एक्सप्लोरर

Cinema & Astrology: सौ-सौ करोड़ की फिल्में क्यों हो रही हैं फ्लॉप? आ गया अगले 2 साल का सबसे बड़ा सच!

Cinema & Astrology: 100 करोड़ की फिल्में फ्लॉप हो रही हैं, सिनेमाघरों में सन्नाटा और दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है. अगले 2 साल में AI, OTT और कंटेंट की ताकत कैसे बदल सकती है पूरी फिल्म इंडस्ट्री.

Cinema & Astrology: अगर आपने हाल के दिनों में थियेटरों में सन्नाटा देखा है और बड़े-बेड़े दिग्गजों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल होती देखी हैं, तो संभल जाइए. यह सिर्फ एक अस्थाई मंदी नहीं है, यह ब्रह्मांड के सबसे प्रभावशाली ग्रहों की युति का परिणाम है.

जिसे आज फिल्म समीक्षक 'दर्शकों की बदली पसंद' कहकर टाल रहे हैं, वह असल में राहु और शनि देव द्वारा निर्मित वह कालचक्र है जिसने दृश्य-मनोरंजन जगत के आर्थिक (Economic) और रचनात्मक समीकरणों (Creative Equations) को पूरी तरह से बदल दिया है.

Cinema & Astrology: सौ-सौ करोड़ की फिल्में क्यों हो रही हैं फ्लॉप? आ गया अगले 2 साल का सबसे बड़ा सच!

टूट गया बॉलीवुड का घमंड!

वैदिक ज्योतिष के शास्त्रीय ग्रंथ उत्तर कालामृत के अनुसार, अभिनय, नाटक और दृश्य कला का नैसर्गिक कारक शुक्र है, जबकि छायाचित्र (Cinema), कैमरा, भ्रम (Illusion) और कृत्रिम भव्यता का कारक राहु है. पिछले डेढ़ साल से राहु देव देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली मीन राशि (जो कि कालपुरुष कुंडली का द्वादश भाव है) में गोचर कर रहे थे. मीन एक सात्विक और जल तत्व की राशि है, जिसके कारण राहु का कृत्रिम ग्लैमर और अति-काल्पनिक भ्रम वहां टिक नहीं सका और दर्शकों ने सतही और तार्किक रूप से कमजोर विषय-वस्तु को पूरी तरह नकार दिया.

दर्शकों ने फेरा अपना मुंह

ठीक इसी दौरान, जनभावनाओं (Masses) और यथार्थ के नैसर्गिक कारक शनि देव अपनी मूलत्रिकोण राशि कुंभ में संचरण कर रहे थे. कुंभ राशि सामाजिक चेतना और बौद्धिक जागृति को दर्शाती है. शनि का अपनी ही राशि में होना आम जनता को आर्थिक रूप से बेहद व्यावहारिक और चयन के मामले में अत्यंत कठोर बना देता है. इसी खगोलीय प्रभाव के कारण, जब निर्माताओं ने स्क्रिप्ट की गुणवत्ता से अधिक ध्यान सितारों के केवल 'नाम' पर दिया, तो जनभावना के कारक शनि ने उन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह विफल कर दिया.

सामने आई डरावनी टाइमलाइन!

यह ज्योतिषीय चक्र कोई तात्कालिक घटना नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक खगोलीय प्रक्रिया है. खगोलीय गणना के अनुसार, शनि देव 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि की यात्रा समाप्त कर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं. वे इस राशि में 3 जून 2027 तक संचरण करेंगे. इसके बाद अल्प समय के लिए मेष राशि में जाने के उपरांत, वक्री गति के कारण 20 अक्टूबर 2027 को पुनः मीन राशि में लौटेंगे और अंतिम रूप से 23 फरवरी 2028 को इस राशि को छोड़ेंगे. ज्योतिष शास्त्र में शनि के मीन गोचर को पुराने सिद्धांतों के अंत और नए वैचारिक युग के उदय का काल माना गया है.

इन फिल्मों का हुआ बुरा हाल

ग्रहों का यह व्यावहारिक प्रभाव हालिया रिलीज फिल्मों पर साफ देखा जा सकता है. मीन राशि के खोजी और यथार्थवादी गुणधर्म के कारण लीक से हटकर बनी 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए. इसके विपरीत, पुराने और पारंपरिक कमर्शियल फॉर्मूले पर आधारित 'भूत बंगला', 'चंदा मेरा दिल' और 'पति पत्नी और वो दो' जैसी फिल्मों को दर्शकों ने पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया, जो यह सिद्ध करता है कि अब शुक्र का सतही ग्लैमर शनि की व्यावहारिक परीक्षा में सफल नहीं हो पा रहा है.

परदे पर AI की भयंकर सुनामी!

इस बदलाव में सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति राहु के राशि परिवर्तन से जुड़ी है. 18 मई 2025 को शाम 5:08 बजे राहु ने मीन राशि से निकलकर शनि की वायु तत्व वाली राशि कुंभ में प्रवेश किया था, जहां वे 5 दिसंबर 2026 तक स्थित रहेंगे. ज्योतिष में कुंभ राशि उन्नत तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक विज्ञान को दर्शाती है. राहु का यहां बैठना सिनेमाई निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक और वर्चुअल प्रोडक्शन टूल्स (VP) की एक ऐसी तकनीकी सुनामी लाया है जो फिल्मों के पोस्ट-प्रोडक्शन और वीएफएक्स के भारी-भरकम खर्च को सीधे 40% तक कम कर देगी.

बंद हो जाएंगे मल्टीप्लेक्स?

राहु का यह तकनीकी प्रभाव महंगे मल्टीप्लेक्सों के पारंपरिक एकाधिकार को चुनौती देगा. इसके तुरंत बाद, यानी 5 दिसंबर 2026 को जब राहु देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे और मीन राशि में स्थित शनि देव के साथ पूरक संबंध बनाएंगे, तब सिनेमा में एक महान रचनात्मक युग की शुरुआत होगी. मीन राशि पराविज्ञान (Paranormal), अध्यात्म और असीमित कल्पनाशीलता की सूचक है, जिसके कारण साल 2026 के अंत से लेकर 2028 के बीच हॉरर, साइकोलॉजिकल थ्रिलर, टाइम ट्रैवल और हमारी सांस्कृतिक लोककथाओं पर आधारित सिनेमा वैश्विक स्तर पर नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा.

खत्म हुआ सुपरस्टार्स का जलवा!

इसी कालखंड में, ज्ञान और विस्तार के कारक देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करेंगे. कालपुरुष कुंडली में कर्क राशि चतुर्थ भाव (यानी जनता के हृदय और आंतरिक संतोष) को प्रदर्शित करती है. गुरु का अपनी उच्च राशि में होना यह साफ संकेत देता है कि अब दर्शक केवल स्क्रीन पर बड़े नाम को देखकर संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि विषय-वस्तु की गहराई को सराहेंगे. यही कारण है कि 'फिक्स-फीस' पर काम करने वाले सितारों का दौर समाप्त होगा और उद्योग 'प्रॉफिट-शेयरिंग' मॉडल की ओर बढ़ेगा, जिससे प्रतिभा-आधारित थिएटर और कैरेक्टर एक्टर्स को मुख्यधारा में आने का अवसर मिलेगा.

डूबेगा इन दिग्गजों का पैसा!

इस ग्रहीय फेरबदल का आर्थिक प्रभाव ज्योतिष के भाव-सिद्धांत से समझा जा सकता है. कुंडली का द्वितीय भाव (धन) और एकादश भाव (लाभ) जब शनि और राहु के कड़े प्रभाव में आते हैं, तो व्यापारिक ढांचा बदल जाता. 29 मार्च 2025 से शुरू हुआ शनि का मीन गोचर उन प्रोडक्शन हाउसेज और सुपरस्टार्स के लिए अत्यंत दुरूह साबित हो रहा है जो बिना किसी ठोस स्क्रिप्ट के केवल अपने स्टार-मूल्य के दम पर व्यवसाय कर रहे थे. साथ ही, उन मल्टीप्लेक्सों के प्रॉफिट में भी भारी कमी देखी जा रही है जो अत्यधिक महंगे टिकट और भोजन सामग्री बेच रहे थे, क्योंकि कुंभ का शनि आम उपभोक्ता को अनावश्यक खर्चों के प्रति बेहद सचेत कर चुका है.

ये छोटे मेकर्स रचेंगे इतिहास!

इसके विपरीत, इस खगोलीय संक्रमण का सर्वाधिक लाभ मौलिक लेखकों, नवोदित निर्देशकों और चरित्र अभिनेताओं को मिलेगा. इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण यह है कि कर्क का उच्च का गुरु और कुंभ का राहु मिलकर 'ज्ञान और तकनीक' का एक दुर्लभ योग बना रहे हैं. कर्क राशि जल तत्व और मातृभूमि की सूचक है, जिसके कारण जो भी निर्माता अपनी मिट्टी, स्थानीय संस्कृति और जड़ों से जुड़ी कहानियां (जैसे क्षेत्रीय सिनेमा या हाइपर-लोकल कंटेंट) लेकर आएंगे, वे व्यावसायिक रूप से अत्यधिक सफल होंगे, क्योंकि यह कंटेंट सीधे दर्शकों के चतुर्थ भाव यानी उनके संवेगों को प्रभावित करेगा.

खाली कुर्सियां खोल रही हैं राज

मल्टीप्लेक्सों के खाली रहने के पीछे ज्योतिषीय कारकों के साथ-साथ कुछ अत्यंत ठोस व्यावहारिक कारण भी काम कर रहे हैं. फिल्मों के विशेषज्ञ और बड़े समीक्षक अमित भाटिया बताते हैं कि इसका पहला कारण है 'ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का प्रभुत्व'. जब दर्शकों को भलीभांति ज्ञात है कि कोई भी नई फिल्म अपनी रिलीज के मात्र 4 से 6 हफ्तों के भीतर उनके मोबाइल स्क्रीन्स पर उपलब्ध हो जाएगी, तो वे थियेटर जाने की अनिवार्यता महसूस नहीं करते. दूसरा बड़ा कारण है सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले 'त्वरित और निष्पक्ष रिव्यूज', जो फिल्म के पहले शो के समाप्त होते ही उसकी वास्तविक गुणवत्ता को सार्वजनिक कर देते हैं.

आम आदमी की जेब पर डाका!

तीसरा और सबसे निर्णायक कारण आर्थिक बोझ है. वर्तमान समय में एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सिनेमाघर जाना, वाहन पार्किंग, महंगे टिकट और अनिवार्य रूप से अत्यधिक मूल्य पर मिलने वाले स्नैक्स का कुल व्यय 3000 से 4000 के आसपास पहुंच जाता है. इस भारी-भरकम खर्च के बदले जब परदे पर वही पुरानी और घिसी-पिटी कहानियां परोसी जाती हैं, तो दर्शक स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है और भविष्य में थियेटरों से दूरी बनाने का निर्णय ले लेता है.

मनोरंजन अब होगा बेहद सस्ता?

आने वाले समय में मनोरंजन की लागत का गणित पूरी तरह से 'विभाजित' (Split) होने जा रहा है. व्यापार के कारक बुध और तकनीक के कारक राहु की गतियां यह स्पष्ट करती हैं कि एआई (AI) और आधुनिक प्रोडक्शन टूल्स के कारण फिल्मों की मूल निर्माण लागत (Making Cost) में लगभग 40% की कमी आएगी. इसके फलस्वरूप, सामान्य मनोरंजक कंटेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के सब्सक्रिप्शन आम जनता के लिए काफी किफायती और सुलभ हो जाएंगे, जिससे घरों में बैठकर मनोरंजन देखना पहले से काफी सस्ता हो जाएगा.

जेब खाली करने को रहें तैयार!

इसके विपरीत, सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखना एक 'विशिष्ट अनुभव' (Premium/Luxury Experience) बन जाएगा. आने वाले समय में थियेटर्स केवल सिंगल स्क्रीन नहीं रहेंगे, बल्कि वे राहु के तकनीकी प्रभाव के कारण दर्शकों को मोशन सीट्स, 4D/5D इफेक्ट्स और वर्चुअल रियलिटी के जरिए फिल्म के माहौल के भीतर जीने का अहसास कराएंगे. इस उच्च-तकनीकी और विशिष्ट अनुभव को बनाए रखने के लिए मल्टीप्लेक्स अपनी दरें ऊंची रखेंगे, जिसके कारण थियेटर का रुख करना एक प्रीमियम श्रेणी का शौक बन जाएगा.

परदे के सारे नियम टूटे!

व्यापार और संचार के कारक बुध का गोचर यह संकेत दे रहा है कि पारंपरिक थियेट्रिकल विंडो के नियम अब पूरी तरह अप्रासंगिक होने वाले हैं. आने वाले दो सालों में 'हाइब्रिड रिलीज मॉडल' मुख्यधारा में आएगा, जहां फिल्में वैश्विक स्तर पर कुछ क्षेत्रों में सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर और कुछ क्षेत्रों में सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज की जाएंगी. ब्रह्मांड में विचरण कर रहे ग्रहों का गोचर इस समय सिनेमा का अंत नहीं कर रहा, बल्कि उसके भीतर व्याप्त अहंकार और सड़े-गले सिद्धांतों को भस्म कर रहा है ताकि एक अधिक परिपक्व और वैश्विक स्तर के सिनेमा का पुनर्जन्म हो सके.

रीमेक बनाने वालों की शामत!

इस खगोलीय बदलाव की सबसे बड़ी गाज उन निर्माताओं पर गिरेगी जो रचनात्मकता के अभाव में केवल 'रीमेक' फिल्मों के भरोसे जी रहे हैं. सूक्ष्म विश्लेषण और खोजी प्रवृत्ति के ग्रह केतु का कन्या राशि में गोचर दर्शकों के भीतर एक अत्यंत तीक्ष्ण और विश्लेषणात्मक दृष्टि पैदा कर चुका है, जो किसी भी प्रकार की साहित्यिक या रचनात्मक चोरी को तुरंत पकड़कर सोशल मीडिया पर उसकी कलई खोल देती है. अब सिनेमा की मुख्यधारा पर मिस्ट्री, डार्क-फैंटेसी और सस्पेंस जॉनर का पूर्ण नियंत्रण स्थापित होने जा रहा है.

बिना गॉडफादर मचेगा तहलका!

यह कालखंड उन स्वतंत्र और छोटे शहरों के फिल्म निर्माताओं का है जो बिना किसी औद्योगिक गॉडफादर के, केवल अपनी मौलिक सोच और नवीन विचारों के दम पर उद्योग का रुख बदल रहे हैं. ग्रहों का यह चक्रव्यूह स्पष्ट करता है कि आने वाले 24 महीनों में केवल वही निर्माता और लेखक टिक पाएंगे, जिनके पास समय की गति और दर्शकों के बदलते मानसिक स्तर को कम से कम 18 महीने पहले ही भांप लेने की दूरदृष्टि होगी.

हॉलीवुड को लगी बड़ी मिर्ची!

वैश्विक परिदृश्य (Global Cinema) की बात करें तो सुदूर अंतरिक्ष में बन रही नेप्च्यून और राहु की युति पश्चिमी सिनेमा यानी हॉलीवुड के उस तकनीकी एकाधिकार को कड़ी चुनौती देने जा रही है, जो केवल भव्य विजुअल्स के दम पर वैश्विक बाजार को नियंत्रित करता था. अब भारत का समृद्ध दर्शन, लोककथाएं और सांस्कृतिक विरासत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सिनेमा के रेवेन्यू शेयर में तीन गुना वृद्धि के ज्योतिषीय संकेत मिल रहे हैं.

संक्षेप में कहें तो यदि कोई फिल्म निर्माता समय की इस पुकार और ग्रहों की बदलती ऊर्जा को समझने से इनकार करेगा, तो शनि और राहु का यह संयुक्त गोचर उसके व्यावसायिक अस्तित्व को समाप्त करने में तनिक भी देर नहीं करेगा. सिनेमा के इस नए और परिष्कृत युग में जीवंत रहने का एकमात्र अकादमिक और व्यावहारिक मंत्र सिर्फ और सिर्फ ओरिजिनल, प्रामाणिक और दर्शकों को सम्मोहित कर देने वाली जादुई विषय-वस्तु (Content) ही है.

यह भी पढ़ें- Toxic Release Postponed: 4 जून को रिलीज होती 'Toxic' तो परिणाम अलग होते? पंचांग के वो संकेत जिन्होंने बदली यश की फिल्म की डेट!

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह, Senior Vedic Astrologer | Astro Media Editor | Digital Strategy Leader

'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

हृदेश कुमार सिंह लंबे समय से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे उन चुनिंदा लोगों में माने जाते हैं जिन्होंने पारंपरिक ज्योतिष को आज की बदलती दुनिया, डिजिटल संस्कृति और नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने का प्रयास किया है. उनके लिए ज्योतिष केवल ग्रहों की गणना नहीं, बल्कि मानव व्यवहार, सही समय और जीवन के निर्णयों को समझने का माध्यम है.

वर्तमान में वे ABP Live में Astro, Religion और Dharma LIVE से जुड़े कंटेंट और डिजिटल रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं. यहां उनका फोकस ज्योतिष और धर्म को ऐसे रूप में प्रस्तुत करना है, जो आज के पाठकों और दर्शकों की जिंदगी से सीधे जुड़ सके. यही कारण है कि उनके लेखन और विश्लेषण में केवल पारंपरिक बातें नहीं, बल्कि करियर, रिश्ते, मानसिक तनाव, सामाजिक बदलाव, तकनीक और बदलती जीवनशैली जैसे विषय भी दिखाई देते हैं.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), New Delhi से पत्रकारिता और IIMT University, Meerut से ज्योतिष शास्त्र व वास्तु शास्त्र की पढ़ाई की है. इसके साथ ही उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush’ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, जिसमें Keyword Research, Topic Clusters, E-E-A-T आधारित कंटेंट और AI Search Optimization शामिल हैं. वे Astrosage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं. मीडिया, ऑडियंस बिहेवियर, डिजिटल पब्लिशिंग और कंटेंट रणनीति की समझ ने उनके काम को अलग पहचान दी है.

हृदेश कुमार सिंह के कई ज्योतिषीय और सामाजिक विश्लेषण समय-समय पर चर्चा में रहे हैं. राजनीति, शेयर बाजार, मनोरंजन जगत, AI और बदलते सामाजिक माहौल जैसे विषयों पर उनके आकलनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है.

वर्तमान में Youth Protest, CJP आंदोलन और एक्टर शाहरुख खान को लेकर उनकी भविष्यवाणियां सत्य साबित हुईं हैं, उनके विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर, मेदिनी ज्योतिष और समाज की बदलती मानसिकता की समझ पर आधारित होते हैं.

वे वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अध्ययन और लेखन करते रहे हैं. करियर, विवाह, व्यापार, शिक्षा और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़े विषयों पर वे पारंपरिक ज्योतिष को आधुनिक जीवन की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर देखने का प्रयास करते हैं.

डिजिटल दौर में ज्योतिष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे कॉन्सेप्ट पर भी काम किया, जिसमें राशिफल को केवल भाग्य या डर से जोड़कर नहीं, बल्कि career pressure, relationship confusion, emotional wellbeing और real-life decision making जैसी बातों से जोड़ा गया.

उनका मानना है कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सही समझ की कमी है. वे ज्योतिष को ऐसा माध्यम मानते हैं, जो व्यक्ति को डराने के बजाय उसे बेहतर निर्णय लेने और खुद को समझने में मदद कर सकता है.

श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म सिद्धांत, भगवान बुद्ध के संतुलन के विचार, सूफी चिंतन और आधुनिक मनोविज्ञान से प्रभावित उनकी सोच उनके लेखन में भी दिखाई देती है. यही वजह है कि उनका काम केवल भविष्यवाणी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों को सोचने और अपने जीवन को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है.

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, बाजार, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है. इन अनुभवों का असर उनके विषय चयन और लेखन शैली में साफ दिखाई देता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Tarot Card Rashifal: वृषभ को पैतृक संपत्ति से लाभ, मकर के विदेशी व्यापार में बड़ा उछाल; देखें कार्ड्स का इशारा
टैरो राशिफल 28 सितंबर 2026: धनु को प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोतरी, सिंह के ट्रांसफर योग; जानें 12 राशियों का भाग्य
Kal Ka Rashifal 28 September 2026: सोमवार को ध्रुव और व्याघात योग से इन राशियों की खुलेगी किस्मत, बंपर धन लाभ और करियर में बड़ी सफलता!
Kal Ka Rashifal 28 September 2026: सोमवार को ध्रुव और व्याघात योग से इन राशियों की खुलेगी किस्मत, बंपर धन लाभ और करियर में बड़ी सफलता!
आज का कन्या राशिफल 27 सितंबर 2026: 7वें चंद्रमा से बिजनेस जानकारों से मुलाकात, सर्वार्थ सिद्धि योग से बढ़ेगी इनकम, वाणी से मिलेगा बड़ा लाभ
आज का कन्या राशिफल 27 सितंबर 2026: 7वें चंद्रमा से बिजनेस जानकारों से मुलाकात, सर्वार्थ सिद्धि योग से बढ़ेगी इनकम, वाणी से मिलेगा बड़ा लाभ
आज का सिंह राशिफल 27 सितंबर 2026: 8वें चंद्रमा व विष दोष से गूढ़ विद्याओं में रुचि, ग्राहकों से झड़प से बचें
आज का सिंह राशिफल 27 सितंबर 2026: 8वें चंद्रमा व विष दोष से गूढ़ विद्याओं में रुचि, ग्राहकों से झड़प से बचें

वीडियोज

YRKKH: Kabir संग भागी Maira, खुद को कोसते हुए टूट कर बिखरे Abhira-Armaan!
Bollywood News: MrBeast के साथ ‘रामायण’ के प्रमोशन पर क्यों उठे सवाल? (27.09.26)
Rise & Fall 2: Virender Sehwag ने Hosting Debut, Cricket और नए Reality Show पर की बात
Bigg Boss 20: Rhiti Tiwari के ₹25 हजार Pocket Money Claim पर Ekam Bawa के सवाल
Amitabh Bachchan-Jaya Bachchan की शादी का राज, एक बातचीत में तय हो गया था रिश्ता

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR को बताया बैकडोर NRC, बोले - 'हो सकता है कि...'
असदुद्दीन ओवैसी ने SIR को बताया बैकडोर NRC, बोले - 'हो सकता है कि...'
अंबाला में तीन मंजिला बिल्डिंग ढही, 3 लोगों की मौत, कई मलबे में दबे
अंबाला में तीन मंजिला बिल्डिंग ढही, 3 लोगों की मौत, कई मलबे में दबे
'ब्लॉकबस्टर संडे', आज दिखेगा 3 ODI का रोमांच, IND-WI के साथ ये टीम बिखेरेंगी जलवा
'ब्लॉकबस्टर संडे', आज दिखेगा 3 ODI का रोमांच, IND-WI के साथ ये टीम बिखेरेंगी जलवा
मलयालम फिल्म 'बेथलेहम कुडुंबा यूनिट' की OTT रिलीज कंफर्म, कमाया था 991% प्रॉफिट
मलयालम फिल्म 'बेथलेहम कुडुंबा यूनिट' की OTT रिलीज कंफर्म, कमाया था 991% प्रॉफिट
‘मुझे समुद्र में तैरना...’, EC विवाद के बीच राहुल गांधी का क्रिप्टिक पोस्ट
‘मुझे समुद्र में तैरना...’, EC विवाद के बीच राहुल गांधी का क्रिप्टिक पोस्ट
विपक्ष के भारी विरोध के बाद बैकफुट पर विजय सरकार! वापस लिया ये बड़ा फैसला
विपक्ष के भारी विरोध के बाद बैकफुट पर विजय सरकार! वापस लिया ये बड़ा फैसला
चीनी Smartphone Brands में कौन है सबसे दमदार? जानें किसके फोन हैं सबसे बेस्ट!
चीनी Smartphone Brands में कौन है सबसे दमदार? जानें किसके फोन हैं सबसे बेस्ट!
अच्छा काम बना गुनाह! बॉस ने रोकी 30% हाइक वाली प्रमोशन, दर्द वायरल
अच्छा काम बना गुनाह! बॉस ने रोकी 30% हाइक वाली प्रमोशन, दर्द वायरल
Embed widget