एक्सप्लोरर

आज दिखेगा विशाल Strawberry Moon! क्या सचमुच धरती के करीब आ जाएगा चांद?

आज 29 जून 2026 शाम को दिखने वाले Strawberry Moon का असली विज्ञान जानिए. चांद बड़ा क्यों दिखता है, Moon Illusion क्या है, भारत में कब और कैसे देखें.

Strawberry Moon: आज यानी 29 जून 2026 की शाम को जब आप सूरज डूबने के बाद अपनी छत पर जाएंगे, तो सामने का नजारा देखकर हैरान रह जाएंगे. आसमान में पूर्व-दक्षिण दिशा से उगता हुआ चांद आज आपको आम दिनों के मुकाबले काफी बड़ा और अनोखा दिखाई देगा. सोशल मीडिया पर इसे 'स्ट्रॉबेरी मून' (Strawberry Moon) कहा जा रहा है.

चांद का यह रूप देखकर अक्सर लोगों को लगता है कि शायद आज रात चांद धरती के बहुत ज्यादा पास आ गया है. लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो यह ब्रह्मांड और हमारे दिमाग के बीच होने वाला एक दिलचस्प खेल है. आइए बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आज रात दिखने वाले इस बड़े चांद के पीछे का असली सच क्या है और भारत में इसे देखने का सही समय क्या है.

क्या सच में बड़ा हो जाता है चांद? जानिए दिमाग का यह भ्रम

जब आज शाम आप इस बड़े चांद को देखेंगे, तो हकीकत में चांद का साइज एक इंच भी नहीं बदला होगा. तो फिर यह इतना बड़ा क्यों दिखता है? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के मुताबिक, यह सब हमारे दिमाग की बनावट की वजह से होता है. विज्ञान में इसे 'मून इल्यूजन' (Moon Illusion) यानी चंद्रमा का दृष्टि-भ्रम कहते हैं.

हमारा दिमाग किसी भी दूर की चीज के साइज का अंदाजा उसके आस-पास मौजूद चीजों को देखकर लगाता है. आज दिखने वाला स्ट्रॉबेरी मून आसमान में बहुत नीचे, यानी जमीन की रेखा (क्षितिज) के बिल्कुल पास रहेगा. जब यह शाम को उगना शुरू होगा, तो यह सामने मौजूद पेड़ों, मकानों या पहाड़ियों के ठीक पीछे दिखेगा.

हमारा दिमाग तुरंत चांद के साइज की तुलना इन जानी-पहचानी चीजों से करने लगता है. इसी तुलना के चक्कर में हमें ऐसा भ्रम होता है कि चांद बहुत बड़ा और हमारे पास आ गया है. मजेदार बात यह है कि जब यही चांद रात को आसमान में बहुत ऊपर चला जाता है, तो आस-पास तुलना के लिए कोई पेड़ या बिल्डिंग नहीं बचती. तब यही चांद हमें फिर से अपने नॉर्मल साइज में दिखने लगता है.

नाम स्ट्रॉबेरी, पर रंग सोने जैसा क्यों?

'स्ट्रॉबेरी मून' नाम सुनकर बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि आज रात चांद का रंग किसी स्ट्रॉबेरी की तरह गुलाबी या लाल होने वाला है. अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं, तो आपको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं है. नासा के अनुसार, इस नाम का चांद के रंग से कोई लेना-देना नहीं है.

दरअसल, यह नाम अमेरिका की पुरानी जनजातियों ने रखा था. जून के महीने में वहां स्ट्रॉबेरी की फसल पकती थी, इसलिए उन्होंने इस महीने की पूर्णिमा को 'स्ट्रॉबेरी मून' कहना शुरू कर दिया.

आज रात यह चांद गुलाबी नहीं, बल्कि हल्के सुनहरे या गहरे पीले रंग का दिखाई देगा. इसके पीछे भी एक सीधा सा विज्ञान है. जब चांद जमीन के करीब होता है, तो उसकी रोशनी को हमारी आंखों तक पहुंचने के लिए पृथ्वी के वायुमंडल की बहुत मोटी और घनी परतों से गुजरना पड़ता है.

वायुमंडल में मौजूद धूल के कण चांद की नीली रोशनी को रास्ते में ही बिखेर देते हैं. इस वजह से सिर्फ लाल और पीली रोशनी ही हमारी आंखों तक पहुंच पाती है, जिससे आज शाम को उगते समय यह चांद किसी सोने के घड़े जैसा चमकता हुआ दिखेगा.

विज्ञान और आस्था का मेल: ज्येष्ठ और वट पूर्णिमा का महासंयोग

विज्ञान जहां इस घटना को एक खूबसूरत भ्रम और वायुमंडल का असर बताता है, वहीं भारतीय परंपरा में आज की इस पूर्णिमा का धार्मिक महत्व भी बहुत खास माना गया है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा है, जिसे 'ज्येष्ठ पूर्णिमा' कहा जाता है. शास्त्रों में ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन सुख-समृद्धि और पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए बहुत शुभ माना गया है.

इसी पावन तारीख पर आज भारत के कई हिस्सों में 'वट पूर्णिमा' (Vat Purnima) का बड़ा त्योहार भी मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए आज वट सावित्री का कड़ा व्रत रखती हैं और बरगद (वट) के पेड़ की पूजा-परिक्रमा करती हैं.

धार्मिक मान्यताओं में पूर्णिमा के चांद को मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. ऐसे में वट पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर जब व्रत रखने वाली महिलाएं अपना उपवास खोलेंगी, तो उन्हें आसमान में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा भव्य और चमकदार चांद देखने को मिलेगा, जो इस रात के महत्व को और बढ़ा देता है.

भारत में इसे देखने का सबसे सही समय और तरीका

अगर आप इस खूबसूरत नजारे को देखना चाहते हैं, तो आपको शाम के समय थोड़ा अलर्ट रहना होगा. भारत के अलग-अलग शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु) में चंद्रोदय (Moonrise) का समय थोड़ा अलग हो सकता है.

मोटा-मोटा हिसाब यह है कि आज शाम को आपके शहर में जैसे ही सूरज डूबेगा, उसके तुरंत बाद पूर्व-दक्षिण दिशा में यह चांद ऊपर उठना शुरू हो जाएगा. दिमाग का यह भ्रम केवल चंद्रोदय के शुरुआती 30 से 45 मिनट के भीतर ही सबसे अच्छा महसूस होता है, जब चांद जमीन के सबसे करीब होता है.

मोबाइल से फोटो खींचने वाले ध्यान दें

अगर आप अपने स्मार्टफोन से इस बड़े चांद की फोटो लेने की कोशिश करेंगे, तो आपको निराशा हो सकती है. कैमरे के लेंस को इंसानी दिमाग की तरह भ्रम नहीं होता. इसलिए फोटो में चांद बहुत छोटा और एक मामूली सफेद बिंदु जैसा ही दिखेगा. आज रात के इस नजारे का असली मजा केवल और केवल आपकी अपनी आंखों से ही लिया जा सकता है. बेहतर तरीके से देखने के लिए अपनी छत या बालकनी की लाइटें कुछ देर के लिए बंद कर दें.

आज रात 'Strawberry Moon' देखने की क्विक गाइड:

  • सही समय: आज शाम आपके शहर में सूरज डूबने के तुरंत बाद (लगभग 7:00 से 7:45 PM के बीच).
  • सही दिशा: आसमान में पूर्व-दक्षिण (South-East) दिशा की तरफ नजर रखें.
  • बेस्ट जगह: ऐसी छत या खुली जगह चुनें जहां से सामने की जमीन या क्षितिज साफ दिखाई दे.
  • खास टिप: शुरुआत के पहले 20 मिनट सबसे जरूरी हैं, उन्हें बिल्कुल मिस न करें.

आज की यह शाम सिर्फ एक साधारण पूर्णिमा नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के नियमों और हमारे दिमाग के बीच के सबसे दिलचस्प तालमेल को अपनी आंखों से देखने का मौका है. आज की शाम कुछ मिनटों का समय निकालिए, अपनी छत पर जाइए और ब्रह्मांड के इस खूबसूरत तोहफे का आनंद लीजिए.

यह भी पढ़ें- Strawberry Moon 2026: आसमान में दिखेगा सबसे बड़ा 'स्ट्रॉबेरी मून'! आज शाम देखें साल 2026 का सबसे खूबसूरत पूर्णिमा का चांद

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

About the author Hirdesh Kumar Singh

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

"ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है."

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है और Astrosage व Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम किया है. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Rashifal 30 June 2026: मेष से मीन तक 30 जून का राशिफल, मंगलवार को इन 3 राशियों पर मेहरबान रहेंगे बजरंगबली, देखें अपनी राशि
Rashifal 30 June 2026: मेष से मीन तक 30 जून का राशिफल, मंगलवार को इन 3 राशियों पर मेहरबान रहेंगे बजरंगबली, देखें अपनी राशि
Tarot Rashifal 30 June 2026: धनु, कुंभ और मिथुन राशि वालों को मिलेगा तगड़ा धन लाभ; कन्या व मीन राशि के जातक बरतें विशेष सावधानी!
टैरो राशिफल 30 जून 2026 धनु, कुंभ और मिथुन राशि वालों को मिलेगा तगड़ा धन लाभ; कन्या व मीन राशि के जातक बरतें विशेष सावधानी!
आज दिखेगा विशाल Strawberry Moon! क्या सचमुच धरती के करीब आ जाएगा चांद?
Strawberry Moon 2026: आज बड़ा क्यों दिखेगा चांद? जानें पूरा सच
Mulank: इन मूलांक वालों के पास नहीं होती धन की कमी, लेकिन खर्च करने में कर देते हैं बड़ी गलती numerology-number-9-personality-emotional
Mulank: इन मूलांक वालों के पास नहीं होती धन की कमी, लेकिन खर्च करने में कर देते हैं बड़ी गलती
Advertisement

वीडियोज

Weather Alert: दिल्ली बना 50°C का तंदूर! IMD की खतरनाक वार्निंग ABPLIVE
bBollywood News: 'वाराणसी' को लेकर चर्चाएं तेज, एक बार फिर भारतीय सिनेमा को ग्लोबल लेवल पर ले जाने की तैयारी! (29.06.26)
YRKKH:😱Armaan को अचानक हुई भूलने की बीमारी! शादी की खुशियों में पड़ा भंग #sbs
19 साल बाद Emraan Hashmi की धमाकेदार वापसी! Awarapan 2 Teaser ने बढ़ाई फैंस का एक्साइटमेंट
Ketan Murder Case: Google Search से परिवार के खुलासों तक, इनसाइड स्टोरी कर देगी हैरान ! ABPLIVE
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
कोलंबो की भारत-पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब
PM मोदी ने ईद अल- अदहा पर ईरानी सुप्रीम लीडर को दी मुबारकबाद, अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने जताया आभार, जानें क्या कहा?
PM मोदी ने ईद पर ईरानी सुप्रीम लीडर को दी बधाई, अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने जताया आभार, जानें क्या कहा?
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार, कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार, कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या
तय हो गई काव्या मारन की शादी! कौन है दुल्हा, कब और कहां होंगे फंक्शन? जानिए A टू Z डिटेल 
तय हो गई काव्या मारन की शादी! कौन है दुल्हा, कब और कहां होंगे फंक्शन? जानिए A टू Z डिटेल 
Welcome To The Jungle BO Day 3 Worldwide: 'वेलकम टू द जंगल' ने दुनियाभर में 3 दिनों में कूटे खूब नोट, 6 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड
वेलकम टू द जंगल' का दुनियाभर में तांडव, 3 दिनों में कर डाली गजब कमाई
Explained: क्या 'परफेक्ट मर्डर कॉन्सेप्ट' खत्म हुआ? 2 हफ्ते में अलग-अलग जगह 3 बड़े जुर्म, लेकिन 15 घंटे में पकड़ाए सभी आरोपी!
क्या 'परफेक्ट मर्डर कॉन्सेप्ट' खत्म? 2 हफ्ते में 3 बड़े जुर्म, कैसे 15 घंटे में धराए सभी आरोपी
Tamil Nadu Politics:'5 साल तो दूर...' विजय सरकार पर स्टालिन का सबसे बड़ा हमला, बोले- 3 से 6 महीने में हो सकता है खेल खत्म!
'5 साल तो दूर...' विजय सरकार पर स्टालिन का सबसे बड़ा हमला, बोले- 3 से 6 महीने में हो सकता है खेल खत्म!
पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण पर बड़ा बदलाव, विधानसभा से पास हुए दो अहम बिल
पश्चिम बंगाल में OBC आरक्षण पर बड़ा बदलाव, विधानसभा से पास हुए दो अहम बिल
Embed widget