एक्सप्लोरर

क्या बारिश से खराब हो रही आपकी गेहूं की फसल तो न हो परेशान, ये 4 तरीके करेंगे मदद

Wheat Farming Tips: बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल बचाने के लिए किसानों को कुछ सही तरीके अपनाने होंगे. इन सही तरीकों से किसान अपने बड़े नुकसान को कम कर सकते हैं.

Wheat Farming Tips:  खेती में सब कुछ सही चल रहा होता है, तभी अचानक बेमौसम बारिश आकर पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है. खासकर गेहूं की पकी हुई फसल के समय अगर आसमान से आफत बरस जाए, तो किसानों की रातों की नींद उड़ जाती है. पर यकीन मानिए, इस मुश्किल वक्त में भी अगर आप सूझबूझ से काम लें, तो काफी हद तक अपनी फसल को बर्बाद होने से बचा सकते हैं. 

बारिश के बाद खेत में सिर्फ अफसोस करने से बेहतर है कि आप तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं. आजकल की खेती में सही समय पर लिया गया सही फैसला ही आपके मुनाफे और मेहनत की रक्षा कर सकता है. चलिए जानते हैं वो 4 दमदार तरीके, जिनसे आप बारिश की मार झेल रही गेहूं की फसल को सुरक्षित निकाल सकते हैं.

खेत में पानी जमा है तो नाली बनाकर तुरंत बाहर निकालें

बारिश के बाद गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा खतरा खेत में ठहरे हुए पानी से होता है. अगर फसल की जड़ों में ज्यादा देर तक पानी जमा रहा, तो न केवल जड़ें गलने लगेंगी, बल्कि नमी की वजह से दाने काले पड़ सकते हैं या फंगस लग सकती है. जैसे ही बारिश थमे, सबसे पहला काम यह करें कि खेत के निचले हिस्सों में फावड़े से छोटी-छोटी नालियां बना दें.

  • खेत से एक्स्ट्रा पानी बाहर निकालने से मिट्टी को हवा लगेगी और जड़ों का सड़ना बंद हो जाएगा.
  • पानी का निकास होने से फसल की चमक बरकरार रहती है और दाने की क्वालिटी खराब नहीं होती.
  • सूखी मिट्टी होने पर ही कंबाइन या लेबर को खेत में उतारना आसान और सुरक्षित रहता है.

यह भी पढ़ें: खेती करते हैं तो जरूर इस्तेमाल करें ये 4 सरकारी ऐप, मौसम से किसान निधि तक की देते हैं जानकारी

गिरी हुई फसल को बिना देरी किए जल्दी काट लें

तेज हवा और बारिश की वजह से अक्सर गेहूं की फसल खेत में बिछ जाती है. अगर आपकी फसल गिर गई है, तो उसे ज्यादा दिनों तक जमीन के संपर्क में न रहने दें. मिट्टी की नमी गिरी हुई बालियों को जल्दी खराब कर देती है, जिससे पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है. ऐसी स्थिति में धूप निकलते ही जितनी जल्दी हो सके. गिरी हुई फसल की कटाई शुरू कर दें.

  • गिरी हुई फसल को बचाने का यही एक इकलौता और सबसे कारगर तरीका है कि उसे तुरंत समेटा जाए.
  • अगर कंबाइन मशीन से कटाई संभव न हो, तो लेबर लगाकर हाथ से कटाई करवाना ज्यादा बेहतर रहता है.
  • जमीन पर पड़ी फसल में चूहे और कीटों का हमला भी बढ़ जाता है, इसलिए देरी करना नुकसानदेह है.

अगर दाने अंकुरित होने लगे हों तो तुरंत कटाई करें

कई बार लगातार बारिश और नमी की वजह से बालियों में लगे हुए दाने खेत में ही अंकुरित (Germinate) होने लगते हैं. अगर आपको बालियों में हल्का भी अंकुरण दिखाई दे, तो इसे खतरे की घंटी समझें और एक पल भी बर्बाद न करें. अंकुरित गेहूं न तो मंडी में अच्छे भाव बिकता है और न ही खाने लायक बचता है.

  • बालियों में अंकुरण दिखने का मतलब है कि दाने की गुणवत्ता और वजन दोनों तेजी से गिर रहे हैं.
  • फसल को पूरी तरह सूखने का इंतजार न करें, बल्कि हल्की नमी में ही काटकर उसे सुरक्षित जगह ले जाएं.
  • तुरंत कटाई करने से आप कम से कम उस नुकसान को रोक पाएंगे जो दाने के पूरी तरह खराब होने से हो सकता है.

कटाई के बाद फसल को सही जगह पर सुखाएं

बारिश के बीच या ठीक बाद काटी गई फसल में नमी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. अगर आप इस भीगे हुए गेहूं को सीधा बोरियों में भर देंगे, तो वह कुछ ही दिनों में सड़ जाएगा. इसलिए कटाई के बाद फसल को किसी ऊंचे स्थान या पक्के फर्श पर फैला दें. दानों को बार-बार ऊपर-नीचे करते रहें ताकि धूप और हवा हर दाने तक पहुंचे.

  • कटी हुई फसल को किसी पक्के फर्श या तिरपाल पर फैलाएं ताकि वह जमीन की नमी न सोखे.
  • जब नमी का लेवल 12-14% तक आ जाए, तभी उसे स्टोर करें या मंडी लेकर जाएं.
  • सही तरीके से सुखाने से दाने की चमक बनी रहती है और मंडी में आपको फसल का बेहतरीन रेट मिलता है.

यह भी पढ़ें: अगर किसानों को मिले MSP से कम दाम, तो सरकार देगी बाकी पैसा, जान लें कैसे ले सकते हैं फायदा

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या बारिश से खराब हो रही आपकी गेहूं की फसल तो न हो परेशान, ये 4 तरीके करेंगे मदद
क्या बारिश से खराब हो रही आपकी गेहूं की फसल तो न हो परेशान, ये 4 तरीके करेंगे मदद
खेती करते हैं तो जरूर इस्तेमाल करें ये 4 सरकारी ऐप, मौसम से किसान निधि तक की देते हैं जानकारी
खेती करते हैं तो जरूर इस्तेमाल करें ये 4 सरकारी ऐप, मौसम से किसान निधि तक की देते हैं जानकारी
किसानों को ये फसल देगी 4 महीने में 2 लाख रुपये, जानें पूरा बिजनेस प्लान
किसानों को ये फसल देगी 4 महीने में 2 लाख रुपये, जानें पूरा बिजनेस प्लान
मोरिंगा की खेती करने में कितना लगता है पैसा? जान लें एक फसल में होने वाला मुनाफा
मोरिंगा की खेती करने में कितना लगता है पैसा? जान लें एक फसल में होने वाला मुनाफा
Advertisement

वीडियोज

Iran Israel War Update: लेबनान में मारा गया ईरानी कुद्स फोर्स का बड़ा कमांडर | Trump Surrender
Iran Israel War Update: महायुद्ध का 'सरेंडर' मोड..ये है Trump का 'एग्जिट प्लान' | Trump on Iran War
Iran Israel War Ending: अब लंबा नहीं चलेगा युद्ध, खत्म होने की कगार पर लड़ाई! | Iran US Israel
Trump Surrender: महायुद्ध का मैदान छोड़.. भागने को मजबूर ट्रंप? | Iran Israel War Update | Breaking
Trump on Iran War: ईरान से लड़ाई..पड़ा भारी? यद्ध पर ट्रंप का बड़ा संकेत! | Iran US Israel War
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बंगाल SIR को लेकर टीएमसी की आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट को आया गुस्सा, बोले- अरे चुनाव आयोग ही बताएगा कि कैसे....
बंगाल SIR को लेकर टीएमसी की आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट को आया गुस्सा, बोले- अरे चुनाव आयोग ही बताएगा कि कैसे....
...तो इस दिन CM का पद त्याग रहे नीतीश कुमार! कब जा रहे दिल्ली? JDU का बड़ा खुलासा
...तो इस दिन CM का पद त्याग रहे नीतीश कुमार! कब जा रहे दिल्ली? JDU का बड़ा खुलासा
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी, 11 रुपए लीटर तक बढ़ गए दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी, 11 रुपए लीटर तक बढ़ गए दाम
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जारी की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट, 21 खिलाड़ियों को मिली जगह; ग्लेन मैक्सवेल बाहर
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जारी की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट, 21 खिलाड़ी शामिल; ग्लेन मैक्सवेल बाहर
Box Office: 'धुरंधर 2' की नाक के नीचे चुपचाप इस फिल्म ने लूट लिया बॉक्स ऑफिस, 13 दिनों में 562% कमा डाला मुनाफा
धुरंधर 2' की नाक के नीचे इस फिल्म ने कर डाली छप्पर फाड़ कमाई, 562% हुआ मुनाफा
HS फूलका का BJP में जाना: 2027 पंजाब चुनाव से पहले सिख राजनीति, नैरेटिव और समीकरणों का बड़ा रीसेट?
HS फूलका का BJP में जाना: 2027 पंजाब चुनाव से पहले सिख राजनीति, नैरेटिव और समीकरणों का बड़ा रीसेट?
यहां 80 हजार रुपये में मिल जाएगी Bullet और Classic 350, एक्टिवा और स्प्लेंडर की कीमत भी बेहद कम
यहां 80 हजार रुपये में मिल जाएगी Bullet और Classic 350, एक्टिवा और स्प्लेंडर की कीमत भी बेहद कम
JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन्स 2026 एग्जाम से पहले जान लें क्या लेकर जाएं और क्या है पूरी तरह बैन?
जेईई मेन्स 2026 एग्जाम से पहले जान लें क्या लेकर जाएं और क्या है पूरी तरह बैन?
Embed widget