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किचन गार्डन में कैसे उगा सकते हैं सेम, खत्म हो जाएगी एक सब्जी की टेंशन

Beans In Kitchen Garden: घर में ताजी सब्जियां उगाने का शौक रखने वालों के लिए सेम एक बेहतरीन ऑप्शन है. इसे आप बड़े गमले में आसानी से लगा सकते हैं. जान लें इसका सही तरीका.

Beans In Kitchen Garden: घर की छत या बालकनी में अपना छोटा सा किचन गार्डन बनाना आजकल हर किसी का शौक बनता जा रहा है. ताजी और केमिकल फ्री सब्जियां खाने का जो मजा है उसकी बात ही कुछ अलग होती है. अगर आप भी अपने गार्डन के लिए किसी ऐसी सब्जी की तलाश में हैं जो आसानी से उग जाए और लंबे समय तक भरपूर पैदावार दे तो सेम की फली यानी हयासिंथ बीन्स सबसे बेस्ट ऑप्शन है. 

सेम एक ऐसी बेल वाली सब्जी है जिसे बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं होती और यह कम देखभाल में भी तेजी से फैलती है. एक बार अगर इसकी बेल अच्छी तरह पकड़ बना ले तो आपके घर में हफ्तों तक सब्जी की टेंशन पूरी तरह खत्म हो जाती है. बाजार से महंगी और केमिकल वाली सेम खरीदने के बजाय आप इसे बेहद आसान तरीके से अपने घर के गमलों में उगा सकते हैं.

ऐसे तैयार करें मिट्टी और गमला

सेम उगाने के लिए हमेशा सही मिट्टी और अच्छी क्वालिटी के बीजों जरूरी होते हैं. इसके लिए आपको ऐसी मिट्टी तैयार करनी होगी जिसमें पानी जमा न हो. नॉर्मल मिट्टी में थोड़ा सा कोकोपीट और अच्छी मात्रा में गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर एक बढ़िया मिक्सचर तैयार कर लें. सेम की बेल काफी फैलती है इसलिए इसे लगाने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच का बड़ा गमला चुनें. 

बीज लगाने का आसान तरीका

बीजों को लगाने से पहले अगर आप उन्हें रातभर पानी में भिगोकर रख देंगे तो वह जल्दी अंकुरित होते हैं. गमले में करीब एक इंच की गहराई पर बीज दबा दें और हल्का सा पानी छिड़क दें. लगभग एक हफ्ते के अंदर छोटे-छोटे पौधे बाहर आने लगेंगे. जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं तो उन्हें ऊपर चढ़ने के लिए किसी लकड़ी, रस्सी या नेट का सहारा जरूर दें जिससे बेल अच्छे से फैल सके.

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धूप और पानी का ध्यान रखें 

सेम के पौधे को अच्छी ग्रोथ और ज्यादा फलियों के लिए भरपूर धूप की जरूरत होती है. अपने गमले को घर की ऐसी जगह पर रखें जहां कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप आती हो. पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे लेकिन वह कीचड़ जैसी न बने क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं. जब बेल में फूल आने शुरू हों, तो हर 15 से 20 दिन में थोड़ी सी कंपोस्ट खाद या नीम खली डालते रहें इससे फलियां मोटी और ज्यादा संख्या में आएंगी. 

कीड़ों से बचाव के टिप्स

कई बार सेम के पौधों पर काले कीड़े हमला कर देते हैं. इनसे बचने के लिए आपको किसी केमिकल की जरूरत नहीं है बस पानी में थोड़ा सा नीम का तेल और लिक्विड सोप मिलाकर हफ्ते में एक बार पौधों पर स्प्रे कर दें. लगभग दो से ढाई महीने में आपकी होममेड ताजी सेम तोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाएगी.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

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