Solar Pump Subsidy: मिस्ड कॉल देकर खेत में लगवा सकते हैं सोलर सिस्टम, सब्सिडी भी मिलेगी
खेती में सिंचाई के लिए आज भी बड़ी संख्या में किसान डीजल पंप या बिजली आधारित मोटरों का इस्तेमाल करते हैं. डीजल की बढ़ती कीमत और कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों की लागत बढ़ा देती है.

Solar Pump Subsidy: हरियाणा सरकार ने किसानों को सस्ती ऊर्जा उत्पादन करने के लिए एक नई पहल शुरू की है.अब सरकार किसानों को सोलर पंप मिलने पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार ने मिस्ड कॉल आधारित सुविधा शुरू की है जिसके जरिए किस घर बैठे योजना से जुड़ सकते हैं और सोलर पंप पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं.
किसानों को क्यों दी जा रही सोलर पंप पर सब्सिडी?
खेती में सिंचाई के लिए आज भी बड़ी संख्या में किसान डीजल पंप या बिजली आधारित मोटरों का इस्तेमाल करते हैं. डीजल की बढ़ती कीमत और कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों की लागत बढ़ा देती है. ऐसे मेंस सोलर पंप किसानों के लिए एक किफायती ऑप्शन बन रहा है. सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक सिंचाई की सुविधा देते हैं और ईंधन पर होने वाला खर्च लगभग कम हो खत्म हो जाता है. यही वजह है कि सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
एक मिस्ड कॉल से होगा रजिस्ट्रेशन
योजना का लाभ लेने के लिए किसान अपने मोबाइल फोन से 1912 नंबर पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं. मिस कॉल मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी किसानों से संपर्क करेंगे और आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को ऑनलाइन आवेदन भरने या सरकारी कार्यालय में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी.
सोलर पंप पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
हरियाणा सरकार के अनुसार सोलर पंप की कुल लागत पर लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी. किसानों को केवल 25 प्रतिशत राशि का पेमेंट करना होगा. इससे छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने का अवसर मिलेगा और खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी.
डीजल खर्च से मिलेगी राहत
सिंचाई के लिए डीजल पंप चलाने वाले किसानों को हर सीजन हजार रुपये ईंधन खर्च करने पर पड़ते हैं. डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण खेती की लागत भी बढ़ती जा रही है. सोलर पंप लगाने के बाद किसानों को डीजल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे सिंचाई का खर्च कम होगा और खेती से होने वाला मुनाफा बढ़ सकेगा. वहीं सरकार ने योजना को आसान बनाने के लिए बिजली विभाग की प्रत्यक्ष एसडीओ कार्यालय में विशेष सोलर डेस्क या सोलर विंडो स्थापित करने का फैसला किया है. यहां किसानों को सोलर योजना और सब्सिडी आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी सहायता से जुड़ी सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी.
मिस्ड कॉल से कैसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन?
- योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को 1912 पर मिस्ड कॉल देना होगा.
- इसके बाद विभाग का प्रतिनिधि किसान से कांटेक्ट करेगा.
- फिर किसान की भूमि और आवश्यक डॉक्यूमेंट की जानकारी ली जाएगी
- इसके बाद एलिजिबिलिटी की जांच के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाएगा.
- इसके बाद सोलर पंप लगाने और सब्सिडी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
ये भी पढ़ें-Okra Farming: अपने खाली प्लॉट पर लगाएं भिंडी, पूरे मोहल्ले में खत्म हो जाएगा सब्जी का अकाल

























