरायल
'चाहे कोई देश हो या आतंकी संगठन...', प्लेन हाइजैक के दुस्साहस पर भड़का इजरायल
UP चुनाव: कांग्रेस पर सपा सांसद का बड़ा बयान, '50 सीटें भी मिल जाएं तो...'
UP चुनाव: कांग्रेस पर सपा सांसद का बड़ा बयान, '50 सीटें भी मिल जाएं तो...'
223 रन बनाने वाले शुभमन गिल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनने पर मिली कितनी रकम?
223 रन बनाने वाले शुभमन गिल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' बनने पर मिली कितनी रकम?
Drishyam 3 Star Cast Fees: अजय देवगन को मिली सबसे मोटी रकम, जानें- तबू समेत बाकी स्टार कास्ट की फीस
'दृश्यम 3' के लिए अजय ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- तबू समेत बाकी की फीस
'सेव डेमोक्रेसी मार्च, 5 बड़ी रैली…', INDIA गठबंधन की बैठक में लिए गए ये 5 बड़े फैसले
'सेव डेमोक्रेसी मार्च, 5 बड़ी रैली…', INDIA गठबंधन की बैठक में लिए गए ये 5 बड़े फैसले
October 2026 First Day: कल से अक्टूबर, महीने का पहला दिन कैसे शुरू करें? सुबह उठकर करें ये 5 काम
कल से अक्टूबर, महीने का पहला दिन कैसे शुरू करें? सुबह उठकर करें ये 5 काम
BJP में टूट शुरू? धनराज और अखिलेश के साथ आई योगी के मंत्री की तस्वीर, लग रहे कयास
BJP में टूट शुरू? धनराज और अखिलेश के साथ आई योगी के मंत्री की तस्वीर, लग रहे कयास
फ्री बिजली से शराब दुकानों पर एक्शन तक, CM विजय ने क्या कहा?
फ्री बिजली से शराब दुकानों पर एक्शन तक, CM विजय ने क्या कहा?
Embed widget