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International Astrology Day 2023: अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस कब है और इसे क्यों मनाया जाता है, जानें इस दिन का महत्व

International Astrology Day 2023: ज्योतिष विद्या ऐसी कार्यप्रणाली है, जिसका संबंध मनुष्य के जीवन से जुड़ा है. ज्योतिष के महत्व को समझने के लिए 1993 में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस मनाने की शुरुआत हुई.

International Astrology Day 2023: ज्योतिष विद्या का संसार और मानव जीवन पर खास प्रभाव पड़ता है. मान्यता है कि पहली बार संसार में ज्योतिष विद्या द्वारा भविष्य का कथन करने वाले भृगु ऋषि थे, जिन्होंने भगवान गणेश की सहायता से लगभग पांच लाख अनुमानित कुंडलियों का निर्माण किया था. ज्योतिष शास्त्र के द्वारा कोई भी व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जान सकता है. साथ ही ज्योतिष विद्या में कुंडली में चल रहे कई तरह के दोषों के उपायों के बारे में भी बताया जाता है, जिससे कि व्यक्ति बेहतर जीवन जी सके. 

क्यों और कब मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस हर साल उत्तरी गोलार्ध के वसंत विषुव के दौरान मनाया जाता है. जब सूर्य मेष राशि के उष्णकटिबंधीय राशि चक्र में प्रवेश करते हैं तब वसंत विषुव होता है. ज्योतिषी के लिए यह नए ज्योतिषीय साल की शुरुआत का पहला दिन माना जाता है. ज्योतिष दिवस पर कई जगहों पर सभा-संगोष्ठी आदि का भी आयोजन होता है. विज्ञान और कला के रूप में ज्योतिष के बारे में जागरुकता को बढ़ाने और ज्योतिष के महत्व को समझने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस (International Astrology Day) मनाया जाता है. एसोसिएशन फॉर एस्ट्रोलॉजिकल नेटवर्किंग (Association for Astrological Networking) ने 1993 में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस मनाने की घोषणा की थी. इस साल 2023 में ज्योतिष दिवस की 30वीं वर्षगांठ है.

वैदिक ज्योतिष को ज्योतिष शास्त्र कहा जाता है. भारत के पारंपरिक ज्योतिष शास्त्र की जड़ें प्राचीन वैदिक शास्त्र से ही जुड़ी है. दूसरी ओर पश्चिमी ज्योतिष प्राचीन बेबीलोनियन ज्योतिष से निकला है जोकि बाद में हेलेनिस्टिक दुनिया में स्थानांतरित हो गया. धीरे-धीरे यह ज्योतिष ग्रीक और रोमन जैसे अन्य जगहों पर भी फैल गया और उन्होंने इसमे अपनी व्याख्याओं और विधियों को जोड़ा.   

वहीं हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चैत्र माह के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा को ज्योतिष दिवस मनाया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया और इसके बाद सूर्य के प्रकाश से सभी ग्रह-नक्षत्र और तारे चमक उठे. ब्रह्माजी ने सूर्य देव, पंचाग और ज्योतिष ग्रंथों की पूजा की. नारद पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी से ही नारद जी को ज्योतिष शास्त्र का ज्ञान प्राप्त हुआ था.

2023 में कब है ज्योतिष दिवस

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस मनाने की कोई सटीक तिथि तो निर्धारित नहीं है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष की तिथि उस दिन पर निर्भर करती है जब उत्तर विषुव होता है. यह मेष राशि का पहला पूर्ण दिन होता है, जो उष्णकटिबंधीय राशि चक्र की शुरुआत का संकेत देता है. आमतौर पर यह 19-22 मार्च के बीच साल-दर-साल बदलता रहता है. ज्योतिष दिवस की तिथि 20-21 मार्च को सबसे अधिक पड़ती है. साल 2023 में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष दिवस 21 मार्च को है.

जन्मदिन के आधार पर बाहर राशियां

पश्चिमी ज्योतिष एक साल को 12 अवधियों में विभाजित करते हैं और इन प्रत्येक अवधि में सूर्य एक नक्षत्र क्षेत्र होता है. इसके अनुसार ही प्रत्येक अवधि को एक राशि चक्र के रूप में निर्दिष्ट किया जाता है. इस तरह कोई भी व्यक्ति अपने जन्मतिथि की अवधि के अपनी पश्चिमी सूर्य राशि का पता लगा सकता है.

मेष- (20 मार्च-19 अप्रैल)

वृषभ- (20 अप्रैल-20 मई)

मिथुन- (21 मई- 22 जून)

कर्क- (21 जून-22 जुलाई)

सिंह- (23 जुलाई-22 अगस्त)

कन्या-(23 अगस्त-22 सितंबर)

तुला- (23 सितंबर-22 अक्टूबर)

वृश्चिक- (23 अक्टूबर-21 नवंबर)

धनु- (22 नवंबर-21 दिसंबर)

मकर- (22 दिसंबर-19 जनवरी)

कुंभ- (20 जनवरी- 18 फरवरी)

मीन- (19 फरवरी से 20 मार्च)

सबसे प्राचीन ज्योतिष शास्त्र

वैसे तो कई तरह के ज्योतिषशास्त्र हैं, जोकि हजारों वर्षों में विकसित हुए. लेकिन वैदिक ज्योतिशास्त्र पद्धति को सबसे प्राचीन माना गया है. वैदिक ज्योतिष की उत्पत्ति वेदों से हुई है. इसलिए इसका नाम वैदिक ज्योतिष पड़ा. इसमें सभी ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों का अध्ययन कर यह विश्लेषण किया जाता है कि आकाशीय तत्व पृथ्वी और मनुष्य को किस तरह से प्रभावित करते हैं.

वर्तमान में ज्योतिष का महत्व

ज्योतिष का का इतिहास बहुत पुराना है. ज्योतिष शास्त्र के द्वारा मनुष्य आकाशीय-चमत्कारों से परिचित होता है. ज्योतिष शास्त्र से ही जनसाधारण को सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्र और सूर्य ग्रहण, ग्रहों की स्थिति, ग्रहों की युति, राशि परिवर्तन, ऋतु परिवर्तन, अयन आदि के बारे में स्पष्ट और महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है. यही कारण है कि ज्योतिष शास्त्र का बहुत महत्व है.

20वीं शताब्दी के बाद ज्योतिष अधिक लोकप्रिय हुआ, जब समाचार पत्रों में राशिफल प्रकाशित होने लगे. आज बड़ी संख्या में लोग अपने दैनिक जीवन में मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए ज्योतिष भविष्यवाणी पर विश्वास करते हैं. ज्योतिष से व्यक्ति के व्यक्तित्व के भी संकेत मिलते हैं. इससे आप न केवल अपने बारे में बल्कि अपने साथी और दूसरों के साथ अपने संबंधों के बारे में भी जान सकते हैं. किस क्षेत्र में आपको सफलता मिलेगा और कब ऐसे अनगिनत सवालों के जवाब ज्योतिष के पास अवश्य होते हैं. यही कारण है कि आज समय-समय पर लोग कई सवालों के जवाब और समस्याओं के हल के लिए ज्योतिष के पास जाते हैं.

ये भी: Krishnamurti Paddhati: 21वीं सदी और कंप्यूटर युग का ज्योतिषीय आंकलन है कृष्णमूर्ति पद्धति, हर पहलू का सटीकता से होता है फलकथन

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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