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राहुल गांधी का विरोध तेज, मांग फिर भी अधूरी... मोदी सरकार पर कितना दबाव? समझें कुंडली के संकेत

Rahul Gandhi SIR Protest: राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का विरोध सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अधूरी है. जानिए मोदी सरकार पर कितना दबाव है और कुंडली के क्या संकेत हैं.

सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का हल्लाबोल जारी है, राहुल गांधी पूरे तेवर में हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर सरकार टस से मस नहीं हुई है. 

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मोदी सरकार वाकई बैकफुट पर आ रही है, या फिर राहुल गांधी की यह सियासी जंग सिर्फ लंबी खिंचती जा रही है? 

ABP Live ने अपने ज्योतिषीय विश्लेषण में पहले ही संकेत दे दिया था कि राहुल गांधी माहौल तो गरमा देंगे, मगर सरकार से अपनी बात तुरंत मनवा पाना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित होगा. आज के हालात ठीक उसी भविष्यवाणी पर मुहर लगाते दिख रहे हैं.

खबर यहां पढ़ें- दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी के लिए कैसे रहेंगे अगले 10 दिन?

सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक रार: क्या कहती है राहुल गांधी की कुंडली?
12 अक्टूबर को राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत से सीधी मुलाकात नहीं हो पाई, जिसके बाद विपक्ष ने अदालत में याचिका लगाने का फैसला किया. 

वहीं दूसरी तरफ CJP ने दिल्ली पुलिस से अगले प्रदर्शन का वक्त तय करने को कहा है. इसका मतलब साफ है कि हिरासत और पाबंदियों के बाद भी विरोध रुकने वाला नहीं है.

पुराने लेख में साफ कहा गया था कि 10 से 12 अक्टूबर के बीच टकराव बढ़ सकता है और राहुल गांधी काफी आक्रामक दिखेंगे. साथ ही यह भी कहा गया था कि मांगों को तुरंत पूरा होने में रुकावटें आएंगी. 

अब तक का पूरा घटनाक्रम बिल्कुल इसी तरह घटा है, हालांकि 15 अक्टूबर तक का समय अभी बाकी है. ज्योतिष के हिसाब से राहुल गांधी की कुंडली का मजबूत मंगल उन्हें संघर्ष करने का हौसला दे रहा है. लेकिन मेहनत को तुरंत बड़ी जीत में बदलने वाला मजबूत योग नहीं दिखा था. आसान शब्दों में कहें तो उनमें मुद्दा गरमाने की पूरी ताकत है, लेकिन सरकार से मांग मनवा लेना एक अलग और कठिन चुनौती है.

विपक्ष को कितना फायदा और मोदी सरकार पर कितना असर?
इस पूरे विवाद से कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों को SIR मुद्दे पर एक साथ आने का मौका जरूर मिल गया है, और राहुल गांधी इस पूरे आंदोलन के केंद्र में हैं. सड़क पर उतरने के साथ अदालत जाने से मुद्दा जिंदा तो रहा, लेकिन इसे तुरंत चुनावी फायदा मान लेना जल्दबाजी होगी. 

विपक्ष को अपने आरोपों के सबूत भी देने होंगे और सभी साथियों को साथ लेकर भी चलना होगा. यानी विपक्ष को अपनी बात रखने का मंच तो मिल गया, लेकिन कोई पक्की जीत अभी नहीं मिली है.

उधर भाजपा के सामने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने और सरकारी फैसलों को जनता को समझाने की चुनौती है. पुराने विश्लेषण में भी कहा गया था कि सरकार पर बात संभालने का दबाव रहेगा, लेकिन उसका जनाधार टिका रहेगा. इसलिए राजनीतिक हलचल बढ़ने का मतलब सरकार के लिए कोई बड़ा संकट नहीं है.

13 से 15 अक्टूबर पर टिकी नजरें: क्या निकलेगा कोई ठोस हल?
अब सबकी नजर 13 से 15 अक्टूबर पर है, क्योंकि पहले के विश्लेषण में बातचीत और सरकार की तरफ से जवाब आने की संभावना जताई गई थी. 

राहुल गांधी को एक बड़ा मुद्दा तो मिल गया है, लेकिन जीत अभी दूर है. वहीं मोदी सरकार को विरोध के बीच सवालों के सही जवाब देने होंगे. आगे क्या होगा, यह इसी बात पर निर्भर करेगा कि SIR विवाद पर कोई बड़ा फैसला आता है या फिर यह लड़ाई सड़क और अदालत में यूं ही चलती रहती है.

CJP नेताओं की हिरासत के बाद क्या बढ़ेगा विरोध! मोदी सरकार के लिए अगले तीन दिन के कैसे रहेंगे?

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

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