एक्सप्लोरर

Sugar Price 2026: चीनी कब सस्ती होगी और दिवाली तक क्या रहेगा भाव?

Sugar Price Prediction 2026: चीनी के दाम घटने लगे हैं, लेकिन दिवाली से दो दिन पहले शुक्र फिर कन्या राशि में जाएगा. भारत की कुंडली से जानें कीमतों पर आगे क्या असर पड़ सकता है.

Sugar Price Prediction 2026: अगस्त में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद चीनी के दाम अब नीचे आने लगे हैं. सरकारी कार्रवाई के बाद एक्स-मिल कीमतों ने अपनी तेजी का बड़ा हिस्सा गंवा दिया है. खुदरा बाजार में भी सीमित राहत दिखाई देने लगी है. लेकिन क्या यह राहत 8 नवंबर की दिवाली तक बनी रहेगी?

ज्योतिषीय गणना में एक तारीख चौंकाती है. मिठास और सुख-सुविधाओं का कारक शुक्र 6 नवंबर को वापस अपनी नीच राशि कन्या में प्रवेश करेगा. इसके ठीक दो दिन बाद दिवाली है. यानी जब देश में मिठाई और चीनी की मांग सबसे ज्यादा होगी, उसी समय शुक्र की स्थिति दोबारा कमजोर हो चुकी होगी.

यह संयोग सवाल खड़ा करता है,क्या गणेश उत्सव पर मिली राहत दिवाली आते-आते समाप्त हो सकती है?

शुक्र के तुला में आते ही बदली तस्वीर

अगस्त में शुक्र कन्या राशि में था. वैदिक ज्योतिष में इसे शुक्र की नीच राशि माना जाता है. मेदिनी ज्योतिष में शुक्र चीनी, दूध, घी, मिठाई, सुगंधित वस्तुओं और उत्सवी खरीदारी का कारक है. कमजोर शुक्र के दौरान इन वस्तुओं की कीमत और उपलब्धता में असंतुलन देखा जा सकता है.

2 सितंबर 2026 को शुक्र कन्या से निकलकर अपनी राशि तुला में आया. इसी दौरान सरकारी कदमों के बाद चीनी के भाव नीचे आने लगे. यह कहना सही नहीं होगा कि कीमतें केवल ग्रह परिवर्तन से गिरीं. बाजार में गिरावट की वास्तविक वजह आयात की अनुमति, स्टॉक सीमा और सरकार की ओर से आपूर्ति बढ़ाने के कदम रहे. लेकिन घटना और शुक्र के मजबूत होने का समय एक-दूसरे से मेल जरूर खाता है.

यह भी पढ़ें- कच्चा तेल 100 डॉलर पार, क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? जानें भारत की कुंडली का संकेत

यह भी पढ़ें- छोटे शहरों में 95% बढ़ीं Tech Jobs, क्या मंगल-राहु बदल रहे रोजगार की तस्वीर?

यह भी पढ़ें- सरकार के लिए आसान नहीं सितंबर, क्या फिर बनेगी जुलाई के जंतर-मंतर आंदोलन जैसी स्थिति?

यह भी पढ़ें- सितंबर में दाल-तेल से दूध तक क्या होगा महंगा? कमजोर मानसून के बीच कुंडली ने बढ़ाई चिंता

9 सितंबर को शुक्र तुला राशि में है. व्यापार का ग्रह बुध भी अपनी उच्च राशि कन्या में मजबूत है. दोनों ग्रहों की स्थिति गणेश चतुर्थी तक बाजार में राहत बनाए रखने का संकेत देती है.

अगस्त में कितनी महंगी हुई थी चीनी?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत खुदरा कीमत 20 जुलाई को 48.18 रुपये प्रति किलो थी. 20 अगस्त को यह बढ़कर 55.70 रुपये हो गई. इसके बाद भी कई बाजारों में तेजी जारी रही. मुंबई के कुछ हिस्सों में चीनी 60 से 75 रुपये किलो के बीच बिकने लगी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर उत्पादन, कम होता शुरुआती भंडार और त्योहारों से पहले बढ़ी खरीद ने भाव चढ़ाए. उद्योग ने जमाखोरी और सट्टेबाजी को भी इस असामान्य तेजी की वजह बताया.

सरकार ने दस लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी. बड़े खरीदारों पर स्टॉक सीमा लगाई गई और सितंबर से मिलों के बिक्री कोटे की समीक्षा हर 15 दिन में करने का फैसला हुआ. इसके बाद घरेलू कीमतों में इतनी तेज गिरावट आई कि विदेश से चीनी मंगाना कई आयातकों के लिए महंगा सौदा बन गया.

भारत की कुंडली क्या बता रही है?

भारत की प्रचलित स्वतंत्रता कुंडली वृषभ लग्न की है. वृषभ का स्वामी शुक्र है. इस कारण शुक्र की स्थिति देश के उपभोग, घरेलू बाजार और लोगों की खरीद क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है.

कुंडली के दूसरे भाव में मंगल है. यह भाव देश के खाद्य भंडार, आम जनता के बजट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत से जुड़ा है. सितंबर 2025 से भारत की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है. फरवरी 2026 से इसके भीतर राहु की अंतर्दशा शुरू हुई.

मंगल बाजार में अचानक तेजी पैदा करता है. राहु भ्रम, कमी का डर, जमाखोरी और सट्टेबाजी को बढ़ाता है. मंगल-राहु का यह मेल समझाता है कि पर्याप्त चीनी होने के दावों के बावजूद भाव इतनी तेजी से क्यों बढ़े.

भारत के 2026 के वर्षफल में भी दूसरे भाव का शुक्र कन्या राशि में नीच का है. वर्षफल का दूसरा भाव अन्न, धन और घरेलू खर्च से जुड़ा है. यहां कमजोर शुक्र पूरे वर्ष चीनी, दूध, घी और मिठाई जैसी वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव का संकेत देता है.

गणेश चतुर्थी तक क्या होगा?

गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है. तुला राशि का शुक्र और उच्च का बुध संकेत देते हैं कि तब तक चीनी के भाव में अगस्त जैसी बेकाबू तेजी लौटने की आशंका कम है. बाजार में उपलब्धता बनी रह सकती है और सरकारी निगरानी भी भाव को नियंत्रित रखेगी.

हालांकि मोदक और दूसरी मिठाइयां तुरंत सस्ती हों, यह जरूरी नहीं है. इनकी लागत में चीनी के अलावा दूध, खोया, घी, मेवे, मजदूरी और पैकिंग भी शामिल हैं. कुछ मिठाई कारोबारियों ने फेस्टिव सीजन में कीमत 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका जताई है.

इसलिए चीनी की थोक कीमत गिरने के बाद भी गणेश उत्सव पर तैयार मोदक पिछले वर्ष से महंगा मिल सकता है.

18 सितंबर के बाद बढ़ सकती है हलचल

18 सितंबर को मंगल मिथुन से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा. भारत की जन्मकुंडली में कर्क राशि के भीतर चंद्रमा, बुध, शुक्र, शनि और सूर्य मौजूद हैं. मंगल का यहां पहुंचना जनता की जरूरत, खाद्य वस्तुओं और घरेलू खर्च से जुड़े मामलों को दोबारा गर्म कर सकता है.

इसी समय नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के लिए कंपनियों तथा मिठाई कारोबारियों की अग्रिम खरीद शुरू होगी. इसलिए सितंबर के दूसरे हिस्से में चीनी के भाव स्थिर रहने के बजाय ऊपर-नीचे हो सकते हैं.

दिवाली से पहले क्यों बढ़ेगा खतरा?

3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होगा. वक्री शुक्र पुराने भाव लौटने, सौदों में बदलाव और उपभोक्ता बाजार में अस्थिरता का संकेत देता है. इसके बाद 6 नवंबर को शुक्र वापस कन्या राशि में चला जाएगा.

दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. यानी दिवाली से ठीक दो दिन पहले चीनी और मिठाई का कारक शुक्र अपनी कमजोर राशि में पहुंच जाएगा. उस समय मिठाई की मांग भी चरम पर होगी.

इसका अर्थ चीनी की निश्चित कमी नहीं है. मजबूत सरकारी नियंत्रण और नई गन्ना पेराई राहत दे सकती है. लेकिन कुंडली बताती है कि सितंबर में शुरू हुई गिरावट सीधी रेखा में दिवाली तक नहीं चलेगी.

गणेश चतुर्थी तक राहत बनी रह सकती है. अक्टूबर में भाव दोबारा अस्थिर हो सकते हैं और दिवाली से ठीक पहले मिठाई बाजार पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए अभी चीनी सस्ती जरूर हुई है, लेकिन दिवाली तक यही भाव बना रहेगा,इसकी संभावना कमजोर दिखाई देती है.

FAQ

1. क्या दिवाली 2026 तक चीनी सस्ती रहेगी?
सितंबर में कीमतों में राहत दिखाई दे सकती है, लेकिन फेस्टिव मांग के कारण अक्टूबर और नवंबर में दोबारा उतार-चढ़ाव संभव है.

2. शुक्र का चीनी की कीमत से क्या संबंध माना जाता है?
मेदिनी ज्योतिष में शुक्र को चीनी, मिठाई, दूध, घी और उत्सवी उपभोग का कारक माना जाता है.

3. शुक्र कन्या राशि में कब लौटेगा?
वक्री शुक्र 6 नवंबर 2026 को तुला से वापस कन्या राशि में प्रवेश करेगा.

4. दिवाली 2026 कब मनाई जाएगी?
मुख्य दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी.

5. क्या गणेश उत्सव में मोदक महंगा होगा?
चीनी के भाव घटने के बावजूद दूध, खोया, घी और मेवों की लागत बढ़ने से तैयार मोदक पिछले वर्ष से महंगा हो सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

तुला संक्रांति 2026: सूर्य बदलेंगे राशि, नौकरी से रिश्तों तक इन बातों पर रखें नजर
तुला संक्रांति 2026: सूर्य बदलेंगे राशि, नौकरी से रिश्तों तक इन बातों पर रखें नजर
Tarot Card Rashifal: टैरो राशिफल 17 अक्टूबर 2026, धनु को कर्ज मुक्ति और आर्थिक मजबूती, वृषभ के ऑनलाइन कारोबार में बड़ा उछाल
टैरो राशिफल 17 अक्टूबर 2026: धनु को कर्ज मुक्ति और आर्थिक मजबूती, वृषभ के ऑनलाइन कारोबार में बड़ा उछाल; जानें 12 राशियों का भाग्य
Kal Ka Rashifal 17 October 2026: मेष का अटका काम, मीन का कारोबार… शुक्रवार किसके लिए लाएगा अच्छी खबर?
Kal Ka Rashifal 17 October 2026: मेष का अटका काम, मीन का कारोबार… शुक्रवार किसके लिए लाएगा अच्छी खबर?
सेंट्रल पार्क बंद, हाथ में तिरंगा, क्या दिल्ली में CJP दिखा पाएगी ताकत या उलटेगी बाजी? जानिए ग्रहों की चाल
CJP 'लहरा दो तिरंगा' मार्च: रोक से बढ़ेगा आंदोलन या थमेगी धार?
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके की हिरासत पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
Embed widget