गर्मी की वजह से सूख रही तुलसी तो न हों परेशान, इन तरीकों से हमेशा रहेगी हरी-भरी
Tulsi Growing Tips: गर्मी में सूखती तुलसी को हरा-भरा रखने के लिए महंगे केमिकल की नहीं बल्कि सिर्फ 5 रुपये के घरेलू नुस्खे की जरूरत है. कपूर और गुड़ का यह घोल जड़ों को पोषण देता है.

Tulsi Growing Tips: गर्मियों का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप और झुलसाती लू के कारण घरों में लगा तुलसी का पवित्र पौधा अक्सर सूखने या कुम्हलाने लगता है. कई बार लाख कोशिशों और रोज पानी देने के बाद भी पत्तियां पीली होकर गिरने लगती हैं, जिससे लोग काफी परेशान हो जाते हैं. दरअसल तेज तापमान की वजह से मिट्टी की नमी खत्म हो जाती है और पौधे को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. अगर आपकी तुलसी के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है, तो अब आपको बिल्कुल भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के इस बेहद सस्ते और घरेलू नुस्खे से आपका पौधा इस भीषण गर्मी में भी एकदम हरा-भरा और घना बना रहेगा. इस ट्रिक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको बाजार से कोई महंगी खाद या केमिकल लाने की जरूरत नहीं है. बल्कि आप सिर्फ 5 रुपये के खर्च में ही अपनी तुलसी को नया जीवन दे सकते हैं. जान लीजिए टिप्स.
ऐसे बनाएं कपूर और गुड़ का घोल
इस आसान और बजट-फ्रेंडली ट्रिक को तैयार करने के लिए आपको सिर्फ तीन चीजों की जरूरत होगी कपूर का एक छोटा टुकड़ा, थोड़ा सा गुड़ और एक लीटर साफ पानी. चूंकि कपूर सीधे पानी में आसानी से नहीं घुलता इसलिए सबसे पहले पंसारी की दुकान से लाए कपूर के टुकड़े को अच्छी तरह कूटकर एकदम बारीक पाउडर बना लें. इसके बाद एक लीटर पानी वाले डिब्बे या जग में इस कपूर के पाउडर को डाल दें.
तुलसी पौधे के लिए कमाल यह घोल
कपूर में बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जिसकी तेज गंध मिट्टी में छिपे हानिकारक कीड़ों, फंगस और चींटियों को पौधे से कोसों दूर रखती है. अब इस पानी में गुड़ का एक छोटा टुकड़ा डालकर किसी लकड़ी या चम्मच की मदद से तब तक अच्छी तरह हिलाएं जब तक दोनों चीजें पानी में पूरी तरह मिक्स न हो जाएं. यह घोल तुलसी के लिए एक परफेक्ट और नेचुरल बूस्टर का काम करता है.
यह भी पढ़ें: Clove Farming At Home: किचन गार्डन में कैसे कर सकते हैं लौंग की खेती? पूजा-पाठ से लेकर खाना बनाने में आएंगी काम
जड़ों को मिलेगा पोषण और बढ़ेगी ताकत
इस जादुई लिक्विड में मिलाया गया गुड़ मिट्टी के लिए अमृत की तरह काम करता है. क्योंकि गुड़ में प्रचुर मात्रा में आयरन, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. यह मिट्टी में मौजूद गुड बैक्टीरिया यानी फायदेमंद सूक्ष्मजीवों की संख्या को तेजी से बढ़ाता है. जिससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाती है और तुलसी की जड़ों को अंदर से जबरदस्त मजबूती मिलती है. इस कमाल के मिक्सचर को हफ्ते में एक बार या जरूरत के हिसाब से तुलसी के गमले में डालें.
यह घोल जड़ों के जरिए पौधे के हर हिस्से तक जरूरी न्यूट्रिएंट्स पहुंचाता है जिससे नई पत्तियां तेजी से निकलती हैं और पौधा एकदम बुशी यानी घना बन जाता है. इस आसान और पूरी तरह से ऑर्गेनिक तरीके को अपनाकर आप भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच भी अपनी तुलसी को हमेशा तरोताजा, लहलहाती और हरी-भरी रख सकते हैं.
यह भी पढ़ें: Azolla Farming: धान रोपने के बाद खेत में छोड़ दें अजोला, कम हो जाएगी खेती की लागत और मिट्टी की भी सुधरेगी सेहत

























