एक्सप्लोरर

PM मोदी-Xi की बैठक के बाद चीन की अगली चाल क्या होगी?

PM Modi-Xi Meeting 2026: दिल्ली में बनी सहमति के बाद चीन सीमा पर क्या करेगा? 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली चीन की नई वर्ष कुंडली में बातचीत, व्यापार और दबाव के संकेत पढ़ें.

Xi Jinping दिल्ली से लौट चुके हैं. PM मोदी के साथ बैठक में उन्होंने भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बताया. सीमा पर शांति और विवाद के स्वीकार्य समाधान की बात भी हुई. व्यापार, direct flights, visa और कारोबारी आवाजाही बढ़ाने पर चर्चा हुई.

मगर चीन को समझने वाले केवल बयानों पर भरोसा नहीं करते. असली कहानी उसकी अगली कार्रवाई बताती है.

वह अगला संकेत ज्यादा दूर नहीं है. चीन 1 अक्टूबर को अपना National Day मनाएगा. इसके कुछ घंटे बाद, 2 अक्टूबर की सुबह उसकी नई ताजिक वर्ष कुंडली प्रभावी होगी.

यानी दिल्ली की बैठक में बनी सहमति की पहली परीक्षा अक्टूबर में ही शुरू हो जाएगी. सवाल सीधा है. क्या चीन सीमा पर भी वही नरमी दिखाएगा जो Xi Jinping के शब्दों में सुनाई दी, या बातचीत के पीछे दबाव की पुरानी नीति चलती रहेगी?

यह भी पढ़ें- PM मोदी-Xi Jinping Meeting: कितनी सच हुई ABP Live की भविष्यवाणी? सीमा पर खुला रास्ता, फैसला बाकी

PM मोदी-Xi की बैठक में क्या तय हुआ?

PM मोदी और Xi Jinping की मुलाकात 12 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit के दौरान हुई थी. दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन को प्रतिद्वंद्वी के बजाय विकास साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए.

सरकार की मानें तो अनुसार सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान की दिशा में काम करने पर सहमति बनी. सीमा पर शांति बनाए रखने को भी द्विपक्षीय संबंधों के लिए जरूरी बताया गया.

इसके अलावा व्यापारिक असंतुलन, market access, transport links और लोगों की आवाजाही पर बातचीत हुई. लेकिन कोई नया disengagement plan, सैनिकों की वापसी की तारीख या अंतिम border agreement सामने नहीं आया. यही खाली जगह इस कहानी को अक्टूबर तक ले जाती है.

चीन का National Day 1 को, वर्ष कुंडली 2 अक्टूबर से शुरु?

चीन का राष्ट्रीय दिवस 1 अक्टूबर को होता है. मगर उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2026 का वर्ष प्रवेश 2 अक्टूबर को Beijing के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे होगा.

वर्ष कुंडली कैलेंडर की तारीख से नहीं बनती. यह उस क्षण पर बनती है, जब सूर्य जन्मकालीन अंश पर दोबारा पहुंचता है. इसलिए National Day और वर्ष प्रवेश की तारीख अलग हो सकती है.

इस वर्ष प्रवेश से बनने वाली कुंडली का लग्न तुला है. लग्न में शुक्र अपनी ही राशि में बैठा है. बुध भी यहीं मौजूद है. 2 अक्टूबर से 23 नवंबर तक बुध की मुद्दा दशा चलेगी. ऊपर से देखें तो यह युद्ध नहीं, बातचीत की कुंडली लगती है.

चीन अचानक नरम क्यों दिखाई दे सकता है?

तुला संतुलन, समझौते और partnership की राशि है. इसका स्वामी शुक्र अपनी ही राशि में मजबूत है. बुध संदेश, दस्तावेज, व्यापार और diplomatic channels का ग्रह है. इसका पहला संकेत साफ है. चीन अक्टूबर में भारत से बातचीत तोड़ना नहीं चाहेगा.

सैन्य अधिकारियों, Special Representatives या diplomatic working group के स्तर पर संपर्क आगे बढ़ सकता है. Direct flights, visa, business mobility और market access जैसे मुद्दों पर भी कोई सीमित प्रगति दिखाई दे सकती है.

लेकिन यहां एक पेच है. चीन की जन्म कुंडली में बुध का षड्बल अपेक्षाकृत कमजोर है, जबकि शनि और गुरु अधिक मजबूत हैं. इसका अर्थ यह हो सकता है कि बातचीत और घोषणाएं तेजी से हों, लेकिन उन्हें जमीन पर लागू करने वाली रणनीतिक व्यवस्था अपनी पुरानी गति से चले.

सीधे शब्दों में कहें तो बीजिंग बोलने में जल्दी और पीछे हटने में धीमा रह सकता है.

सीमा पर चीन का मंगल क्या बता रहा है?

नई वर्ष कुंडली में दूसरे देशों और खुले टकराव से जुड़े सातवें भाव का स्वामी मंगल है. मंगल कर्क राशि में नीच का होकर दसवें भाव में बैठा है. उसके साथ उच्च का गुरु मौजूद है.

केवल कर्क में होने के कारण मंगल को निष्क्रिय मानना गलत होगा. चीन के D4 यानी भूमि और क्षेत्र से जुड़े वर्ग में मंगल उच्च का है और शनि अपनी राशि में है. यह चीन की territorial position को मजबूत बनाता है.

इसलिए नई कुंडली का नीच मंगल सेना को कमजोर करने के बजाय आक्रामकता का तरीका बदल सकता है.

खुली झड़प से बचा जाए. मगर सीमा पर सड़क, निगरानी, सैन्य ढांचा और गश्त की क्षमता कम न की जाए. बातचीत चलती रहे, लेकिन चीन अपने पुराने दावों से तुरंत पीछे नहीं हटेगा. इसकी संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है.

मंगल के साथ उच्च का गुरु स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोक सकता है. इसलिए अक्टूबर में बड़े युद्ध की तुलना में managed pressure की संभावना अधिक दिखाई देती है.

क्या पर्दे के पीछे कुछ और चल सकता है?

वर्ष कुंडली का चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च का है, लेकिन आठवें भाव में बैठा है. आठवां भाव उन फैसलों से जुड़ा है जो तुरंत सार्वजनिक नहीं किए जाते. यह अचानक बदलाव, गोपनीय बातचीत और पर्दे के पीछे तैयार हो रही रणनीति को भी दिखाता है.

इससे किसी धोखे की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. मगर चीन के सार्वजनिक बयान और जमीन पर उसके implementation में अंतर रह सकता है.

वह सीमा समाधान की बात करता रहे, लेकिन अंतिम नक्शे या territorial compromise को टालता रहे. व्यापार बढ़ाने का भरोसा दे, लेकिन critical minerals, industrial equipment या technology पर अपना नियंत्रण बनाए रखे. यही वह जगह है जहां भारत को शब्दों से ज्यादा व्यवहार देखना होगा.

बात बनेगी या अटकेगी?

नई वर्ष कुंडली में पूर्ण इकबाल योग नहीं बनता. इन्दुवार योग भी नहीं है. लग्नेश शुक्र अपनी राशि में मजबूत है, इसलिए चीन अपने diplomatic objectives को आगे बढ़ाने की स्थिति में है.

लेकिन सीमा से जुड़ा कार्येश मंगल सहज स्थिति में नहीं है. सूर्य और शनि के बीच तनाव भी बताता है कि घोषित नीति तथा जमीन पर मौजूद बाधाएं एक रफ्तार से आगे नहीं बढ़ेंगी.

स्पष्ट और निर्विरोध कम्बूल योग की पुष्टि नहीं होती. इसका मतलब यह नहीं कि बात पूरी तरह बिगड़ जाएगी. संकेत यह है कि फैसला सीधे PM मोदी और Xi Jinping की बैठक से नहीं, बल्कि उसके बाद सक्रिय होने वाले mechanisms से निकलेगा.

सैन्य कमांडर, सीमा विशेषज्ञ या Special Representatives इस कहानी के अगले महत्वपूर्ण पात्र हो सकते हैं.

अक्टूबर की चार महत्वपूर्ण अवधियां

चीन की बुध मुद्दा दशा को सूक्ष्म हिस्सों में देखने पर अक्टूबर एक जैसा नहीं दिखाई देता. गणना पद्धति के अनुसार तारीखों में कुछ घंटों का अंतर संभव है.

  • 2 से 9 अक्टूबर: संवाद और नई diplomatic messaging का समय. चीन की ओर से सकारात्मक बयान या संपर्क की पहल संभव है.
  • 9 से 12 अक्टूबर: केतु का सूक्ष्म प्रभाव भ्रम बढ़ा सकता है. किसी सूचना, बैठक या प्रस्ताव की तस्वीर अधूरी रह सकती है.
  • 12 से 20 अक्टूबर: शुक्र का प्रभाव अपेक्षाकृत अनुकूल है. व्यापार, visa, flights या लोगों की आवाजाही से जुड़ी प्रगति की संभावना इस हिस्से में बेहतर दिखाई देती है.
  • 20 से 28 अक्टूबर: घरेलू राजनीति और प्रतिष्ठा का दबाव बढ़ सकता है. दोनों देश अपने हितों को अधिक मजबूती से रखेंगे.
  • 28 से 31 अक्टूबर: मंगल का सूक्ष्म प्रभाव सावधानी मांगता है. सीमा से जुड़ी बयानबाजी, सैन्य गतिविधि या patrol friction की खबर सामने आ सकती है. 

9 अक्टूबर को भारत की रणनीति भी बदलेगी

भारत की वर्ष कुंडली में 9 अक्टूबर तक राहु की मुद्दा दशा है. राहु सातवें भाव में बैठा है. यह विदेशी संबंधों में हलचल बढ़ाता है, लेकिन भरोसे पर धुंध बनाए रखता है.

9 अक्टूबर से गुरु की मुद्दा दशा शुरू होगी. गुरु भारत की वर्ष कुंडली में उच्च का है, लेकिन बारहवें भाव में बैठा है. यह खुले प्रदर्शन से अधिक back-channel diplomacy, रणनीतिक तैयारी और गोपनीय बातचीत की ओर इशारा करता है.

भारत की राष्ट्रीय कुंडली के सर्वाष्टकवर्ग में सातवें भाव को अपेक्षाकृत कम और ग्यारहवें भाव को मजबूत बिंदु मिले हैं. इसका सरल अर्थ है कि चीन के साथ partnership आसान नहीं होगी, लेकिन कठिन बातचीत से कुछ व्यावहारिक लाभ निकाले जा सकते हैं.

भारत के D4 में भूमि और सुरक्षा से जुड़े ग्रह मजबूत हैं. इसलिए सीमा के मुद्दे पर PM मोदी सरकार केवल सकारात्मक बयानों के आधार पर जल्द समझौता करती नहीं दिखाई देती.

अक्टूबर में चीन से क्या उम्मीद रखी जाए?

कुंडलियां तीन संभावनाओं की ओर इशारा कर रही हैं.

  1. भारत और चीन के बीच बातचीत जारी रहेगी.
  2. सीमा के अंतिम समाधान से पहले trade, visa, flights या business mobility से जुड़े छोटे कदम उठाए जा सकते हैं.
  3. चीन संबंध सुधारने की कोशिश करेगा, लेकिन सीमा पर अपनी रणनीतिक स्थिति आसानी से नहीं छोड़ेगा.

किसी बड़े हमले का स्पष्ट और निर्णायक योग सामने नहीं आता. फिर भी सैन्य तैयारी, निर्माण, exercises या सीमित patrol friction का जोखिम खत्म नहीं हुआ है.

2 अक्टूबर को चीन की वर्ष कुंडली बदलेगी. मगर उसकी नीयत का फैसला केवल ग्रह नहीं करेंगे. असली जवाब अक्टूबर में उठाए गए कदम देंगे.

अगर सीमा वार्ता आगे बढ़ती है और जमीन पर दबाव घटता है, तो दिल्ली में बनी सहमति ने सचमुच रास्ता खोला है. अगर शब्द नरम रहे, मगर तैनाती और निर्माण में बदलाव नहीं आया, तो चीन की नई कुंडली का कठिन संकेत पहले महीने में ही सामने आ जाएगा.

Xi Jinping की मुस्कान दिल्ली में दिखाई दी थी. अब उसके मायने हिमालय में पढ़े जाएंगे.

FAQ

Q1. चीन की नई वर्ष कुंडली कब शुरू होगी?
उपलब्ध ताजिक वर्षफल गणना के अनुसार चीन की नई वर्ष कुंडली 2 अक्टूबर 2026 को Beijing के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे प्रभावी होगी.

Q2. चीन का National Day कब मनाया जाता है?
चीन का National Day 1 अक्टूबर को मनाया जाता है. वर्ष कुंडली सूर्य के जन्मकालीन अंश पर लौटने के समय बनती है, इसलिए उसका वर्ष प्रवेश 2 अक्टूबर को हो रहा है.

Q3. क्या अक्टूबर में भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ सकता है?
कुंडली व्यापक युद्ध से अधिक रणनीतिक दबाव, सैन्य सतर्कता और सीमित friction की संभावना दिखाती है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

वोट बचाओ महारैली से क्या मजबूत होगी राहुल गांधी की सियासी पकड़?
रामलीला मैदान से शंखनाद: राहुल का सियासी कद बढ़ेगा या बढ़ेंगी मुश्किलें?
Kal Ka Rashifal 27 October 2026: मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि योग से मिथुन राशि को मिलेगा सरकारी टेंडर, धनु को पैतृक संपत्ति से लाभ
कल का राशिफल 27 अक्टूबर 2026: मंगलवार को लेन-देन में बरतें सावधानी, इन 3 राशि वालों को हो सकता है नुकसान
Gold vs Share Market November 2026: सोना खरीदें या शेयर बाजार में लगाएं पैसा? भारत की कुंडली में क्या संकेत
नवंबर में सोना खरीदें या शेयरों में पैसा लगाएं या फिर कुछ समय इंतजार करें? ज्योतिष से समझें
Weekly Horoscope 26 to 31 October 2026: करियर में पदोन्नति या पैसों का नुकसान? जानें 25 से 31 अक्टूबर तक क्या कहते हैं आपके सितारे
Weekly Horoscope 26 to 31 October 2026: करियर में पदोन्नति या पैसों का नुकसान? जानें 25 से 31 अक्टूबर तक क्या कहते हैं आपके सितारे
Advertisement

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कोलकाता: लड़की को Kiss करना लड़के को पड़ा भारी, मिली ये खौफनाक सजा
कोलकाता: लड़की को Kiss करना लड़के को पड़ा भारी, मिली ये खौफनाक सजा
यूपी बीजेपी ने जारी की लिस्ट, मुख्तार अब्बास नकवी और विनय कटियार का भी नाम
यूपी बीजेपी ने जारी की लिस्ट, मुख्तार अब्बास नकवी और विनय कटियार का भी नाम
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
CJP की पूरी टीम से मिले अभिजीत दीपके, कहा- मेरे बिना कोई गार्डन में नहीं घूमेगा
IPL 2027 से पहले CSK में बड़ा भूचाल! माइकल हसी समेत 5 कोच ने छोड़ा साथ
IPL 2027 से पहले CSK में बड़ा भूचाल! माइकल हसी समेत 5 कोच ने छोड़ा साथ
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी रजनीकांत की दूसरी 700 करोड़ी फिल्म! बनाया एक्टर की नंबर 1 हाईएस्ट ग्रॉसर होने का रिकॉर्ड
'ईरान इस्लामी देशों के बीच एकजुटता का करता है समर्थन', राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान
'ईरान इस्लामी देशों के बीच एकजुटता का करता है समर्थन', राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान
कौन-कौन सी किताब लिख चुका उमर खालिद, क्या है इसका सब्जेक्ट?
कौन-कौन सी किताब लिख चुका उमर खालिद, क्या है इसका सब्जेक्ट?
बिहार के गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान, CM सम्राट ने दिखाई हरी झंडी
बिहार के गयाजी से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ान, CM सम्राट ने दिखाई हरी झंडी
Embed widget