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पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी! अगली किस्त समय पर पाने के लिए किसान अभी करें ये जरूरी काम

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त पीएम मोदी ने आज हस्तांतरित की है. यदि आपके अकाउंट में भी इसका पैसा नहीं आया तो आप इन बातों को फॉलो कर सकते हैं.

पीएम किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए जीवनरेखा बनी हुई है. हर चार महीने में किसानों के खाते में 2,000 रुपये की किस्त भेजी जाती है ताकि किसान अपनी खेती से जुड़ी जरूरतें पूरी कर सकें. इस बार 21वीं किस्त जारी हो चुकी है, लेकिन कई किसानों के खाते में अब तक पैसा नहीं पहुंचा है. ऐसे किसान परेशान हैं कि आखिर देरी क्यों हो रही है और इसे ठीक कराने के लिए कहां संपर्क करें.

अगर आप भी वही किसान हैं जिन्हें 21वीं किस्त का पैसा नहीं मिला है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. इस खबर में हम आपको बताएंगे क्यों किस्त अटकी हो सकती है और तुरंत किससे संपर्क कर समस्या दूर की जा सकती है.

क्यों अटक जाती है पीएम किसान की किस्त?

योजना के तहत पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है, लेकिन कई बार मामूली सी तकनीकी गलती की वजह से फंड रुक जाता है.

अगर आधार कार्ड और बैंक खाते में किसान का नाम अलग-अलग लिखा है, तो किस्त रुक सकती है. IFSC कोड, अकाउंट नंबर या बैंक का नाम गलत होने पर भी भुगतान अटक जाता है. सरकार ने ई-केवाईसी अनिवार्य किया है. जिन किसानों ने समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है.

किस्त न मिलने पर तुरंत कहां करें शिकायत?

किसान सीधे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकते हैं. सरकारी हेल्पलाइन सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में उपलब्ध रहती है. कॉल पर आपको आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी और रजिस्ट्रेशन नंबर पूछे जा सकते हैं, इसलिए इन्हें पास रखें.

  • PM-Kisan Helpline Number: 155261
  • दूसरा नंबर: 1800-11-5526
  • तीसरा नंबर: 011-23381092

पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट पर संपर्क करें

आप अपने मोबाइल से वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं. यहां “Help Desk” विकल्प चुनकर आप अपनी समस्या का विवरण दर्ज कर सकते हैं. पोर्टल आपकी शिकायत ट्रैक करने का भी विकल्प देता है.

बैंक शाखा से भी मिलें

कई बार भुगतान बैंक की तरफ से रुक जाता है. ऐसे मामलों में बैंक ब्रांच मैनेजर से मिलकर अपने खाते की स्थिति चेक कराएं. किसानों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक खाते में कोई KYC पेंडिंग न हो, आधार कार्ड बैंक से लिंक हो और खाते में कोई रोक (hold) न लगी हो.

किसान क्या करें ताकि अगली किस्त समय पर मिले?

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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