एक्सप्लोरर

इन सब्जियों की बार-बार होती है तुड़ाई, किसान की होती है लगातार कमाई

कम लागत में हर दिन बंपर मुनाफा. मिर्च, टमाटर और भिंडी जैसी इन सब्जियों की खेती से मालामाल हो रहे हैं किसान, एक बार बुवाई के बाद महीनों तक चलती है तुड़ाई, सालभर बनी रहती है रेगुलर इनकम का जरिया.

गेहूं और धान जैसी परंपरागत फसलों में किसान को साल में एक या दो बार ही फसल काटने और बेचने का मौका मिलता है, जिससे पूरे साल की कमाई एक ही बार में हाथ में आती है. लेकिन कुछ ऐसी सब्जियां भी हैं, जिनकी खेती करने वाले किसानों को हफ्तों और महीनों तक लगातार तुड़ाई का मौका मिलता रहता है. इन सब्जियों की खासियत यह है कि एक ही खेत से बार-बार उपज मिलती है, जिससे किसान की जेब में रुक-रुककर नहीं बल्कि लगातार पैसा आता रहता है. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ सब्जियों के बारे में, जो किसानों के लिए मुनाफे का बेहतर जरिया बन रही हैं.

भिंडी से रोजाना की कमाई

भिंडी की खेती किसानों के बीच खासी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें पौधा लगने के बाद कई हफ्तों तक लगातार भिंडी तोड़ी जा सकती है. एक हेक्टेयर खेत में भिंडी की खेती से करीब 150 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है. बीज पर खर्च ज्यादा नहीं आता, लेकिन जुताई, सिंचाई, खाद और तुड़ाई जैसे कामों को मिलाकर पूरी खेती में एक हेक्टेयर पर करीब दो लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि भिंडी की तुड़ाई हर दो-तीन दिन में की जा सकती है, जिससे किसान को मंडी में रोजाना या हफ्ते में कई बार सब्जी बेचने का मौका मिलता रहता है.

हरी मिर्च भी देती है लगातार मुनाफा

हरी मिर्च की खेती में भी बार-बार तुड़ाई की खासियत होती है. एक बार पौधा तैयार हो जाने के बाद महीनों तक मिर्च तोड़ी जा सकती है, जिससे किसान की कमाई का सिलसिला लंबे समय तक बना रहता है. बाजार में हरी मिर्च की मांग साल भर बनी रहती है, इसलिए किसानों को अच्छा दाम मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है.

लौकी, तोरी और कद्दू में कम मेहनत, अच्छी पैदावार

लौकी, तोरी और कद्दू जैसी बेल वाली सब्जियां भी किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होती हैं. इनकी खेती में देखभाल की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है, लेकिन उपज लगातार मिलती रहती है. एक बार बेल फैलने के बाद हफ्तों तक फल तोड़े जा सकते हैं, जिससे किसान को बार-बार खेत जोतने या नई फसल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.

यह भी पढ़ें: अपने किचन गार्डन में कैसे उगाएं लाल आलू? इनमें छिपा है सेहत का खजाना

टमाटर, बैंगन और पालक भी अच्छे विकल्प

टमाटर और बैंगन की खेती में भी एक बार पौधा लगने के बाद लंबे समय तक फल मिलता रहता है. रबी और खरीफ के बीच का खाली समय भी किसान इन सब्जियों को उगाकर पूरी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा पालक जैसी पत्तेदार सब्जी में भी एक ही खेत से कई बार कटाई की जा सकती है, क्योंकि कटाई के बाद पौधा दोबारा उग आता है. इससे किसान को एक ही बुआई में कई बार फसल मिलने का फायदा होता है.

यह भी पढ़ें: एक एकड़ में लगाएं ऑरेंज का बगीचा, हर साल इतना होगा मुनाफा

मंदसौर, मध्यप्रदेश के दीनदयाल पाटीदार ABP न्यूज में बतौर इंटर्न कार्यरत हैं. मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे दीनदयाल की जनरल नॉलेज (GK) और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है. वह खबरों को सटीक और ज्ञानवर्धक तरीके से पेश करने का हुनर रखते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

चारे की खेती के लिए मिलेंगे फ्री में बीज, किसान कैसे उठा सकते हैं फायदा?
चारे की खेती के लिए मिलेंगे फ्री में बीज, किसान कैसे उठा सकते हैं फायदा?
लकी ड्रॉ खेलिए, मिलेगा ट्रैक्टर और चारा काटने की मशीन; किसानों के लिए मौका
लकी ड्रॉ खेलिए, मिलेगा ट्रैक्टर और चारा काटने की मशीन; किसानों के लिए मौका
भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील लागू, जानें इससे किसानों को क्या होगा फायदा?
भारत-न्यूजीलैंड ट्रेड डील लागू, जानें इससे किसानों को क्या होगा फायदा?
अल नीनो की मार से फसल हुई बर्बाद? किसानों को ऐसे मिलेगा बीमा का पैसा
अल नीनो की मार से फसल हुई बर्बाद? किसानों को ऐसे मिलेगा बीमा का पैसा
Advertisement

वीडियोज

Sansani : साजिश की श्रद्धा....खेल खत्म ! | ABP
Ravana Dahan 2026 : विजयादशमी की धूम..देशभर में जश्न | Vijayadashami | Delhi | Ramlila Maidan
Janhit with Chitra Tripathi: फ्रांस की तरह भारत में भी 'आगजनी' की साजिश थी? | Rahul Gandhi | GenZ
Bharat ki Baat | UP Politics: राम के नाम से 2027 में किसकी 'विजय'? | UP News | Breaking | Akhilesh
Sandeep Chaudhary: यूरोप में विरोध का मंजर...भागवत को काहे का डर? | Delhi | Rahul Gandhi | Protest
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कश्मीर से लेकर पटना के गांधी मैदान तक दशहरे की धूम, पंचकूला में सबसे ऊंचे रावण का दहन
Photos: कश्मीर से लेकर पटना के गांधी मैदान तक दशहरे की धूम, पंचकूला में सबसे ऊंचे रावण का दहन
UP: फतेहपुर में दुर्गा विसर्जन के बाद बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से 3 की मौत
UP: फतेहपुर में दुर्गा विसर्जन के बाद बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से 3 की मौत
‘गुस्से में और निराश थे ट्रंप’, यूक्रेन वॉर पर US की पॉलिसी में बदलाव से रुबियो का इनकार
‘गुस्से में और निराश थे ट्रंप’, यूक्रेन वॉर पर US की पॉलिसी में बदलाव से रुबियो का इनकार
जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ, भारत ने 92 रनों से जीता तीसरा टी20; 3-0 से सीरीज
जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ, भारत ने 92 रनों से जीता तीसरा टी20; 3-0 से सीरीज
'रहना है तेरे दिल में' के 25 साल पूरे, दीया मिर्जा ने शेयर की फिल्म की पुरानी यादें
'रहना है तेरे दिल में' के 25 साल पूरे, दीया मिर्जा ने शेयर की फिल्म की पुरानी यादें
Explained: इस्लाम में किन-किन मामलों में मौत की सजा है, बांग्लादेशी कपल 'ताजीर' में क्यों फंसा?
इस्लाम में किन-किन मामलों में मौत की सजा है, बांग्लादेशी कपल 'ताजीर' में क्यों फंसा?
एयरचीफ मार्शल एपी सिंह ने भरी फ्लाइंग करियर की आखिरी उड़ान, बोले- 'मैं इकलौता चीफ जिस...'
एयरचीफ मार्शल एपी सिंह ने भरी फ्लाइंग करियर की आखिरी उड़ान, बोले- 'मैं इकलौता चीफ जिस...'
‘किसी ने बेटा, तो किसी ने पति खोया’, पंजाब में नशे को लेकर अमित शाह का AAP सरकार पर हमला
‘किसी ने बेटा, तो किसी ने पति खोया’, पंजाब में नशे को लेकर अमित शाह का AAP सरकार पर हमला
Embed widget