मूंगफली की बुवाई से पहले भूलकर भी न छोड़ें यह जरूरी काम, वरना कम हो सकती है आपकी पैदावार
Peanuts Cultivation Tips: मूंगफली की बुवाई के इस सीजन में बंपर पैदावार पाने के लिए किसानों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. अगर ये जरूरी काम मिस हो गया तो पूरी फसल पर असर पड़ सकता है.

Peanuts Cultivation Tips: खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसान बड़े पैमाने पर मूंगफली की बुवाई की तैयारियों में जुट जाते हैं. मूंगफली एक ऐसी नकदी फसल है जो सही तरीके से उगाई जाए तो किसानों की किस्मत बदल सकती है और बंपर मुनाफा दे सकती है. लेकिन अक्सर देखने में आता है कि बहुत से किसान भाई जोश-जोश में सीधे बुवाई शुरू कर देते हैं और कुछ बेहद बुनियादी मगर जरूरी स्टेप्स को मिस कर जाते हैं.
इसका खामियाजा बाद में कमजोर अंकुरण, फसलों में बीमारी और घटते उत्पादन के रूप में भुगतना पड़ता है. अगर आप भी इस सीजन में मूंगफली की खेती से रिकॉर्ड तोड़ पैदावार हासिल करना चाहते हैं. तो आपको पारंपरिक तरीकों से थोड़ा आगे बढ़कर कुछ साइंटिफिक और मॉडर्न बातों का ख्याल रखना होगा. इसलिए बुवाई से पहले के वो जरूरी काम जान लें जो आपकी फसल को सुपरहिट बना सकते हैं
बीज का सही चुनाव
मूंगफली की खेती में सबसे पहला और सबसे इम्पोर्टेन्ट कदम है एक सही और सर्टिफाइड वैरायटी के बीजों का चुनाव करना. जो आपके इलाके की मिट्टी और मौसम के अनुकूल हों. बाजार से अच्छे बीज लाने के बाद सीधे खेत में डालने की गलती बिल्कुल न करें.
सीड ट्रीटमेंट है जरूरी
बल्कि बुवाई से ठीक पहले बीज शोधन यानी सीड ट्रीटमेंट जरूर करें. इसके लिए आप फंगीसाइड जैसे कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडरमा का इस्तेमाल कर सकते हैं. जिससे बीज जनित बीमारियों और फंगस का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है.
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राइजोबियम कल्चर से उपचार करवाएं
इसके साथ ही बीजों को राइजोबियम कल्चर से उपचारित करना भी एक बेहतरीन स्मार्ट मूव है. यह प्रोसेस पौधों की जड़ों में नाइट्रोजन फिक्स करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है. जिससे पौधों को शुरुआती स्टेज में गजब की मजबूती मिलती है और फसल की ग्रोथ कमाल की होती है.
खेत की सही तैयारी का तरीका
बीज के बाद बारी आती है उस जमीन की जहां आपकी मूंगफली की फसल पलने वाली है. मूंगफली के बेहतर विकास के लिए खेत की गहरी जुताई करना बेहद जरूरी है जिससे मिट्टी बिल्कुल भुरभुरी हो जाए क्योंकि मिट्टी जितनी ढीली होगी.
मूंगफली की सूइयां उतनी ही आसानी से जमीन के अंदर जाएंगी और दानों का साइज बड़ा होगा. खेत तैयार करते समय आखिरी जुताई के वक्त अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट को मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें.
सही दूरी का रखें खास ख्याल
बुवाई करते समय लाइन से लाइन और पौधे से पौधे के बीच की सही दूरी का कड़ाई से पालन करें. बहुत पास-पास बीज बोने से पौधों को पूरा पोषण नहीं मिल पाता और हवा का सर्कुलेशन बिगड़ने से कीड़ों का अटैक बढ़ जाता है. इसलिए सही गैप मेंटेन करना ही समझदारी है.
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Source: IOCL

























